कक्षा ५ गणित अध्याय 7 घन बनावट के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
यहाँ एक घन के तीन दृश्य दिए गए हैं। क्या आप इन्हें जाल (ग्रिड) पर सही क्रम में बना सकते हैं?
दृश्य 1दृश्य 2दृश्य 3
एक ही घन के तीन दृश्य, और वह जाल जिस पर इन्हें बनाना है।
उत्तर

पहले पता कीजिए कौन-सा फलक किसके सामने है, फिर जाल पर सामने वाले फलकों को सामने वाली जगहों पर रखिए।

तीनों चित्रों में पाँच अलग फलक दिखते हैं:

  • बैंगनी फलक जिस पर हरा वर्ग है
  • आसमानी फलक जिस पर पीला वृत्त है
  • क्रीम फलक जिस पर लाल क्रॉस है
  • गुलाबी फलक जिस पर नीला तारा है
  • सादा भूरा फलक

सामने वाले युग्म कैसे निकालें

  1. लिखिए कौन किसे छू रहा है। दृश्य 1: बैंगनी, आसमानी और क्रीम एक कोने पर मिलते हैं। दृश्य 2: बैंगनी, क्रीम और गुलाबी मिलते हैं। दृश्य 3: भूरा, आसमानी और क्रीम मिलते हैं।
  2. क्रीम फलक चार अलग फलकों को छूता है — बैंगनी, आसमानी, गुलाबी और भूरा। किसी भी फलक के केवल 4 पड़ोसी होते हैं, इसलिए क्रीम के सामने वही छठा फलक है जो किसी भी चित्र में नहीं दिखाया गया।
  3. दृश्य 1 और 3 की तुलना कीजिए। दोनों में आसमानी और क्रीम साथ दिख रहे हैं, पर एक में ऊपर बैंगनी है और दूसरे में भूरा। घन के केवल दो ही फलक आसमानी और क्रीम — दोनों को छूते हैं, और वे उस किनारे के दोनों सिरों पर होते हैं जहाँ आसमानी व क्रीम मिलते हैं। ऐसे दो फलक हमेशा एक-दूसरे के सामने होते हैं। अतः बैंगनी के सामने भूरा है
  4. अब दो युग्म तय हो गए, इसलिए बचे हुए दो फलक ही तीसरा युग्म होंगे: आसमानी के सामने गुलाबी
बैंगनी (हरा वर्ग)  ↔  सादा भूरा
आसमानी (पीला वृत्त)  ↔  गुलाबी (नीला तारा)
क्रीम (लाल क्रॉस)  ↔  छठा फलक (जो कहीं नहीं दिखाया गया)

अब जाल भरिए। इस धन-चिह्न जैसे जाल में लंबी पंक्ति का पहला और तीसरा वर्ग आमने-सामने हैं, दूसरा और चौथा आमने-सामने हैं, और ऊपर वाला वर्ग नीचे वाले के सामने है।

बैंगनीआसमानीछठा फलकगुलाबीक्रीम(अपनी बनावट) भूरा ↓ सामने वाले फलक जाल पर सामने वाली जगहों पर बैठते हैं
बैंगनी के सामने भूरा, आसमानी के सामने गुलाबी, और क्रीम के सामने छठा वर्ग — जो किसी दृश्य में नहीं है, इसलिए वहाँ अपनी बनावट बनाइए।
सामने वाले फलक उन्हीं जगहों पर क्यों: मन ही मन जाल को मोड़िए। पंक्ति का पहला वर्ग घूमकर ठीक तीसरे के सामने आ जाता है; दूसरा चौथे के सामने; और ऊपर का फ्लैप नीचे के फ्लैप के सामने। इसलिए जिन फलकों को घन पर आमने-सामने होना है, उन्हें जाल पर इन्हीं जोड़ी वाली जगहों पर रखना पड़ता है।
स्वयं जाँचिए: जाल की नकल बनाइए, बनावट बनाइए, काटिए और मोड़कर घन बनाइए। फिर घन को घुमाकर पुस्तक के तीनों चित्रों जैसा बनाइए।
प्र2.
यहाँ कुछ बड़े ठोस घनों के साँचे दिए गए हैं। प्रत्येक घन से कितने छोटे घन निकाल लिए गए हैं? (क) (ख) (ग)
उत्तर

(क) 7 छोटे घन  (ख) 32 छोटे घन  (ग) 81 छोटे घन।

हर चित्र में बड़े घन के केवल किनारे बचे हैं। बाकी सब — हर फलक का बीच का भाग और पूरा अंदरूनी हिस्सा — निकाल लिया गया है।

विधि (किसी भी माप के लिए)

