कक्षा ५ गणित अध्याय 7 वृत्ताकार बनावट के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
नीचे दिए गए वृत्त को देखिए। इसे 1 से 24 तक बिंदुओं से चिह्नित किया गया है। बिंदुओं 1 को 11 से, 11 को 2 से, 2 को 12 से एवं इसी प्रकार आगे भी मिलाते जाइए जब तक आप वापस 1 पर न पहुँच जाएँ। (इसे एक मोटे कागज या कपड़े पर विभिन्न रंगों के धागों के साथ बनाने का प्रयत्न कीजिए।)
उत्तर

दो चालें बारी-बारी दोहराते रहिए: 10 आगे कूदिए, फिर 9 पीछे आइए। 48 सीधी रेखाओं के बाद आप वापस बिंदु 1 पर पहुँच जाएँगे और बनावट पूरी हो जाएगी।

दी गई संख्याओं से नियम पढ़िए

  1. 1 से 11 — यह 10 आगे की छलाँग है।
  2. 11 से 2 — यह 9 पीछे की छलाँग है।
  3. 2 से 12 — फिर 10 आगे।
  4. 12 से 3 — फिर 9 पीछे।
  5. अर्थात् क्रम है: 1, 11, 2, 12, 3, 13, 4, 14, 5, 15 … और यह चलता रहता है।

24 के बाद फिर 1 से गिनना शुरू कीजिए — संख्याएँ वृत्त पर घूमती रहती हैं। हर दो चालों में आप केवल एक बिंदु आगे बढ़ते हैं, इसलिए 24 जोड़ी चालों (यानी 48 रेखाओं) के बाद आप 1 पर लौट आते हैं।

पूरी 48 सीधी रेखाएँ खींची गई हैं। आँख को घुमावदार तारा दिखता है, पर हर रेखा बिल्कुल सीधी है।
वृत्त पर बिंदु = 24
हर दो चालों (+10 फिर −9) से शुरुआत 1 बिंदु आगे खिसकती है
बिंदु 1 पर लौटने के लिए चाहिए 24 ऐसी जोड़ियाँ
खींची गई रेखाएँ = 24 × 2 = 48
बनावट घुमावदार क्यों दिखती है: 48 में से एक भी रेखा घुमावदार नहीं है। पर उनके सिरे वृत्त पर नियम से आगे बढ़ते हैं, और इतनी सारी सीधी रेखाओं के किनारे मिलकर आँख को चिकनी घुमावदार रेखा का धोखा दे देते हैं। इसे “धागे की बनावट” कहते हैं।
धागे से बनाना: मोटे कागज पर 24 बिंदुओं में पिन से छेद कीजिए। सुई में रंगीन धागा डालकर 1 से 11, फिर 11 से 2 … सिलते जाइए। हर 12 टाँकों के बाद रंग बदलिए, बनावट और सुंदर लगेगी।
प्र2.
क्या आप यहाँ दी गई आकृति के ठीक समान बनावट बनाने की कोई विधि सोच सकते हैं? इसे बनाने का प्रयत्न कीजिए।
पुस्तक के पृष्ठ 101 पर दी गई बनावट।
उत्तर

हाँ। एक ही माप के पाँच वृत्त बनाइए — एक बीच में, और चार ऐसे जिनके केंद्र बीच वाले वृत्त पर हों। परकार का फैलाव पूरे समय वही रखिए।

चरण

  1. परकार को किसी भी चौड़ाई पर खोलिए। अब उसे बदलिए मत।
  2. बीच का वृत्त बनाइए। उसका केंद्र O चिह्नित कीजिए।
  3. O से होकर दो व्यास खींचिए जो समकोण पर मिलें, जोड़ के चिह्न जैसे। वे वृत्त को चार बिंदुओं पर काटते हैं — ऊपर, नीचे, बाएँ और दाएँ।
  4. परकार की नोक ‘ऊपर’ वाले बिंदु पर रखिए और पूरा वृत्त बनाइए। यही नीचे, बाएँ और दाएँ बिंदुओं पर भी कीजिए।
  5. बीच में देखिए। चार पंखुड़ियाँ बन गई हैं, और चारों O पर मिलती हैं।
  6. रंग भरिए। पंखुड़ियों में एक रंग, बाहर उभरे भागों में दूसरा, और छोटे कोनों में तीसरा।
एक ही माप के पाँच वृत्त चार पंखुड़ियों का फूल बनाते हैं
हरा वृत्त पहला है। चारों क्रीम वृत्तों के केंद्र उसके ऊपर, नीचे, बाएँ और दाएँ बिंदुओं पर हैं।
पंखुड़ियाँ क्यों बनती हैं: एक ही माप के दो वृत्त जब एक-दूसरे को काटते हैं तो बीच में पत्ती जैसा भाग साझा हो जाता है। यहाँ हर पड़ोसी वृत्तों की जोड़ी ऐसे ही कटती है, और चूँकि चारों नए वृत्त केंद्र O से होकर जाते हैं, चारों पंखुड़ियाँ ठीक O पर मिल जाती हैं।
आगे बढ़िए: परकार बदले बिना, जहाँ-जहाँ वृत्त एक-दूसरे को काटते हैं वहाँ और वृत्त बनाइए। वही बनावट मिलेगी जो पूरे भारत में मंदिरों की दीवारों और रंगोली में दिखती है।
क्या यह उपयोगी रहा?