प्र1.
उपयुक्त प्रारूप में समय लिखकर रिक्त स्थानों को भरिए। पूर्वाह्न 05:30 — 05:30 बजे; ………… — 08:35 बजे; पूर्वाह्न 11:55 — ……… बजे; अपराह्न 02:30 — 14:30 बजे; अपराह्न 05:30 — ……… बजे; अपराह्न 09:35 — ……… बजे।
उत्तर
पूरी की हुई तालिका नीचे दी गई है। पुस्तक ने जो दो पंक्तियाँ भरी हुई दी हैं, वे ही पूरा तरीका बता देती हैं।
| 12 घंटे के प्रारूप में समय | 24 घंटे के प्रारूप में समय |
|---|---|
| पूर्वाह्न 05:30 | 05:30 बजे |
| पूर्वाह्न 08:35 | 08:35 बजे |
| पूर्वाह्न 11:55 | 11:55 बजे |
| अपराह्न 02:30 | 14:30 बजे |
| अपराह्न 05:30 | 17:30 बजे |
| अपराह्न 09:35 | 21:35 बजे |
नियम, केवल दो पंक्तियों में:
- पूर्वाह्न का समय → वही अंक लिखिए, बस पूर्वाह्न के स्थान पर बजे कहिए। कुछ नहीं बदलता।
- अपराह्न का समय → घंटे में 12 जोड़ दीजिए। मिनट कभी नहीं बदलते।
08:35 बजे 12 से पहले है, अत: यह सुबह है → पूर्वाह्न 08:35
पूर्वाह्न 11:55 सुबह है → 11:55 बजे
अपराह्न 05:30 → 5 + 12 = 17 → 17:30 बजे
अपराह्न 09:35 → 9 + 12 = 21 → 21:35 बजे
पूर्वाह्न 11:55 सुबह है → 11:55 बजे
अपराह्न 05:30 → 5 + 12 = 17 → 17:30 बजे
अपराह्न 09:35 → 9 + 12 = 21 → 21:35 बजे
12 क्यों जोड़ते हैं: पूरा दिन 24 घंटे का होता है, परंतु घड़ी के डायल पर केवल 12 अंक हैं। इसलिए वही 12 अंक दिन में दो बार काम आते हैं। 24 घंटे का प्रारूप अंकों को दोहराता नहीं — वह 12 दोपहर के बाद 13, 14, 15 करते हुए 23 तक गिनता चला जाता है। हर अपराह्न का घंटा अपने पूर्वाह्न वाले जोड़ीदार से 12 घंटे बाद आता है, इसलिए 12 जोड़ते हैं।
आपने यह कहाँ देखा है: रेल के टिकट या बस अड्डे के बोर्ड को देखिए। 17:30 बजे की गाड़ी का अर्थ है शाम 5:30 बजे की गाड़ी। किसी को पूछना नहीं पड़ता कि सुबह है या शाम — 24 घंटे के प्रारूप का पूरा लाभ यही है।