कक्षा ५ गणित अध्याय 4 हम हैं यात्री – 2 के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
स्थानीय मान से योग। इकाई के नीचे इकाई, दहाई के नीचे दहाई और सैकड़ा के नीचे सैकड़ा लिखिए। इकाई से आरंभ करके एक-एक स्तंभ जोड़िए। यदि किसी स्तंभ में 10 या उससे अधिक आ जाए तो वहाँ केवल इकाई अंक लिखिए और दहाई को अगले स्तंभ में हासिल के रूप में ले जाइए। जैसे 28 + 75। इकाई: 8 + 5 = 13, इसलिए 3 लिखिए और 1 हासिल। दहाई: 2 + 7 + 1 = 10, इसलिए 0 लिखिए और 1 हासिल। सैकड़ा: 1। उत्तर 103। स्थानीय मान से व्यवकलन। स्तंभ वही रहते हैं, पर अब पुन: समूहीकरण करना पड़ सकता है — 1 दहाई को 10 इकाई में या 1 सैकड़ा को 10 दहाई में तोड़ना। जैसे 65 − 18। इकाई: 5, 8 से छोटा है, इसलिए 6 दहाई में से 1 दहाई लीजिए। अब इकाई 15 और दहाई 5 हो गई। 15 − 8 = 7। दहाई: 5 − 1 = 4। उत्तर 47। योग और व्यवकलन एक ही तथ्य के दो रूप हैं। यदि 46 + 21 = 67 है तो 67 − 21 = 46 और 67 − 46 = 21। इसीलिए व्यवकलन की जाँच योग से की जा सकती है — 65 − 1
त्वरित पुनरावृत्ति
| शब्द अथवा विचार | अर्थ | पुस्तक में कहाँ | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| स्थानीय मान | अंक का वह मान जो उसके स्थान से मिलता है — इकाई, दहाई, सैकड़ा, हजार | ईंधन का अंकगणित, पृष्ठ 43 | 3,717 में बाईं ओर का 7, 700 दर्शाता है |
| पुन: समूहीकरण (हासिल) | 10 इकाई को 1 दहाई अथवा 10 दहाई को 1 सैकड़ा बनाकर अगले स्तंभ में ले जाना | ईंधन का अंकगणित, पृष्ठ 43 | 8 + 5 = 13 → 3 लिखिए, 1 दहाई हासिल |
| पुन: समूहीकरण (उधार) | 1 दहाई को 10 इकाई अथवा 1 सैकड़ा को 10 दहाई में तोड़ना ताकि घटाया जा सके | और अधिक ईंधन का अंकगणित, पृष्ठ 44 | 65 − 18 : 6 दहाई 5 इकाई → 5 दहाई 15 इकाई |
| योगफल | जोड़ने पर मिलने वाला उत्तर | योगफल को समान बनाना, पृष्ठ 42 | 1 + 2 + 7 + 9 = 19 |
| अंतर | घटाने पर मिलने वाला उत्तर | आइए हल करें, पृष्ठ 45 | 82 − 37 = 45 |
| उल्टी क्रिया से जाँच | उत्तर को वापस जोड़कर देखना कि आरंभिक संख्या मिलती है या नहीं | और अधिक ईंधन का अंकगणित, पृष्ठ 44 | 65 − 18 = 47, और 18 + 47 = 65 |
| क्रमागत संख्याएँ | वे संख्याएँ जो बिना कुछ छोड़े एक के बाद एक आती हैं | क्रमागत संख्याओं का योगफल, पृष्ठ 45 | 29, 30, 31, 32 |
| क्रमिक योगफल | एक ही बक्से में एक के बाद एक आने वाले योगफल | क्रमागत संख्याओं का योगफल, पृष्ठ 45 | 6, 9, 12, 15 — प्रत्येक पिछले से 3 अधिक |
| सम संख्या | वह संख्या जो युग्मों में पूरी बँट जाती है, कुछ शेष नहीं बचता | सम और विषम संख्याएँ, पृष्ठ 54 | 18 = 9 युग्म |
| विषम संख्या | वह संख्या जिसमें युग्म बनाने पर एक गोटी अकेली बच जाती है | सम और विषम संख्याएँ, पृष्ठ 54 | 23 = 11 युग्म और 1 शेष |
| विलोमपद संख्या | वह संख्या जो बाएँ से दाएँ और दाएँ से बाएँ एक जैसी पढ़ी जाती है | आइए सोचें और हल करें, पृष्ठ 53 | 8,558 और 121 |
| आरोही / अवरोही क्रम | छोटे से बड़े की ओर / बड़े से छोटे की ओर | आइए सोचें और हल करें, पृष्ठ 53 | 1, 2, 3 आरोही है; 9, 8, 7 अवरोही है |
| आकलन | गोल की गई संख्याओं से निकाला गया लगभग सही उत्तर | आइए हल करें, पृष्ठ 51 | 39,785 + 9,545 + 19,548 लगभग 70,000 |
अभ्यास
- योगफल को समान बनाना
- ईंधन का अंकगणित
- आइए हल करें
- योग और व्यवकलन के मध्य संबंध
- और अधिक ईंधन का अंकगणित
- आइए हल करें
- क्रमागत संख्याओं का योगफल
- पाठ्य प्रश्न
- सबसे लंबा भू-मार्ग
- आइए हल करें
- बड़ी संख्याओं का व्यवकलन
- आइए हल करें
- त्वरित योग और अंतर
- आइए सोचें और हल करें
- सम और विषम संख्याएँ
- आइए विचार करें
- गणित मैट्रिक मेला
- आइए करके देखें