कक्षा ५ गणित अध्याय 4 आइए सोचें और हल करें के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
नितिन को वे संख्याएँ पसंद हैं जिन्हें बाएँ से दाएँ अथवा दाएँ से बाएँ एक जैसा पढ़ा जाता है। ऐसी संख्याओं को विलोमपद (पैलिंड्रोम) संख्या कहा जाता है। संख्याएँ 22, 363, 404 और 8,558 इसके कुछ उदाहरण हैं। संख्या 100 और 200 के मध्य सभी विलोमपद संख्याओं की सूची बनाइए। संख्या 900 और 1,200 के मध्य सभी विलोमपद संख्याओं की सूची बनाइए। संख्या 25,000 और 27,000 के मध्य सभी विलोमपद संख्याओं की सूची बनाइए।
उत्तर

विलोमपद संख्या आगे से और पीछे से एक जैसी पढ़ी जाती है, इसलिए उसका पहला अंक अंतिम अंक जैसा होना चाहिए और दूसरा अंक अंत से दूसरे अंक जैसा।

100 और 200 के मध्य — दस संख्याएँ

  1. यहाँ हर संख्या 1 से आरंभ होती है, इसलिए 1 पर ही समाप्त भी होगी। रूप है 1 _ 1।
  2. बीच का अंक 0 से 9 तक कुछ भी हो सकता है।
101, 111, 121, 131, 141, 151, 161, 171, 181, 191

900 और 1,200 के मध्य — बारह संख्याएँ

  1. पहले 3 अंकों वाली लीजिए, 900 से 999 तक। ये 9 से आरंभ होती हैं, इसलिए 9 पर ही समाप्त होंगी। रूप है 9 _ 9।
  2. इससे मिलती हैं 909, 919, 929, 939, 949, 959, 969, 979, 989, 999 — दस संख्याएँ।
  3. अब 4 अंकों वाली, 1,000 से 1,200 तक। ये 1 से आरंभ होती हैं, इसलिए 1 पर समाप्त होंगी। रूप है 1 1।
  4. 1001 चलता है और 1111 भी चलता है। अगला 1221 है, जो 1,200 से बड़ा है, इसलिए वह बाहर है।
909, 919, 929, 939, 949, 959, 969, 979, 989, 999, 1001, 1111

25,000 और 27,000 के मध्य — बीस संख्याएँ

  1. ये सब 2 से आरंभ होती हैं, इसलिए 2 पर ही समाप्त होंगी। रूप है 2 2।
  2. दूसरा अंक केवल 5 अथवा 6 हो सकता है, क्योंकि 25,000–25,999 और 26,000–26,999 इस परास के भीतर हैं, जबकि 27,072 और उससे आगे बाहर हैं।
  3. बीच का अंक 0 से 9 तक कुछ भी हो सकता है। अत: 2 × 10 = 20 संख्याएँ मिलती हैं।
25052, 25152, 25252, 25352, 25452, 25552, 25652, 25752, 25852, 25952,
26062, 26162, 26262, 26362, 26462, 26562, 26662, 26762, 26862, 26962
स्वयं जाँचिए: 25452 को उल्टा पढ़िए — 2, 5, 4, 5, 2। वही है। 26762 को उल्टा पढ़िए — 2, 6, 7, 6, 2। फिर वही।
प्र2.
एक 3 × 3 वर्ग जाल (ग्रिड) में 1 से 9 तक की संख्याओं को इस प्रकार व्यवस्थित कीजिए कि प्रत्येक पंक्ति और प्रत्येक स्तंभ में संख्याएँ आरोही (आ.) क्रम में हों। प्रत्येक संख्या का प्रयोग केवल एक बार ही किया जाना चाहिए। अब, वर्ग-जाल को इस प्रकार पूर्ण कीजिए कि प्रत्येक पंक्ति और स्तंभ में संख्याएँ अवरोही (अव.) क्रम में हों।
आ.आ.आ.आ.आ.आ.अव.अव.अव.अव.अव.अव.
दो रिक्त 3 × 3 वर्ग-जाल: पहले में प्रत्येक पंक्ति और स्तंभ आरोही (आ.) क्रम में, दूसरे में प्रत्येक पंक्ति और स्तंभ अवरोही (अव.) क्रम में।
उत्तर

