कक्षा ५ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 1 गतिविधि 8 के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
अपने शिक्षक अथवा माता-पिता के साथ किसी स्थानीय जल-निकाय, जैसे— तालाब, झील अथवा जल-जीवशाला को देखने जाइए और जल-निकाय के अंदर और आस-पास के जीवन का अवलोकन कीजिए। 1. अपने अवलोकनों के आधार पर निम्नलिखित तालिका को पूरा कीजिए। (दी गई पंक्तियाँ — मछली: गोल मुख, ऊपर की ओर, मीनपक्ष; तालाब का बगुला: लंबी एवं नुकीली चोंच, पतले पैर।)
पक्षी या जंतु का नाममुख या चोंचपैर, पाद, मीनपक्ष के द्वारा गतिचित्र
मछलीगोल मुख, ऊपर की ओरमीनपक्ष
तालाब का बगुलालंबी एवं नुकीली चोंचपतले पैर
    
    
    
पृष्ठ 17 पर गतिविधि 8 के साथ छपी तालिका — पहली दो पंक्तियाँ पुस्तक की अपनी हैं, उनके दोनों चित्रों सहित; तीन पंक्तियाँ आपके अपने अवलोकनों के लिए रिक्त हैं।
उत्तर

भ्रमण को उपयोगी कैसे बनाएँ

  1. शिक्षक या माता-पिता के साथ ही जाइए। जल के किनारे से दूर रहिए।
  2. किसी पौधे या जंतु को स्पर्श मत कीजिए और न ही उन्हें छेड़िए। केवल देखिए।
  3. पहले दो मिनट चुपचाप स्थिर खड़े रहिए — शांति होते ही पक्षी लौट आते हैं।
  4. हर जीव के बारे में दो बातें नोट कीजिए: उसका मुख या चोंच कैसी है और वह किस अंग से गति करता है
  5. कॉपी में उसकी आकृति का एक कच्चा चित्र बनाइए। चित्र सुंदर होना आवश्यक नहीं, आकृति स्पष्ट होनी चाहिए।

नमूना उत्तर — पृष्ठ 14–15 के तालाब के चित्र और पृष्ठ 16 के सूचना कार्ड में दिखाए गए जीवों से भरी गई तालिका। पहली दो पंक्तियाँ पुस्तक की हैं।

पक्षी या जंतु का नाममुख या चोंचपैर, पाद, मीनपक्ष के द्वारा गतिचित्र
मछलीगोल मुख, ऊपर की ओरमीनपक्षदोनों सिरों पर नुकीला लंबा शरीर, मीनपक्ष और पूँछ सहित
तालाब का बगुलालंबी एवं नुकीली चोंचपतले पैरउथले जल में तीली जैसे पैरों पर खड़ा लंबा पक्षी
मेंढकचौड़ा मुख, कीट पकड़ने के लिए लंबी चिपचिपी जीभचार पैर; तैरने और कूदने के लिए लंबे जालयुक्त पिछले पैरगोल शरीर, ऊपर की ओर बड़ी आँखें, मुड़े हुए पिछले पैर
मीठे पानी का कछुआछोटा भोथरा मुख, दाँतों के स्थान पर कठोर जबड़ेचार छोटे जालयुक्त पाद, जो चप्पू की तरह काम करते हैंगुंबद जैसा कवच, जिससे सिर और चार पाद बाहर निकले हों
किलकिला (किंगफ़िशर)लंबी, सीधी, छुरी जैसी चोंच जिससे मछली पकड़ता हैबहुत छोटे पैर; यह उड़कर गोता लगाता है, जल में चलता नहींसरकंडे पर बैठा छोटा गोल पक्षी, बहुत लंबी चोंच सहित
मेंढक कछुआ किलकिला
ऐसे कच्चे चित्र पर्याप्त हैं। आकृति, मुख और गति करने वाला अंग दिखाइए।
क्या ध्यान देना है: हर मुख उसके भोजन के अनुरूप है और हर गति करने वाला अंग उसके स्थान के अनुरूप। बगुले की लंबी नुकीली चोंच मछली पकड़ने की चिमटी है और पतले पैर उसे उथले जल में बिना धँसे खड़ा रहने देते हैं। किलकिला की छुरी जैसी चोंच तेज़ गोते के लिए है। कछुए के जालयुक्त पाद चप्पू हैं। मछली का ऊपर की ओर खुलने वाला मुख सतह पर तैरता भोजन लेने में सहायक है।
यदि जल-निकाय तक न जा सकें: किसी दुकान या विद्यालय की जल-जीवशाला देखिए, या पुस्तक के पृष्ठ 14–15 के तालाब के चित्र को ध्यान से देखिए। उसमें मेंढक, मछलियाँ, कछुआ, जलीय सर्प, व्याध पतंग, जल पर चलने वाले कीट, किलकिला, बगुला और अन्य जल-पक्षी दिखाई देते हैं।
प्र2.
2. भ्रमण के समय आपने जिन पौधों को देखा है उनके चित्र बनाइए। उनके स्थानीय नामों के साथ उनका नामांकन कीजिए। (तालिका: प्रकार — नाम — स्थानीय नाम; पहली पंक्ति में ‘लिली’ दिया गया है।)
उत्तर

