कक्षा ५ गणित अध्याय 7 टाइल्स लगाना व उन्हें प्रतिरूप में व्यवस्थित करना के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन2026-09-19
प्र1.
यहाँ एक से अधिक आकृतियों को किसी प्रतिरूप में व्यवस्थित करने का एक उदाहरण दिया गया है। इस प्रतिरूप में कौन-सी आकृतियों का उपयोग किया गया है? ____________, ____________।पुस्तक के पृष्ठ 95 पर दिया गया प्रतिरूप।
उत्तर
सम षट्भुज और समबाहु त्रिभुज।
पुस्तक का चित्र देखिए। बड़ी नारंगी आकृतियों की छह समान भुजाएँ हैं — वे सम षट्भुज हैं। उनके बीच की नीली आकृतियों की तीन समान भुजाएँ हैं — वे समबाहु त्रिभुज हैं।
नारंगी षट्भुज और उनके बीच हर खाली जगह भरते नीले त्रिभुज। न छेद, न आच्छादन।
हर मिलन-बिंदु पर: षट्भुज के 2 कोने + त्रिभुज के 2 कोने = 120 + 120 + 60 + 60 = 360 — ठीक एक पूरा चक्कर ✓
दो आकृतियाँ क्यों: षट्भुज अकेले भी जमते हैं और त्रिभुज अकेले भी। यहाँ दोनों मिलाए गए हैं, और फिर भी काम चलता है क्योंकि मिलने वाले कोनों का जोड़ अब भी 360 है। एक प्रतिरूप में एक से अधिक आकृतियाँ हो सकती हैं, बस यह नियम बना रहे।
ढूँढ़िए: यह प्रतिरूप रंगोली, दुपट्टे की छपाई और पुराने फर्शों की टाइल्स में बहुत मिलता है। दोनों आकृतियाँ पहचान लेने पर यह हर जगह दिखने लगेगा।
प्र2.
नीचे दिए गए प्रतिरूप को पूरा कीजिए एवं इसमें उचित रंग भरिए।पुस्तक के पृष्ठ 95 पर छपा हुआ प्रतिरूप का भाग।
उत्तर
बार-बार एक बैंगनी षट्भुज बनाइए और उसके चारों ओर छह पीले त्रिभुज। पुस्तक में बना छोटा टुकड़ा षट्भुज-त्रिभुज प्रतिरूप की शुरुआत है।
चरण
जो बना है उसे देखिए। हर बैंगनी षट्भुज की भुजाओं पर पीले त्रिभुज बैठे हैं।
षट्भुज की कोई खाली भुजा चुनिए। उस पर एक पीला त्रिभुज रखिए, उसकी भुजा ठीक षट्भुज की भुजा पर।
जहाँ दो त्रिभुज एक-दूसरे की ओर मुँह करें, वहाँ बीच की जगह में नया बैंगनी षट्भुज बनाइए।
दोहराते जाइए जब तक बिंदुकित बॉक्स भर न जाए।
रंग भरिए — सभी षट्भुज एक रंग में, सभी त्रिभुज दूसरे रंग में। एक ही आकृति, एक ही रंग।
पूरी बनावट: बैंगनी षट्भुज, पीले त्रिभुज, और कहीं भी खाली जगह नहीं।
कोई जगह खाली क्यों नहीं बचती: हर कोने पर दो षट्भुज और दो त्रिभुज मिलते हैं। 120 + 120 + 60 + 60 = 360, अर्थात् एक पूरा चक्कर। नियम हर कोने पर एक जैसा है, इसलिए यह प्रतिरूप अनंत तक चल सकता है।
रंग भरने का सुझाव: स्थान के अनुसार नहीं, आकृति के अनुसार रंग भरिए। सभी षट्भुज एक रंग, सभी त्रिभुज दूसरा रंग। तब प्रतिरूप दूर से भी साफ़ दिखता है।
प्र3.
एक सम अष्टभुज का अर्थ है एक ऐसी आकृति जिसमें आठ समान भुजाएँ हों। क्या सम अष्टभुज बिना किसी रिक्त स्थान या आच्छादन के व्यवस्थित किए जा सकते हैं? इसे बनाने का प्रयत्न कीजिए एवं जाँचिए।
उत्तर
नहीं। सम अष्टभुज किसी प्रतिरूप में व्यवस्थित नहीं किए जा सकते। जहाँ भी दो अष्टभुज मिलते हैं, वहाँ वर्ग जैसा छेद बच जाता है।
अष्टभुज के दो कोने चक्कर पूरा नहीं करते, और तीसरा अष्टभुज बची जगह के लिए बहुत बड़ा है।
सम अष्टभुज का कोना = 135 दो कोने = 135 + 135 = 270, बची जगह = 360 − 270 = 90 तीन कोने = 135 × 3 = 405, जो 360 से अधिक है → आच्छादन हो जाएगा अर्थात् न 2 से काम बनता है, न 3 से।
ऐसा क्यों होता है: 360 में 135 पूरा-पूरा नहीं कटता। दो अष्टभुज 90 की जगह छोड़ देते हैं और तीसरा उसमें नहीं समा सकता क्योंकि उसे 135 चाहिए। इसलिए केवल अष्टभुजों के फर्श में हमेशा छेद रह जाते हैं।
पर एक तरकीब है: बची हुई जगह ठीक 90 की है — यानी वर्ग का कोना। इसलिए अष्टभुज और छोटे वर्ग साथ में लगाएँ तो फर्श पूरी तरह ढक जाता है। पुराने बरामदों की टाइल्स प्रायः ऐसी ही होती हैं। इसे बनाकर देखिए।