कक्षा ५ गणित अध्याय 7 समचतुर्भुज से बनी आकृतियाँ के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
नीचे दिए गए जाल (ग्रिड) में दो भिन्न पतंग व दो भिन्न समांतर चतुर्भुज बनाइए।
पुस्तक के पृष्ठ 99 पर दिया गया जाल (ग्रिड)।
उत्तर

जाल के खानों के कोनों को अपने बिंदु मानिए। यहाँ दो पतंग और दो समांतर चतुर्भुज दिए हैं, जिन्हें आप देखकर बना सकते हैं।

जाल पर पतंग कैसे बनाएँ

  1. जाल में एक सीधी खड़ी रेखा खींचिए। यही दर्पण-रेखा है।
  2. रेखा पर ऊपर की ओर एक बिंदु और नीचे की ओर एक बिंदु लगाइए।
  3. दो और बिंदु लगाइए, एक रेखा के बाईं ओर और एक दाईं ओर, दोनों बराबर खानों की दूरी पर और एक ही कतार में।
  4. चारों बिंदुओं को क्रम से मिलाइए। दोनों ऊपरी भुजाएँ बराबर और दोनों निचली भुजाएँ बराबर — यही पतंग है।

जाल पर समांतर चतुर्भुज कैसे बनाएँ

  1. नीचे की भुजा खींचिए — मान लीजिए 5 खाने लंबी।
  2. एक सिरे से बगल और ऊपर चलिए, जैसे 2 खाने दाएँ और 3 खाने ऊपर। वहाँ बिंदु लगाइए।
  3. दूसरे सिरे से भी ठीक वही चाल चलिए। वहाँ भी बिंदु लगाइए।
  4. चारों बिंदुओं को मिलाइए। ऊपर और नीचे की भुजाएँ बराबर, दोनों तिरछी भुजाएँ बराबर — यही समांतर चतुर्भुज है।
पतंग 1पतंग 2 (समचतुर्भुज)समांतर चतुर्भुज 1समांतर चतुर्भुज 2
दो पतंग (नीली व हरी) और दो समांतर चतुर्भुज (पीला व गुलाबी), सब जाल के कोनों पर बने।
जाल से आसानी क्यों: खाने गिनना बिना स्केल के मापने जैसा है। यदि आप दर्पण-रेखा के दोनों ओर बराबर खाने गिनें, तो दोनों भुजाएँ बराबर होंगी ही
क्या आपने देखा? पतंग 2 की चारों भुजाएँ बराबर हैं। जिस पतंग की चारों भुजाएँ बराबर हों उसे समचतुर्भुज कहते हैं। अर्थात् समचतुर्भुज एक विशेष प्रकार की पतंग है।
प्र2.
अब समचतुर्भुज के 4 में से 3 त्रिभुजों का उपयोग आकृतियाँ बनाने के लिए कीजिए। उनमें से प्रत्येक में कितनी भुजाएँ हैं? समचतुर्भुज के 3 त्रिभुजाकार टुकड़ों का उपयोग करते हुए निम्नलिखित आकृतियाँ बनाने का प्रयत्न कीजिए — (क) 3-भुजीय आकृति (ख) 4-भुजीय आकृति (ग) 5-भुजीय आकृति
समचतुर्भुज और उसके चार त्रिभुजाकार टुकड़े।
उत्तर

(ख) और (ग) आसानी से बन जाती हैं। (क) नहीं बनती — इन तीन टुकड़ों से त्रिभुज बंद नहीं होता। करके देखने पर यही मिलता है।

(ख) 4-भुजीय आकृति (ग) 5-भुजीय आकृति यहाँ बना कदम पाँचवीं भुजा देता है तीन टुकड़े, दो अलग बाहरी आकार
दो टुकड़े आयत बनाते हैं; तीसरा टुकड़ा कहाँ जोड़ा गया, यही तय करता है कि आकृति में कितनी भुजाएँ होंगी।

(ख) 4-भुजीय आकृति

  1. दो टुकड़ों को उनकी तिरछी भुजाओं पर जोड़कर एक आयत बनाइए।
  2. तीसरे टुकड़े की बड़ी भुजा ठीक आयत की ऊपरी भुजा पर रखिए।
  3. अब बाहरी आकार में 4 कोने हैं — यह चार भुजाओं वाली आकृति (समलंब) है।

(ग) 5-भुजीय आकृति

  1. दो टुकड़ों से वही आयत बनाइए।
  2. तीसरा टुकड़ा ऊपरी भुजा पर रखिए, पर इस बार उसकी छोटी भुजा ऊपरी भुजा पर, बाएँ कोने से शुरू करते हुए।
  3. छोटी भुजा आयत की ऊपरी भुजा से छोटी है, इसलिए एक कदम (कोना) बच जाता है। यह कदम एक अतिरिक्त कोना जोड़ देता है, अतः आकृति में 5 भुजाएँ हो जाती हैं।

