कक्षा ५ गणित अध्याय 10 अक्षरों को घुमाना के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
नीचे दिए गए अक्षरों का अवलोकन कीजिए। जब इन्हें घुमाते हैं तो क्या समान दिखाई देते हैं? अक्षरों की दिशा ज्ञात करने के लिए उन पर बिंदु बनाए गए हैं। आप अक्षरों को काटकर उनके केंद्र बिंदु पर एक कील लगा सकते हैं अथवा अनुरेखण कागज (ट्रेसिंग पेपर) का उपयोग करके देख सकते हैं कि घुमाने पर अक्षर एक जैसे दिखाई देते हैं अथवा नहीं। (H, I, X और Y के लिए सारणी पूरी कीजिए।)
मूल अक्षर14 घुमाव12 घुमाव34 घुमावपूर्ण घुमावघूर्णन सममिति (हाँ/नहीं)
हाँ, 12 घुमाव पर
     
     
     
पुस्तक की सारणी। लाल बिंदु वह केंद्र है जिसके चारों ओर अक्षर घुमाया जाता है; छोटे सफ़ेद बिंदु अक्षर के साथ घूमते हैं जिससे पता चलता है कि अक्षर कहाँ पहुँचा। H की पंक्ति पहले से भरी हुई है।
उत्तर

पूरी की हुई सारणी यहाँ है। H, I और X — तीनों में 1/2 घुमाव पर घूर्णन सममिति है। Y में कोई घूर्णन सममिति नहीं है।

मूल अक्षर1/4 घुमाव1/2 घुमाव3/4 घुमावपूरा घुमावघूर्णन सममिति (हाँ/नहीं)
Hलेटा हुआ दिखता हैसमान दिखता है — Hफिर लेटा हुआसमान दिखता है — Hहाँ, 1/2 घुमाव पर
I (सीधी छड़)आड़ी लेट जाती हैसमान दिखती है — Iफिर आड़ीसमान दिखती है — Iहाँ, 1/2 घुमाव पर
Xजोड़ (+) जैसा दिखता हैसमान दिखता है — Xफिर + जैसासमान दिखता है — Xहाँ, 1/2 घुमाव पर
Yभुजाएँ बाईं ओरउलटा, भुजाएँ नीचेभुजाएँ दाईं ओरसमान दिखता है — Yनहीं

किसी अक्षर की जाँच कैसे करें — स्वयं कीजिए:

  1. अक्षर को कागज से काटिए, या ट्रेसिंग पेपर पर उतार लीजिए।
  2. उसका केंद्र पिन या कील से स्थिर कीजिए। पुस्तक का लाल बिंदु यही केंद्र दिखाता है।
  3. एक-चौथाई घुमाइए और छपे हुए अक्षर से मिलाइए।
  4. घुमाते रहिए — आधा, तीन-चौथाई, पूरा। हर बार मेल खाने पर लिख लीजिए।
  5. यदि पूरा घुमाव पूरा होने से पहले ही मेल खा जाए, तो अक्षर में घूर्णन सममिति है।
सफ़ेद बिंदु क्यों बनाए गए हैं: अक्षर समान दिख सकता है पर वह सचमुच घूम चुका होता है। छोटे सफ़ेद बिंदु अक्षर के साथ घूमते हैं और बताते हैं कि वह कितना घूमा। पर गिनती आकृति के मेल खाने की होती है, बिंदु की नहीं।
प्र2.
अक्षर I — क्या यह 1/4, 1/2, 3/4 और पूरे घुमाव पर समान दिखता है? क्या इसमें घूर्णन सममिति है (हाँ/नहीं)?
उत्तर

हाँ — अक्षर I में घूर्णन सममिति है, 1/2 घुमाव पर। 1/4 और 3/4 घुमाव पर यह समान नहीं दिखता।

