कक्षा ५ गणित अध्याय 4 पाठ्य प्रश्न के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन2026-09-19
प्र1.
ध्यान दीजिए कि किस प्रकार 3, 4 और 5 क्रमागत संख्याओं का योगफल, योग की जा रही संख्याओं से संबंधित है। अपनी समझ का प्रयोग करके संख्याओं को सीधे योग किए बिना निम्नलिखित योगफल ज्ञात कीजिए। (क) 67 + 68 + 69 (ख) 24 + 25 + 26 + 27 (ग) 48 + 49 + 50 + 51 + 52 (घ) 237 + 238 + 239 + 240 + 241 + 242
उत्तर
पुस्तक के लाल तीर बाहरी संख्याओं को आपस में जोड़ते हैं। पूरा रहस्य यही है।
दोनों बाहरी संख्याएँ मिलकर बीच वाली का दुगुना बनाती हैं, इसलिए तीन क्रमागत संख्याएँ बीच वाली का तिगुना बनाती हैं।
काम आने वाले दो नियम
विषम गिनती (3 संख्याएँ, 5 संख्याएँ): योगफल = गिनती × बीच वाली संख्या।
सम गिनती (4 संख्याएँ, 6 संख्याएँ): बाहरी संख्याओं के युग्म बनाइए। हर युग्म का योग एक जैसा होता है, इसलिए योगफल = (गिनती ÷ 2) × (पहली + अंतिम)।
(क) 67 + 68 + 69 = 204
तीन संख्याएँ हैं, अत: बीच वाली 68 है।
योगफल = 3 × 68।
3 × 68 = 204।
(ख) 24 + 25 + 26 + 27 = 102
चार संख्याएँ हैं, अत: 2 युग्म बनाइए।
24 + 27 = 51 और 25 + 26 = 51 — दोनों युग्मों का योग एक जैसा है।
हर युग्म का योग एक जैसा क्यों रहता है: बाईं ओर से एक कदम भीतर आइए तो संख्या 1 बढ़ जाती है। दाईं ओर से एक कदम भीतर आइए तो संख्या 1 घट जाती है। बढ़त और घटत एक-दूसरे को काट देती हैं, इसलिए हर युग्म का योग वही बना रहता है।
स्वयं जाँचिए: (ख) को लंबे रास्ते से जोड़िए — 24 + 25 = 49, 49 + 26 = 75, 75 + 27 = 102 ✓ सरल विधि से भी वही उत्तर, पर कहीं तेज़।