कक्षा ५ गणित अध्याय 7 आइए पता लगाएँ के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन2026-09-19
प्र1.
क्या सम त्रिभुज किसी बिंदु पर रिक्त स्थान छोड़े बिना व्यवस्थित हो सकते हैं? कितने त्रिभुज एक साथ व्यवस्थित हो सकते हैं? (पुस्तक के अंत में एक प्रतिदर्श त्रिभुज दिया गया है।)
उत्तर
हाँ, ये पूरी तरह जम जाते हैं। एक बिंदु के चारों ओर छह त्रिभुज आते हैं।
60 माप के छह कोने मिलकर एक पूरा चक्कर बनाते हैं। न कोई जगह बचती है, न कोई त्रिभुज दूसरे पर चढ़ता है।
समबाहु त्रिभुज का कोना = 60 पूरा चक्कर बनाने के लिए कितने? 360 ÷ 60 = 6 जाँच: 60 × 6 = 360 ✓
ऐसा क्यों होता है: जिस त्रिभुज की तीनों भुजाएँ समान हों उसके तीनों कोण भी समान होते हैं, और हर कोण 60 का होता है। ऐसे छह कोने मिलकर ठीक एक पूरा चक्कर बना देते हैं, इसलिए त्रिभुज बिना कुछ बचे बंद हो जाते हैं। इसीलिए समबाहु त्रिभुज प्रतिरूप में व्यवस्थित किए जा सकते हैं।
क्या आपने देखा? छहों त्रिभुज मिलकर एक सम षट्भुज बना देते हैं। इसीलिए षट्भुज और त्रिभुज की टाइल्स साथ-साथ इतनी सुंदर लगती हैं।
प्र2.
क्या वर्ग (एक सम 4-भुजीय आकृति) किसी बिंदु के चारों ओर रिक्त स्थान छोड़े बिना या आच्छादन के बिना व्यवस्थित हो सकते हैं? वर्गों के कटआउट (पुस्तक के अंत में एक प्रतिदर्श वर्ग दिया गया है) के साथ इसे करने का प्रयत्न कीजिए। आपको कितने वर्गों की आवश्यकता हुई?
उत्तर
हाँ, वर्ग बिना रिक्त स्थान और बिना आच्छादन के जम जाते हैं। इसके लिए 4 वर्ग चाहिए।
वर्ग के चार कोने एक बिंदु के चारों ओर ठीक बैठते हैं। न कुछ बचता है, न कुछ ऊपर चढ़ता है।
वर्ग का कोना = समकोण = 90 360 ÷ 90 = 4 वर्ग जाँच: 90 × 4 = 360 ✓
ऐसा क्यों होता है: वर्ग का हर कोना समकोण होता है। चार समकोण मिलकर पूरा चक्कर बनाते हैं — सोचिए, चौथाई चक्कर चार बार घूमने पर आप फिर सामने की ओर मुँह कर लेते हैं। इसलिए चार वर्ग ठीक बंद हो जाते हैं और वर्ग प्रतिरूप में व्यवस्थित हो सकते हैं।
अपने आस-पास देखिए: कक्षा के फर्श की टाइल्स, शतरंज की बिसात, ग्राफ़ कागज के खाने — सब में चार-चार वर्ग एक कोने पर मिल रहे हैं।
प्र3.
क्या पाँच वर्ग किसी बिंदु के चारों ओर बिना किसी रिक्त स्थान या आच्छादन के व्यवस्थित हो सकते हैं? यदि 'हाँ' तो क्यों और 'नहीं' तो क्यों नहीं?
उत्तर
नहीं। पाँच वर्ग एक बिंदु के चारों ओर नहीं जम सकते। पाँचवें को दूसरों के ऊपर चढ़ना ही पड़ेगा।
चार वर्ग ही चक्कर पूरा कर देते हैं: 90 × 4 = 360 पाँच वर्गों को चाहिए: 90 × 5 = 450 450, 360 से 90 अधिक है अर्थात् पूरा एक समकोण रखने की जगह ही नहीं बची।
पाँचवें वर्ग के लिए जगह ही नहीं बचती, इसलिए वह दूसरों पर चढ़ जाता है।
ऐसा क्यों होता है: किसी भी बिंदु के चारों ओर बाँटने के लिए ठीक एक पूरा चक्कर होता है, और वह 360 है। 90 माप के चार कोने उसे पूरा खर्च कर देते हैं। पाँचवें कोने को और 90 चाहिए, जो बचा ही नहीं।
यही नियम हर जगह लागू है: आकृतियाँ किसी बिंदु के चारों ओर तभी जमती हैं जब उनके कोनों का जोड़ ठीक 360 हो — न कम (रिक्त स्थान) और न अधिक (आच्छादन)।
प्र4.
क्या सम षट्भुज (समान भुजाओं वाली 6-भुजीय आकृति) किसी बिंदु के चारों ओर बिना किसी रिक्त स्थान छोड़े या आच्छादन के बिना व्यवस्थित किए जा सकते हैं? प्रयत्न कीजिए व देखिए (पुस्तक के अंत में एक प्रतिदर्श षट्भुज दिया गया है)। किसी बिंदु पर कितने सम षट्भुजों को व्यवस्थित किया जा सकता है?
उत्तर
हाँ। एक बिंदु के चारों ओर तीन सम षट्भुज जमते हैं।
हर बिंदु पर तीन सम षट्भुज मिलते हैं — ठीक वैसे ही जैसे मधुमक्खी के छत्ते में।
ऐसा क्यों होता है: सम षट्भुज को उसके केंद्र से 6 समान त्रिभुजों में काटा जा सकता है, और षट्भुज का हर कोना ऐसे दो 60 के कोणों से बनता है। इससे हर कोने पर 120 बनता है, और तीन कोने मिलकर पूरा चक्कर। इसलिए सम षट्भुज प्रतिरूप में व्यवस्थित किए जा सकते हैं।
क्या आप जानते हैं? मधुमक्खियाँ अपना छत्ता षट्भुजों से बनाती हैं। षट्भुज में सबसे कम मोम में सबसे अधिक शहद आता है और कोई जगह भी खाली नहीं बचती।