आरंभ1/4 घुमाव1/2 घुमाव3/4 घुमावपूरा अलगसमानअलगसमान
खड़ी, लेटी, खड़ी, लेटी। केवल खड़ी वाली स्थितियाँ आरंभ से मेल खाती हैं।
1/4 घुमाव → छड़ लेट जाती है → अलग
1/2 घुमाव → छड़ फिर खड़ी हो जाती है → समान
3/4 घुमाव → छड़ लेट जाती है → अलग
पूरा घुमाव → आरंभ की स्थिति → समान
घूर्णन सममिति: हाँ, 1/2 घुमाव पर
क्यों: अक्षर I बस एक सीधी छड़ है। इसका ऊपरी सिरा और निचला सिरा बिल्कुल एक जैसे दिखते हैं। इसलिए उलटा कर देने पर भी दिखने में कोई अंतर नहीं आता।
प्र3.
अक्षर X — क्या यह 1/4, 1/2, 3/4 और पूरे घुमाव पर समान दिखता है? क्या इसमें घूर्णन सममिति है (हाँ/नहीं)?
उत्तर

हाँ — अक्षर X में घूर्णन सममिति है, 1/2 घुमाव पर। 1/4 घुमाव पर वह जोड़ के चिह्न (+) जैसा हो जाता है, जो X जैसा नहीं है।

आरंभ1/4 घुमाव1/2 घुमाव3/4 घुमावपूरा अलगसमानअलगसमान
एक-चौथाई घुमाव पर X सीधा खड़ा होकर + बन जाता है। आधे घुमाव पर X वापस आ जाता है।
1/4 घुमाव → + जैसा दिखता है → अलग
1/2 घुमाव → X जैसा दिखता है → समान
3/4 घुमाव → + जैसा → अलग
पूरा घुमाव → समान
घूर्णन सममिति: हाँ, 1/2 घुमाव पर
1/4 घुमाव पर क्यों नहीं: X की चारों भुजाएँ बराबर दूरी पर हैं, पर वे जोड़ों में आधे घुमाव की दूरी पर बैठी हैं। एक-चौथाई घुमाने पर भुजा वहाँ चली जाती है जहाँ पहले खाली जगह थी, इसलिए अक्षर का झुकाव बदल जाता है।
क्या आप जानते हैं? इस सारणी में X ही अकेला ऐसा अक्षर है जिसमें सममिति रेखाएँ भी हैं — एक खड़ी और एक लेटी हुई। इसलिए X में परावर्तन और घूर्णन, दोनों सममितियाँ हैं।
प्र4.
अक्षर Y — क्या यह 1/4, 1/2, 3/4 और पूरे घुमाव पर समान दिखता है? क्या इसमें घूर्णन सममिति है (हाँ/नहीं)?
उत्तर

नहीं — अक्षर Y में घूर्णन सममिति नहीं है। यह केवल पूरे घुमाव पर आरंभ से मेल खाता है, और पूरा घुमाव नहीं गिना जाता।

आरंभ1/4 घुमाव1/2 घुमाव3/4 घुमावपूरा अलगअलगअलगसमान
आरंभ में Y की दोनों भुजाएँ ऊपर हैं। हर आंशिक घुमाव के बाद वे कहीं और चली जाती हैं।
1/4 घुमाव → भुजाएँ बगल में → अलग
1/2 घुमाव → भुजाएँ नीचे → अलग
3/4 घुमाव → भुजाएँ दूसरी ओर → अलग
पूरा घुमाव → आरंभ की स्थिति → समान
घूर्णन सममिति: नहीं
क्यों: Y में ऊपर दो भुजाएँ हैं और नीचे एक लंबी डंडी। ऊपर और नीचे एक जैसे नहीं हैं। इसलिए कोई भी आंशिक घुमाव उसे वैसा नहीं बना सकता।
पर Y सममिति से खाली नहीं है: Y में एक उर्ध्वाधर सममिति रेखा है। बीच से मोड़िए तो बाईं भुजा दाईं भुजा पर बैठ जाती है। इसलिए Y में परावर्तन सममिति है, घूर्णन सममिति नहीं।
क्या यह उपयोगी रहा?