कक्षा ५ गणित अध्याय 4 क्रमागत संख्याओं का योगफल के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
ऊपर दिए गए प्रत्येक बक्सों में बताइए कि योगफल सम संख्या है अथवा विषम संख्या। ऐसा क्यों है? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर

2 क्रमागत संख्याओं के बक्से में हर योगफल विषम है। 3 के बक्से में योगफल बारी-बारी से सम और विषम हैं। 4 के बक्से में हर योगफल सम है।

बक्साछपे हुए योगफलसम अथवा विषम
2 क्रमागत संख्याएँ3, 5, 7, 9सभी विषम
3 क्रमागत संख्याएँ6, 9, 12, 15सम, विषम, सम, विषम
4 क्रमागत संख्याएँ10, 14, 18, 22सभी सम

2 के बक्से में केवल विषम योगफल क्यों आते हैं

  1. दो क्रमागत संख्याओं में एक सदैव सम और एक विषम होती है — जैसे 3 और 4, अथवा 4 और 5।
  2. सम संख्या पूरी तरह युग्मों में बँट जाती है। विषम संख्या में एक गोटी अकेली बच जाती है।
  3. उस अकेली गोटी का कोई साथी नहीं मिलता, इसलिए कुल योग विषम रहता है।

4 के बक्से में केवल सम योगफल क्यों आते हैं

  1. चार क्रमागत संख्याओं में दो सम और दो विषम होती हैं — जैसे 3, 4, 5, 6।
  2. दोनों सम संख्याएँ युग्मों में पूरी बँट जाती हैं, कुछ शेष नहीं बचता।
  3. दोनों विषम संख्याएँ एक-एक गोटी अकेली छोड़ती हैं, और वे दोनों मिलकर एक और युग्म बना लेती हैं।
  4. कुछ शेष नहीं बचता, इसलिए कुल योग सम होता है।

3 के बक्से में योगफल बदलते क्यों रहते हैं

  1. 3 क्रमागत संख्याओं का योग बीच वाली संख्या का 3 गुना होता है: 1 + 2 + 3 = 3 × 2 = 6।
  2. बीच की संख्याएँ हैं 2, 3, 4, 5 — सम, विषम, सम, विषम, एक के बाद एक।
  3. 3 × सम संख्या सम होती है; 3 × विषम संख्या विषम होती है।
  4. इसलिए योगफल सम, विषम, सम, विषम चलते रहते हैं।
यह भी कीजिए: 1, 2, 3 और 4 से आरंभ करके 5 क्रमागत संख्याओं के योगफल लिखिए। आपको 15, 20, 25, 30 मिलेंगे — फिर वही विषम-सम क्रम, और कारण भी 3 वाले बक्से जैसा ही।
प्र2.
प्रत्येक बक्सों में दो क्रमिक योगफल के मध्य क्या अंतर है? क्या यह पूर्णतया एक जैसा है?
उत्तर

हाँ, प्रत्येक बक्से में यह अंतर पूरे समय एक जैसा रहता है। अंतर उतना ही होता है जितनी संख्याएँ जोड़ी जा रही हैं

बक्सायोगफलहर बार का अंतर
2 क्रमागत संख्याएँ3 → 5 → 7 → 92
3 क्रमागत संख्याएँ6 → 9 → 12 → 153
4 क्रमागत संख्याएँ10 → 14 → 18 → 224
ऐसा क्यों होता है: 4 वाले बक्से को देखिए। पहली पंक्ति है 1 + 2 + 3 + 4 और अगली है 2 + 3 + 4 + 5। हर संख्या ठीक 1 आगे खिसक गई। संख्याएँ 4 हैं, इसलिए 4 बार 1 जुड़ा — योगफल 4 बढ़ गया। और कुछ नहीं बदला, इसलिए अंतर हर बार 4 ही रहता है।
1 + 2 + 3 + 4 = 10
2 + 3 + 4 + 5 = 14   (हर संख्या 1 बड़ी, 4 संख्याएँ, अत: +4)
3 + 4 + 5 + 6 = 18   (फिर +4)
प्र3.
निम्न के लिए दो क्रमिक योगफल के मध्य क्या अंतर होगा — (क) 5 क्रमागत संख्याएँ (ख) 6 क्रमागत संख्याएँ
उत्तर

(क) 5    (ख) 6

प्र.2 का नियम यही है — अंतर उतना ही होता है जितनी संख्याएँ आप जोड़ रहे हैं।

(क) पाँच क्रमागत संख्याएँ

  1. 1 + 2 + 3 + 4 + 5 = 15।
  2. 2 + 3 + 4 + 5 + 6 = 20।
  3. अंतर 20 − 15 = 5, क्योंकि 5 संख्याएँ 1-1 बढ़ीं।

(ख) छह क्रमागत संख्याएँ

  1. 1 + 2 + 3 + 4 + 5 + 6 = 21।
  2. 2 + 3 + 4 + 5 + 6 + 7 = 27।
  3. अंतर 27 − 21 = 6, क्योंकि 6 संख्याएँ 1-1 बढ़ीं।
स्वयं जाँचिए: आगे बढ़िए — 3 + 4 + 5 + 6 + 7 + 8 = 33। और 33 − 27 = 6 ✓ अंतर सदैव 6 ही रहेगा।
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