कक्षा ५ गणित अध्याय 13 छुपी हुई संख्याओं को ढूँढ़ें के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
(क) यदि आप बक्से से बाहर आती हुई 4 संख्याओं को देखते हैं तो क्या आप गुणक का अनुमान लगा सकते हैं?
उत्तर

गुणक 1, 2 या 4 हो सकता है।

बक्सा हर संख्या के साथ एक ही काम करता है — उसे गुणा कर देता है। इसलिए गुणक ऐसा होना चाहिए जो बाहर आई चारों संख्याओं — 28, 36, 48 और 72 — में पूरा-पूरा समा जाए।

  1. 28 को पूरा-पूरा विभाजित करने वाली सभी संख्याएँ लिखिए। 1, 2, 4, 7, 14, 28।
  2. 36 के लिए भी वही कीजिए। 1, 2, 3, 4, 6, 9, 12, 18, 36।
  3. 48 के लिए। 1, 2, 3, 4, 6, 8, 12, 16, 24, 48।
  4. 72 के लिए। 1, 2, 3, 4, 6, 8, 9, 12, 18, 24, 36, 72।
  5. जो संख्याएँ चारों सूचियों में हैं उन पर निशान लगाइए। केवल 1, 2 और 4 चारों में हैं।
28 = 4 × 7
36 = 4 × 9
48 = 4 × 12
72 = 4 × 18

अतः गुणक 4 हो सकता है (और 2 या 1 भी)
ऐसा क्यों होता है: जो संख्या किसी दूसरी संख्या को पूरा-पूरा विभाजित कर दे और शेष कुछ न बचे, उसे गुणनखंड कहते हैं। गुणक को बाहर आई हर संख्या का गुणनखंड होना ही था, क्योंकि बक्से ने गुणा करके ही वे संख्याएँ बनाई थीं।
ध्यान दीजिए: तीनों में 4 सबसे बड़ा है, इसलिए वही सबसे रोचक उत्तर है। गुणक 1 होने का अर्थ होगा कि बक्से ने कुछ किया ही नहीं।
प्र2.
(ख) क्या यहाँ एक से अधिक गुणक संभव हो सकते हैं?
उत्तर

हाँ। तीन गुणक संभव हैं — 1, 2 और 4।

गुणकक्या यह 28, 36, 48 व 72 को पूरा-पूरा विभाजित करता है?
1हाँ — 1 हर संख्या को विभाजित करता है
2हाँ — चारों संख्याएँ सम हैं
4हाँ — 28 = 4 × 7, 36 = 4 × 9, 48 = 4 × 12, 72 = 4 × 18
3नहीं — 28 ÷ 3 में 1 शेष बचता है
6नहीं — 28 ÷ 6 में 4 शेष बचता है
ऐसा क्यों होता है: 1, 2 और 4, संख्याओं 28, 36, 48 व 72 के उभयनिष्ठ गुणनखंड हैं — यानी वे गुणनखंड जो चारों में साझा हैं। इनमें से कोई भी गुणक हो सकता था।
स्वयं जाँचिए: 8 को आज़माइए। 48 ÷ 8 = 6 और 72 ÷ 8 = 9 सही हैं, पर 28 ÷ 8 में 4 शेष बचता है। इसलिए 8 उभयनिष्ठ गुणनखंड नहीं है।
प्र3.
(ग) कौन-सी संख्याएँ बक्से के अंदर रखी गई होंगी?
उत्तर

यह इस पर निर्भर है कि बक्सा किस गुणक से गुणा कर रहा था। तीनों संभावनाएँ नीचे दी गई हैं।

यदि गुणक है…तो अंदर रखी संख्याएँ थीं…हल
47, 9, 12, 1828 ÷ 4 = 7, 36 ÷ 4 = 9, 48 ÷ 4 = 12, 72 ÷ 4 = 18
214, 18, 24, 3628 ÷ 2 = 14, 36 ÷ 2 = 18, 48 ÷ 2 = 24, 72 ÷ 2 = 36
128, 36, 48, 721 से गुणा करने पर कुछ नहीं बदलता
पीछे लौटने के लिए भाग दीजिए।
बाहर आई संख्या ÷ गुणक = अंदर रखी गई संख्या
28 ÷ 4 = 7
ऐसा क्यों होता है: गुणा और भाग एक-दूसरे का उल्टा काम करते हैं। बक्से ने गुणा किया था, इसलिए अंदर की संख्या पाने के लिए भाग देना होगा।
चित्र फिर देखिए: बक्से के पास हल्के रंग में कुछ संख्याएँ लिखी हैं — 12, 7 और 18 उनमें से हैं। गुणक 4 मानने पर तीनों उत्तर में आती हैं।
प्र4.
अपने विचारों को कक्षा में साझा कीजिए। यह खेल आप अपने मित्रों के साथ भी खेल सकते हैं।
उत्तर