(क) 3-भुजीय आकृति

  1. दो टुकड़े अकेले ही त्रिभुज बना देते हैं — वह समचतुर्भुज का आधा भाग है।
  2. अब तीसरा टुकड़ा उसकी किसी भी भुजा पर जोड़कर देखिए।
  3. हर बार एक नया कोना बन जाता है, इसलिए 4 या 5 भुजाएँ मिलती हैं, 3 कभी नहीं।
  4. कारण: बाहरी आकार त्रिभुज बना रहे, इसके लिए नए टुकड़े की कोई भुजा उस किनारे जितनी ही लंबी होनी चाहिए जिसे वह ढक रहा है — और इसकी कोई भी भुजा उतनी लंबी नहीं है।
जानने योग्य: यदि आपका समचतुर्भुज दो समबाहु त्रिभुजों से बना हो (यानी थोड़ा चौड़ा समचतुर्भुज), तो तीन टुकड़े त्रिभुज बना देंगे। अपने शिक्षक से ऐसा समचतुर्भुज माँगकर देखिए — आकृति के प्रश्न का उत्तर इस बात पर भी निर्भर करता है कि आपने शुरुआत किस आकृति से की।
प्र3.
सभी 4 टुकड़ों के साथ इनमें से कौन-सी आकृतियाँ बनाई जा सकती हैं? प्रयत्न कीजिए एवं पता लगाइए। (क) वर्ग (ख) आयत (ग) त्रिभुज (घ) पंचभुज (5-भुजीय) (ङ) षट्भुज (6-भुजीय) (च) अष्टभुज (8-भुजीय)
समचतुर्भुज और उसके चार त्रिभुजाकार टुकड़े।
उत्तर

(ख) आयत, (ग) त्रिभुज, (घ) पंचभुज और (ङ) षट्भुज बन सकते हैं। (क) वर्ग और (च) अष्टभुज नहीं बन सकते।

आकृतिबन सकती है?कारण
(क) वर्गनहींदो टुकड़ों से जो आयत बनता है उसकी भुजाएँ समचतुर्भुज की दोनों आधी रेखाएँ हैं, जो अलग-अलग लंबी हैं। ऐसे दो आयत साथ रखने पर भी आयत ही बनेगा, वर्ग नहीं।
(ख) आयतहाँदो टुकड़ों से एक आयत बनाइए; वैसा ही दूसरा आयत उसकी बड़ी भुजा से सटा दीजिए।
(ग) त्रिभुजहाँचारों टुकड़े मिलकर एक बड़ा त्रिभुज बनाते हैं जिसकी हर भुजा टुकड़े की भुजा से ठीक दुगुनी है।
(घ) पंचभुजहाँतीन टुकड़ों से आयत बनाइए और चौथा ऐसे जोड़िए कि एक कदम बचे।
(ङ) षट्भुजहाँटुकड़े ऐसे जोड़िए कि बाहरी आकार में दो कदम बचें।
(च) अष्टभुजनहींचार त्रिभुजों की कुल 4 × 3 = 12 भुजाएँ हैं। उन्हें जोड़ने में कम से कम 3 युग्म, यानी 6 भुजाएँ खप जाती हैं। अतः बाहर अधिक से अधिक 6 भुजाएँ बचती हैं — छह भुजाएँ ही सबसे अधिक हो सकती हैं।
(ख) 4 टुकड़ों से आयत (ग) 4 टुकड़ों से त्रिभुज दो आकृतियाँ जो निश्चित रूप से बन सकती हैं
त्रिभुज के लिए बड़े त्रिभुज की भुजाओं के मध्य-बिंदु मिलाइए — वह 4 समान छोटे त्रिभुजों में बँट जाता है।
बड़ा त्रिभुज हमेशा क्यों बनता है: किसी भी त्रिभुज की तीनों भुजाओं के मध्य-बिंदु चिह्नित कीजिए और उन तीनों को मिलाइए। त्रिभुज 4 समान त्रिभुजों में बँट जाता है, और हर छोटा त्रिभुज हर लंबाई में बड़े का ठीक आधा होता है। इसलिए हमारे चार टुकड़ों को जोड़कर हमेशा एक ऐसा त्रिभुज बनाया जा सकता है जिसकी हर भुजा दुगुनी हो।
क्या आप जानते हैं? यदि किसी समचतुर्भुज की एक रेखा दूसरी से ठीक दुगुनी हो, तो उसके चार टुकड़ों से वर्ग बन जाएगा। अपने समचतुर्भुज को मापिए और देखिए वह इससे कितना दूर है।
क्या यह उपयोगी रहा?