कक्षा ५ गणित अध्याय 10 आइए करके देखें के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
अंकों में सममिति ज्ञात कीजिए। 1 2 3 4 5 6 7 8 9 0 — कौन-से अंक (अंकों) में परावर्तन सममिति है? ___________________________
उत्तर

0, 1, 3 और 8 में।

हर अंक की जाँच वैसे ही कीजिए जैसे अक्षरों की की थी — उस पर एक रेखा खींचिए और मोड़िए। अंकों का वही रूप लीजिए जो आपकी पुस्तक में छपा है — वहाँ अंक 1 एक सीधी छड़ है, न ऊपर झंडी, न नीचे पाया।

3802 1 — दोनों रेखाएँ3 — क्षैतिज रेखा8 — दोनों रेखाएँ0 — दोनों रेखाएँ2 — कोई रेखा नहीं लाल बिंदुदार रेखाएँ सममिति रेखाएँ हैं।
तुलना के लिए अंक 2 भी दिखाया गया है — उस पर कोई मोड़ काम नहीं करता।
अंकसममिति रेखा है?कौन-सी रेखा
0हाँउर्ध्वाधर और क्षैतिज
1 (छड़)हाँउर्ध्वाधर और क्षैतिज
2नहीं
3हाँक्षैतिज
4नहीं
5नहीं
6नहीं
7नहीं
8हाँउर्ध्वाधर और क्षैतिज
9नहीं
3 में केवल क्षैतिज रेखा क्यों: 3 का ऊपरी वक्र और निचला वक्र एक जैसे हैं। आर-पार मोड़ने पर वे एक-दूसरे पर बैठ जाते हैं। पर 3 की बाईं ओर खुली है और दाईं ओर गोल, इसलिए खड़ी रेखा पर मोड़ काम नहीं करता।
स्वयं जाँचिए: एक छोटा दर्पण 3 की क्षैतिज रेखा पर सीधा खड़ा कीजिए और उसमें देखिए। फिर से 3 ही दिखेगा। अब दर्पण को 3 के बीच से खड़ा कीजिए — कोई अजीब आकृति दिखेगी, 3 नहीं।
प्र2.
कौन-से अंक (अंकों) में घूर्णन सममिति है? ___________________________
उत्तर

0, 1 और 8 — तीनों 1/2 घुमाव पर समान दिखते हैं।

घुमाने से पहले1/2 घुमाव के बाद 80 8 0 पन्ने को उलटा कीजिए। ये वैसे ही पढ़े जाते हैं।
कागज उलटा करने पर 1, 8 और 0 में कोई अंतर नहीं आता।
1 उलटा → 1
8 उलटा → 8
0 उलटा → 0
6 उलटा → 9 ✗ (दूसरा अंक बन जाता है)
9 उलटा → 6 ✗
6 और 9 क्यों नहीं गिने जाते: घूर्णन सममिति का अर्थ है कि आकृति स्वयं जैसी ही फिर दिखे। 6 को आधा घुमाने पर वह 9 बन जाता है। 9 दूसरा अंक है, इसलिए अकेले 6 में घूर्णन सममिति नहीं है।
करके देखिए: एक कार्ड पर 1, 8 और 0 बड़े-बड़े लिखिए। कार्ड को उलटा करके मित्रों को दिखाइए। वे बता ही नहीं पाएँगे कि आपने कार्ड घुमाया है।
प्र3.
कौन-से अंक में घूर्णन एवं परावर्तन दोनों सममितियाँ हैं? ________
उत्तर

0, 1 और 8 में।

  1. जिन अंकों में सममिति रेखा है: 0, 1, 3, 8।
  2. जिन अंकों में घूर्णन सममिति है: 0, 1, 8।
  3. दोनों सूचियों में जो हैं: 0, 1 और 8।
परावर्तन: {0, 1, 3, 8}
घूर्णन: {0, 1, 8}
दोनों: {0, 1, 8}
केवल परावर्तन: 3
कोई नहीं: 2, 4, 5, 6, 7, 9
3 क्यों छूट गया: 3 क्षैतिज रेखा पर ठीक-ठीक मुड़ता है, इसलिए उसमें परावर्तन सममिति है। पर 3 को उलटा कीजिए तो उलटे E जैसी कोई आकृति बनती है — 3 नहीं। इसलिए उसमें घूर्णन सममिति नहीं है।
क्या आप जानते हैं? यहाँ ऐसा कोई अंक नहीं है जिसमें घूर्णन सममिति हो पर सममिति रेखा हो। पर अक्षरों में N ठीक ऐसा ही है।
प्र4.
अब आइए निम्नलिखित संख्याओं को देखें– 11 , 1001. क्या इनमें (क) घूर्णन सममिति (ख) परावर्तन सममिति अथवा (ग) दोनों सममितियाँ हैं?
उत्तर