नमूना उत्तर: बक्सा 4 से गुणा कर रहा होगा। बाहर आई चारों संख्याओं — 28, 36, 48 और 72 — को 4-4 के बराबर समूहों में बाँटा जा सकता है और कुछ भी शेष नहीं बचता। इसलिए अंदर 7, 9, 12 और 18 रखी गई थीं। गुणक 2 भी चल सकता है, और 1 भी, पर 1 का अर्थ होगा कि बक्से ने कुछ बदला ही नहीं।

मित्रों के साथ खेल कैसे खेलें — चरण दर चरण:

  1. एक साथी 'बक्सा' बनेगा। वह चुपचाप एक गुणक चुन लेगा, मान लीजिए 6।
  2. बाकी साथी संख्याएँ बोलेंगे। मान लीजिए 3, 5 और 8।
  3. बक्सा उत्तर देगा। वह बोलेगा 18, 30 और 48 — हर संख्या को 6 से गुणा करके।
  4. अब गुणक पहचानिए। वह सबसे बड़ी संख्या खोजिए जो 18, 30 व 48 को पूरा-पूरा विभाजित करे। वह है 6।
  5. बारी बदलिए और फिर से खेलिए।
यह भी कीजिए: गुणक 7 या 9 चुनकर खेल को कठिन बनाइए। तब बाहर आने वाली संख्याएँ बड़ी होंगी और साथियों को अनुमान की जगह गुणनखंड खोजने पड़ेंगे।
प्र5.
जब किसी संख्या को व्यूह में व्यवस्थित किया जाए तो यह संख्या के गुणनखंडों को दर्शाता है। क्या कोई अन्य संख्याएँ हैं जो 15 की गुणनखंड हों? संख्या 15 के लिए अन्य व्यूह बनाने का प्रयत्न कीजिए।
उत्तर

हाँ। 3 और 5 के अलावा 1 तथा 15 भी 15 के गुणनखंड हैं। इस प्रकार 15 के कुल चार गुणनखंड हैं — 1, 3, 5 और 15

व्यूह का अर्थ है गोटियों को बराबर पंक्तियों में आयत की तरह सजाना। हर आयत गुणनखंडों का एक जोड़ा देता है।

3 × 5 = 155 × 3 = 15
15 के दो आयत। दोनों में 15 गोटियाँ हैं — एक दूसरे को घुमाने पर बनता है।
1 × 15 = 15
तीसरा आयत: 15 गोटियों की एक ही पंक्ति। इससे गुणनखंड 1 और 15 मिलते हैं।
3 × 5 = 15 → गुणनखंड 35
5 × 3 = 15 → वही दो गुणनखंड
1 × 15 = 15 → गुणनखंड 115

15 के गुणनखंड = 1, 3, 5, 15
ऐसा क्यों होता है: यदि गोटियाँ बिना खाली जगह छोड़े आयत में बैठ जाएँ, तो पंक्तियों की संख्या कुल गोटियों को पूरा-पूरा विभाजित करती है। गुणनखंड का यही अर्थ है। जो आयत बन ही न सके — जैसे 4 पंक्तियों वाला — उसका अर्थ है कि 4, 15 का गुणनखंड नहीं है।
स्वयं जाँचिए: 2 पंक्तियाँ बनाकर देखिए। 15 गोटियाँ दो बराबर पंक्तियों में नहीं बँटतीं — एक में 7 और दूसरी में 8 आएँगी। इसलिए 2, 15 का गुणनखंड नहीं है।
प्र6.
आइए संख्या 12 के लिए व्यूह बनाते हैं। (पुस्तक में 3 × 4 = 12, 2 × 6 = 12 और 1 × 12 = 12 दिखाए गए हैं।) 12 के गुणनखंड कौन-कौन से हैं?
उत्तर

12 के गुणनखंड हैं 1, 2, 3, 4, 6 और 12 — कुल छह।

3 × 4 = 122 × 6 = 12
पुस्तक में दिए गए 12 के दो आयत।
1 × 12 = 12
तीसरा आयत: 12 गोटियों की एक लंबी पंक्ति।

हर आयत गुणनखंडों का एक जोड़ा देता है। सारे जोड़े इकट्ठे कीजिए:

1 × 12 = 12 → 1 और 12
2 × 6 = 12 → 2 और 6
3 × 4 = 12 → 3 और 4

12 के गुणनखंड = 1, 2, 3, 4, 6, 12
ऐसा क्यों होता है: आयत को घुमा देने से गुणनखंडों का वही जोड़ा मिलता है। 4-4 की 3 पंक्तियाँ और 3-3 की 4 पंक्तियाँ — दोनों में 12 गोटियाँ हैं। इसीलिए छह गुणनखंड पाने के लिए तीन ही आयत काफी हैं।
ध्यान रखिए: गुणनखंड खोजने के लिए 1, फिर 2, फिर 3, फिर 4 … आज़माते जाइए और जब जोड़े दोहराने लगें तब रुक जाइए। 12 में 3 × 4 के बाद अगली बारी 4 × 3 की है, जो पहले ही आ चुका है।
क्या यह उपयोगी रहा?