  1. पूरे ठोस घन के छोटे घन गिनिए। भुजा को उसी से तीन बार गुणा कीजिए।
  2. साँचे में बचे छोटे घन गिनिए: 8 कोने वाले घन, और 12 किनारों पर बचे घन।
  3. घटाइए। निकाले गए = कुल − बचे।
घनमापकुल छोटे घनसाँचे में बचेनिकाले गए
(क)3 × 3 × 3278 कोने + 12 × 1 = 2027 − 20 = 7
(ख)4 × 4 × 4648 कोने + 12 × 2 = 3264 − 32 = 32
(ग)5 × 5 × 51258 कोने + 12 × 3 = 44125 − 44 = 81

दूसरे तरीके से जाँचिए — जो निकाला गया उसे गिनिए

(क) हर फलक का बीच: 1 × 6 = 6, और अंदर 1 → 6 + 1 = 7
(ख) हर फलक का बीच: 4 × 6 = 24, और अंदर 2 × 2 × 2 = 8 → 24 + 8 = 32
(ग) हर फलक का बीच: 9 × 6 = 54, और अंदर 3 × 3 × 3 = 27 → 54 + 27 = 81
(क) का एक फलक: बीच का 1 घन निकला (ख) का एक फलक: बीचके 4 घन निकले लाल = हर फलक में काटा गया छेद
हर छेद आर-पार जाता है, इसलिए बड़े घन के अंदर के घन भी निकल जाते हैं।
किनारे वाले घन क्यों बचते हैं: साँचा केवल ढाँचा है — 8 कोने और उन्हें जोड़ने वाले 12 किनारे। n भुजा वाले घन में हर किनारे पर दोनों कोनों के बीच (n − 2) घन बचते हैं। इसलिए साँचे में हमेशा 8 + 12 × (n − 2) छोटे घन रहते हैं।
देखिए यह कितनी तेज़ी से बढ़ता है: 7, फिर 32, फिर 81 घन निकले। घन जितना बड़ा, उसका उतना ही अधिक भाग अंदर छिपा होता है — और अंदर वाला भाग ही तो फेंका जाता है।
प्र3.
निशा ने 27 छोटे घनों को आपस में चिपकाकर एक बड़ा ठोस घन बनाया है। उसने बड़े घन को लाल रंग से रंग दिया है। इनमें से मूल छोटे घनों में से कितने घन — (क) तीन फलकों को लाल रंग से रंगा गया है? (ख) दो फलकों को लाल रंग से रंगा गया है? (ग) एक फलक को लाल रंग से रंगा गया है? (घ) किसी भी फलक को लाल रंग से नहीं रंगा गया है?
उत्तर

(क) 8  (ख) 12  (ग) 6  (घ) 1

27 छोटे घनों से बना बड़ा घन 3 लंबा, 3 चौड़ा और 3 ऊँचा है, क्योंकि 3 × 3 × 3 = 27। निशा ने केवल बाहर रंगा है। इसलिए किसी छोटे घन पर कितना रंग लगा, यह इस बात पर निर्भर है कि वह कहाँ बैठा है

छोटा घन कहाँ हैकितने फलक रंगेऐसे कितने घन
बड़े घन के किसी कोने पर38 (घन के 8 कोने होते हैं)
किसी किनारे के बीच में212 (घन के 12 किनारे, हर किनारे पर 1 घन)
किसी फलक के बीच में16 (घन के 6 फलक, हर फलक पर 1 घन)
ठीक बीच में, अंदर छिपा01
जोड़ जाँचिए:
8 + 12 + 6 + 1 = 27
हर छोटा घन ठीक एक बार गिना गया।
ऊपर की परत, ऊपर से देखने पर कोने का घन — 3 फलक रंगे किनारे का घन — 2 फलक रंगे फलक-बीच का घन — 1 फलक रंगा बीच वाला घन — बिल्कुल रंग नहीं घन कहाँ बैठा है, यही तय करता है कि उस पर कितना रंग लगेगा
बीच वाली परत में 4 किनारे वाले घन, 4 फलक-बीच वाले घन और 1 छिपा हुआ बीच का घन होता है।
बीच वाले घन पर रंग क्यों नहीं लगता: वह चारों ओर से घिरा है — ऊपर एक घन, नीचे एक, और चारों बगल में एक-एक। ब्रश उस तक कभी पहुँच ही नहीं सकता। बड़े घन को तोड़कर देखें तो बीच में एक बिना रंगा घन मिलेगा।
बड़ा घन आज़माइए: यदि निशा ने 64 छोटे घन (4 × 4 × 4) लिए होते तो उत्तर होते — 8 कोने, 24 किनारे वाले, 24 फलक-बीच वाले और 8 छिपे हुए। जाँच: 8 + 24 + 24 + 8 = 64 ✓
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