प्र1.
ऊपर दिए गए प्रत्येक बक्सों में बताइए कि योगफल सम संख्या है अथवा विषम संख्या। ऐसा क्यों है? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर
2 क्रमागत संख्याओं के बक्से में हर योगफल विषम है। 3 के बक्से में योगफल बारी-बारी से सम और विषम हैं। 4 के बक्से में हर योगफल सम है।
| बक्सा | छपे हुए योगफल | सम अथवा विषम |
|---|---|---|
| 2 क्रमागत संख्याएँ | 3, 5, 7, 9 | सभी विषम |
| 3 क्रमागत संख्याएँ | 6, 9, 12, 15 | सम, विषम, सम, विषम |
| 4 क्रमागत संख्याएँ | 10, 14, 18, 22 | सभी सम |
2 के बक्से में केवल विषम योगफल क्यों आते हैं
- दो क्रमागत संख्याओं में एक सदैव सम और एक विषम होती है — जैसे 3 और 4, अथवा 4 और 5।
- सम संख्या पूरी तरह युग्मों में बँट जाती है। विषम संख्या में एक गोटी अकेली बच जाती है।
- उस अकेली गोटी का कोई साथी नहीं मिलता, इसलिए कुल योग विषम रहता है।
4 के बक्से में केवल सम योगफल क्यों आते हैं
- चार क्रमागत संख्याओं में दो सम और दो विषम होती हैं — जैसे 3, 4, 5, 6।
- दोनों सम संख्याएँ युग्मों में पूरी बँट जाती हैं, कुछ शेष नहीं बचता।
- दोनों विषम संख्याएँ एक-एक गोटी अकेली छोड़ती हैं, और वे दोनों मिलकर एक और युग्म बना लेती हैं।
- कुछ शेष नहीं बचता, इसलिए कुल योग सम होता है।
3 के बक्से में योगफल बदलते क्यों रहते हैं
- 3 क्रमागत संख्याओं का योग बीच वाली संख्या का 3 गुना होता है: 1 + 2 + 3 = 3 × 2 = 6।
- बीच की संख्याएँ हैं 2, 3, 4, 5 — सम, विषम, सम, विषम, एक के बाद एक।
- 3 × सम संख्या सम होती है; 3 × विषम संख्या विषम होती है।
- इसलिए योगफल सम, विषम, सम, विषम चलते रहते हैं।
यह भी कीजिए: 1, 2, 3 और 4 से आरंभ करके 5 क्रमागत संख्याओं के योगफल लिखिए। आपको 15, 20, 25, 30 मिलेंगे — फिर वही विषम-सम क्रम, और कारण भी 3 वाले बक्से जैसा ही।