राघव ने पूर्वाह्न 05:35 पर योगाभ्यास प्रारंभ किया। अर्थात सुबह छह बजने में 25 मिनट पहले।
पुस्तक का पहला चित्र देखिए। राघव हाथ जोड़े खड़ा है और उसके पीछे की घड़ी ही पढ़नी है।
कोई भी घड़ी इस तरह पढ़िए।
- छोटी मोटी सुई ढूँढ़िए। यह घंटे की सुई है। चित्र में यह 5 और 6 के बीच है। यह 5 को पार कर चुकी है, अत: घंटा 5 है।
- लंबी सुई ढूँढ़िए। यह मिनट की सुई है। यह 7 की ओर इशारा कर रही है।
- उस अंक को मिनटों में बदलिए। हर बड़ा अंक 5 मिनट का होता है। अत: 7 तक पाँच-पाँच करके गिनिए: 5, 10, 15, 20, 25, 30, 35।
- दोनों को मिलाइए। घंटा 5 और 35 मिनट, अर्थात 5:35।
- पूर्वाह्न या अपराह्न? पुस्तक कहती है कि राघव प्रात:काल योगाभ्यास करता है, अत: यह पूर्वाह्न है।
मिनट की सुई → 7 पर → 7 × 5 = 35 मिनट
समय = पूर्वाह्न 05:35