पहला वर्ग-जाल — हर पंक्ति और हर स्तंभ आरोही

123आ. →
456आ. →
789आ. →
आ. ↓आ. ↓आ. ↓

आड़ी पढ़िए: 1 < 2 < 3, 4 < 5 < 6, 7 < 8 < 9। खड़ी पढ़िए: 1 < 4 < 7, 2 < 5 < 8, 3 < 6 < 9। हर पंक्ति और हर स्तंभ चढ़ता है।

दूसरा वर्ग-जाल — हर पंक्ति और हर स्तंभ अवरोही

987अव. →
654अव. →
321अव. →
अव. ↓अव. ↓अव. ↓

आड़ी पढ़िए: 9 > 8 > 7, 6 > 5 > 4, 3 > 2 > 1। खड़ी पढ़िए: 9 > 6 > 3, 8 > 5 > 2, 7 > 4 > 1। हर पंक्ति और हर स्तंभ उतरता है।

इन्हें बनाने का तरीका: 1 से 9 तक क्रम से, तीन-तीन करके, ऊपर से पंक्तियाँ भरते जाइए। इससे पंक्तियाँ स्वयं चढ़ जाती हैं, और स्तंभ भी चढ़ जाते हैं क्योंकि हर संख्या अपने ऊपर वाली से 3 अधिक होती है। अवरोही जाल के लिए यही काम 9 से उल्टा गिनते हुए कीजिए।
एक से अधिक उत्तर हैं। जैसे 1, 2, 3 / 4, 5, 7 / 6, 8, 9 भी चलता है। इनमें से हर जाल को 42 भिन्न प्रकार से भरा जा सकता है। जिस भी भराव में हर पंक्ति और हर स्तंभ सही दिशा में चले, वह सही है।
प्र3.
अब नीचे दिए गए वर्ग-जालों को 1 से 9 तक की संख्याओं का प्रयोग करके नीचे दर्शाए अनुसार आरोही (आ.) और अवरोही (अव.) स्थिति के साथ पूरा कीजिए। पहला जाल: पंक्तियाँ अव., अव., अव. और स्तंभ आ., आ., आ.। दूसरा जाल: पंक्तियाँ अव., अव., आ. और स्तंभ अव., अव., आ.। तीसरा जाल: पंक्तियाँ आ., आ., अव. और स्तंभ आ., अव., अव.।
उत्तर

पहला जाल — सब पंक्तियाँ उतरती हुई, सब स्तंभ चढ़ते हुए

321अव. →
654अव. →
987अव. →
आ. ↓आ. ↓आ. ↓
  1. पंक्तियाँ: 3 > 2 > 1 ✓, 6 > 5 > 4 ✓, 9 > 8 > 7 ✓
  2. स्तंभ: 3 < 6 < 9 ✓, 2 < 5 < 8 ✓, 1 < 4 < 7 ✓

दूसरा जाल — पंक्तियाँ: अव., अव., आ.; स्तंभ: अव., अव., आ.

861अव. →
752अव. →
349आ. →
अव. ↓अव. ↓आ. ↓
  1. पंक्तियाँ: 8 > 6 > 1 ✓, 7 > 5 > 2 ✓, 3 < 4 < 9 ✓
  2. स्तंभ: 8 > 7 > 3 ✓, 6 > 5 > 4 ✓, 1 < 2 < 9 ✓

तीसरा जाल — पंक्तियाँ: आ., आ., अव.; स्तंभ: आ., अव., अव.

168आ. →
257आ. →
943अव. →
आ. ↓अव. ↓अव. ↓
  1. पंक्तियाँ: 1 < 6 < 8 ✓, 2 < 5 < 7 ✓, 9 > 4 > 3 ✓
  2. स्तंभ: 1 < 2 < 9 ✓, 6 > 5 > 4 ✓, 8 > 7 > 3 ✓
अपना उत्तर खोजने का तरीका: कोनों से आरंभ कीजिए। जो खाना अपनी पंक्ति में भी सबसे बड़ा हो और अपने स्तंभ में भी, वहाँ 9 रखना अच्छा रहता है; और जो दोनों में सबसे छोटा हो, वहाँ 1। दूसरे जाल में नीचे-दाएँ का खाना अपनी पंक्ति और अपने स्तंभ दोनों में सबसे बड़ा है, इसलिए 9 वहीं जाएगा। फिर शेष भरकर आवश्यकतानुसार बदलिए।
बहुत से सही उत्तर हैं। पहले जाल के 42 हल हैं, और दूसरे तथा तीसरे के 60-60। अपना उत्तर हर पंक्ति आड़ी और हर स्तंभ खड़ी पढ़कर जाँच लीजिए।
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