कक्षा ५ गणित अध्याय 7 आकार और प्रतिरूप के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
प्रतिरूप वह है जो बार-बार दोहराया जाए। बुनी हुई चटाई में हर पट्टी कुछ जगह ऊपर से और कुछ जगह नीचे से जाती है। इसे शब्दों में लिख लीजिए — 1 नीचे, 1 ऊपर, 1 नीचे, 1 ऊपर … — फिर आप वही चटाई दोबारा बुन सकते हैं या किसी मित्र को बुनना सिखा सकते हैं। हर पंक्ति का नियम तब तक लिखा जाता है जब तक वह दोहराना शुरू न कर दे। टाइल्स लगाने का अर्थ है — बिना रिक्त स्थान और बिना आच्छादन के जगह ढकना। अपने विद्यालय के बरामदे की टाइल्स देखिए। यदि किसी एक आकृति की प्रतियाँ किसी जगह को इस तरह ढक दें कि न कोई खाली जगह बचे और न कोई टाइल दूसरी पर चढ़े, तो हम कहते हैं कि वह आकृति प्रतिरूप में व्यवस्थित हो सकती है । वर्ग, समबाहु त्रिभुज और सम षट्भुज ऐसा कर सकते हैं। सम पंचभुज और सम अष्टभुज नहीं कर सकते। जाँच एक बिंदु पर होती है। आकृति के कटआउट एक बिंदु के चारों ओर रखिए। किसी बिंदु के चारों ओर एक पूरा चक्कर 360 डिग्री क
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| शब्द | अर्थ | कहाँ आया है | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| प्रतिरूप | जो एक निश्चित क्रम में बार-बार दोहराया जाए | चटाइयों को बुनना, पृष्ठ 92 | 1 नीचे, 1 ऊपर, 1 नीचे, 1 ऊपर … |
| टाइल्स लगाना | किसी जगह को टाइल्स से ढकना — न खाली जगह, न आच्छादन | टाइल्स लगाना, पृष्ठ 94 | कमरे के फर्श की टाइल्स |
| प्रतिरूप में व्यवस्थित होना | बिना रिक्त स्थान व बिना आच्छादन के जमना | पृष्ठ 94 | वर्ग जम जाते हैं; सम पंचभुज नहीं |
| सम आकृति | वह आकृति जिसकी सभी भुजाएँ समान हों | पृष्ठ 94 | सम पंचभुज, सम षट्भुज |
| पंचभुज / षट्भुज / अष्टभुज | 5 / 6 / 8 भुजाओं वाली आकृति | पृष्ठ 94–95 | सम षट्भुज की 6 समान भुजाएँ |
| समबाहु त्रिभुज | जिसकी तीनों भुजाएँ समान हों | पृष्ठ 94 व प्रयत्न कीजिए, पृष्ठ 97 | इसके तीनों कोण भी समान होते हैं |
| समद्विबाहु त्रिभुज | जिसकी ठीक दो भुजाएँ समान हों | पृष्ठ 97 | इसमें दो कोण समान होते हैं |
| विषमबाहु त्रिभुज | जिसकी कोई दो भुजाएँ समान न हों | पृष्ठ 97 | समबाहु त्रिभुज का आधा भाग |
| समचतुर्भुज | चार भुजाओं वाली आकृति जिसकी चारों भुजाएँ समान हों | पृष्ठ 96 | दोनों विकर्णों से 4 समान त्रिभुजों में कटता है |
| पतंग | वह चतुर्भुज जिसमें समान संलग्न भुजाओं के दो युग्म हों | पृष्ठ 98 | भुजा 1 = भुजा 2 और भुजा 3 = भुजा 4 |
| संलग्न भुजाएँ | एक-दूसरे से लगी हुई दो भुजाएँ | पृष्ठ 98 | पतंग की दोनों ऊपरी भुजाएँ |
| समांतर चतुर्भुज | वह चतुर्भुज जिसकी सम्मुख भुजाएँ समान हों | पृष्ठ 98 | इसके सम्मुख कोण भी समान होते हैं |
| आयत | वह समांतर चतुर्भुज जिसके चारों कोण समकोण हों | पृष्ठ 98 | समांतर चतुर्भुज का एक विशेष प्रकार |
| टैनग्राम | 7 टुकड़ों में कटा एक वर्ग, जिससे आकृतियाँ बनती हैं | टैनग्राम, पृष्ठ 99 | 5 त्रिभुज, 1 वर्ग, 1 समांतर चतुर्भुज |
| व्यास | केंद्र से होकर वृत्त के दो बिंदुओं को मिलाने वाली सीधी रेखा | वृत्तों के साथ खेल, पृष्ठ 101 | दो व्यासों से आयत बनता है |
| जाल | वह चपटी आकृति जिसे मोड़कर ठोस बनता है | घन बनावट, पृष्ठ 102 | घन का धन-चिह्न जैसा जाल |
| फलक / किनारा / शीर्षबिंदु | समतल सतह / दो फलकों के मिलने की रेखा / कोना | पृष्ठ 102–103 | घन में 6 फलक होते हैं |
| विंशतिफलक | 20 समान त्रिभुजाकार फलकों वाला ठोस | पृष्ठ 103 | विंशति अर्थात् बीस |
| द्वादशफलक | 12 समान पंचभुजाकार फलकों वाला ठोस | पृष्ठ 103 | द्वादश अर्थात् बारह |
अभ्यास
- चटाइयों को बुनना
- आइए प्रयत्न करें
- टाइल्स लगाना व उन्हें प्रतिरूप में व्यवस्थित करना
- आइए पता लगाएँ
- टाइल्स लगाना व उन्हें प्रतिरूप में व्यवस्थित करना
- टाइल्स लगाना व उन्हें प्रतिरूप में व्यवस्थित करना
- समचतुर्भुज से बनी आकृतियाँ
- प्रयत्न कीजिए
- समचतुर्भुज से बनी आकृतियाँ
- समचतुर्भुज से बनी आकृतियाँ
- टैनग्राम (आकृति पहेली)
- मैं कौन-सी आकृति हूँ?
- पतंग
- वृत्तों के साथ खेल
- वृत्ताकार बनावट
- घन बनावट
- पहेली
- विंशतिफलक एवं द्वादशफलक