जलीय पौधे इस बात से तीन समूहों में बँटते हैं कि वे अपनी पत्तियाँ और जड़ें कहाँ रखते हैं। तालिका यह रही। अंतिम स्तंभ में अपने क्षेत्र के नाम लिखिए — वे स्थान-स्थान पर बदलते हैं।

प्रकारनामस्थानीय नाम (नमूना)
प्लवन करते पौधे (जल के ऊपर)लिली · जलकुंभी · लेम्नाकुमुदिनी · जलकुंभी · जलपर्णी
जल के अंदर रहने वाले पौधेहाइड्रिला · वैलिसनेरिया (फीता घास)सिवार / जल-सिवार
ऐसे पौधे जिनकी जड़ें जल संस्तर पर होती हैं किंतु वे जल के ऊपर दिखाई देते हैंकमल · नरकुल · सिंघाड़ाकमल · पटेरा / नरकुल · सिंघाड़ा

हर पौधे का चित्र कैसे बनाएँ:

  1. प्लवी पौधा। पहले जल की रेखा खींचिए। फिर उस रेखा पर गोल चपटी पत्तियाँ बनाइए और नीचे बाल जैसी छोटी जड़ें लटकाइए।
  2. जल के अंदर का पौधा। तालाब के संस्तर से उठता एक पतला तना बनाइए जिस पर सारी लंबाई में सँकरी पत्तियाँ हों, और पूरा पौधा जल की रेखा के नीचे रहे।
  3. जड़ें संस्तर में, पौधा ऊपर। नीचे कीचड़ में जड़ें, जल में से ऊपर जाता लंबा डंठल और जल की रेखा के ऊपर खड़ी पत्ती या पुष्प बनाइए।
ये तीन समूह क्यों बनते हैं: हर हरे पौधे को सूर्य का प्रकाश चाहिए। प्लवी पौधा अपनी पत्तियाँ सतह पर रखकर उसे पा लेता है। कमल जैसा जड़युक्त पौधा लंबा डंठल ऊपर भेजकर पत्ती को जल के ऊपर ले आता है। हाइड्रिला जैसा जल के अंदर का पौधा जल में पहुँचने वाले कम प्रकाश से ही काम चला लेता है, इसलिए उसकी पत्तियाँ पतली और सँकरी होती हैं।
पृष्ठ 16 के सूचना कार्ड से: नरकुल तालाब के किनारों पर उगने वाले लंबे, घास जैसे पौधे हैं; कमल और कुमुदिनी को जलबद्ध प्लवी कहा गया है — इनके पुष्प जल पर तैरते हैं और जड़ें तालाब के संस्तर पर रहती हैं; जलकुंभी मुक्त प्लवी है और तालाब पर बहुत तेज़ी से फैल जाती है।
क्या यह उपयोगी रहा?