(ग) दोनों सममितियाँ। 11 और 1001, दोनों में परावर्तन सममिति भी है और घूर्णन सममिति भी।

याद रखिए, पुस्तक में हर 1 एक सीधी छड़ है और हर 0 एक चिकना अंडाकार।

11 1001 दोनों संख्याएँ खड़ी रेखा पर भी और लेटी रेखा पर भी मुड़ जाती हैं।
दोनों संख्याएँ दर्पण में भी और उलटा करने पर भी वैसी ही पढ़ी जाती हैं।

जाँच 1 — मोड़ने वाली जाँच (परावर्तन):

  1. 11 को बीच से, दोनों छड़ों के बीच मोड़िए। बाईं छड़ दाईं छड़ पर बैठ जाती है। ✓
  2. 11 को आर-पार मोड़िए। हर छड़ अपने ही ऊपर बैठ जाती है। ✓
  3. 1001 को बीच से, दोनों शून्यों के बीच मोड़िए। बायाँ 1 दाएँ 1 पर और बायाँ 0 दाएँ 0 पर बैठ जाता है। ✓
  4. 1001 को आर-पार मोड़िए। हर अंक अपने ही ऊपर बैठ जाता है। ✓

जाँच 2 — घुमाने वाली जाँच (घूर्णन):

11 को आधा घुमाइए → छड़ें छड़ें ही रहती हैं → पढ़ा जाता है 11
1001 को आधा घुमाइए → 1 वही रहता है, 0 वही रहता है, और क्रम उलट जाता है → पढ़ा जाता है 1001
क्रम उलटने से बात क्यों नहीं बिगड़ती: आधा घुमाव अंकों का क्रम उलट देता है। 1001 का उलटा क्रम भी 1‑0‑0‑1 ही है — वही संख्या। जो संख्याएँ आगे से और पीछे से एक जैसी पढ़ी जाती हैं, वे घुमाव में भी बच जाती हैं।
प्र5.
2-, 3- और 4-अंकीय संख्याओं के उदाहरण दीजिए जिनमें घूर्णन सममिति, परावर्तन सममिति अथवा दोनों सममिति हो।
उत्तर

हर प्रकार के उदाहरण यहाँ हैं। पहले यह याद कीजिए कि कौन-से अंक काम आते हैं।

  • क्षैतिज सममिति रेखा के लिए केवल 0, 1, 3, 8 लीजिए। ये अकेले-अकेले आर-पार मुड़ जाते हैं और अंकों का क्रम भी वैसा ही रहता है।
  • उर्ध्वाधर सममिति रेखा के लिए केवल 0, 1, 8 लीजिए, और संख्या उलटी पढ़ने पर भी वही होनी चाहिए।
  • 1/2 घुमाव के लिए 0, 1, 8 (जो वही रहते हैं) और जोड़ी 6, 9 (जो आपस में बदल जाते हैं) लीजिए, और क्रम उलटने पर भी संख्या वही रहनी चाहिए।
कितने अंकपरावर्तन सममितिघूर्णन सममितिदोनों
2-अंकीय13, 30, 38 (क्षैतिज रेखा); 11, 88 (उर्ध्वाधर रेखा)69, 96, 11, 8811, 88
3-अंकीय318, 803 (क्षैतिज रेखा); 101, 181, 808 (उर्ध्वाधर रेखा)619, 916, 101, 111, 808101, 181, 808, 888
4-अंकीय3018, 8130 (क्षैतिज रेखा); 1001, 1881, 8008 (उर्ध्वाधर रेखा)6009, 1691, 1001, 81181001, 1881, 8008, 8118

दो उदाहरण जाँचिए:

69 को आधा घुमाइए: 6 → 9 और 9 → 6, और क्रम उलट जाता है
इसलिए 69 → 69 ✓ घूर्णन सममिति

318 को क्षैतिज रेखा पर मोड़िए: 3 → 3, 1 → 1, 8 → 8, क्रम वही
इसलिए 318 → 318 ✓ परावर्तन सममिति (क्षैतिज रेखा)
घुमाने पर क्रम क्यों उलटता है और आर-पार मोड़ने पर नहीं: आधा घुमाव संख्या को सिरे से सिरे तक पलट देता है, इसलिए अंतिम अंक पहले आ जाता है। क्षैतिज रेखा पर मोड़ने से हर अंक केवल ऊपर-नीचे पलटता है; अंक अपनी-अपनी जगह पर ही रहते हैं।
करके देखिए: एक पर्ची पर 1691 लिखकर उसे उलटा कीजिए। वह फिर भी 1691 ही पढ़ी जाएगी। अब 1961 के साथ करके देखिए — ध्यान से देखने पर पता चलेगा कि यह काम नहीं करता। हर क्रम नहीं चलता, कुछ ही चलते हैं।
क्या यह उपयोगी रहा?