कक्षा ५ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 1 गतिविधि 9 के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
1. एक कागज का टुकड़ा लीजिए और उस पर जल की एक बूँद डालिए। अवलोकन कीजिए।
उत्तर

आप क्या देखेंगे: बूँद गोल नहीं रहती। वह तुरंत फैलकर चपटा गीला धब्बा बन जाती है, कागज़ में समा जाती है और वह स्थान गहरा, मुलायम तथा आर-पार दिखने वाला हो जाता है। कागज़ उठाने पर गीला भाग झूल जाता है और रगड़ने पर सरलता से फट जाता है।

कैसे कीजिए:

  1. सादा, स्वच्छ कागज़ लीजिए — पुरानी कॉपी का पन्ना भी चलेगा।
  2. उँगली जल में डुबोकर कागज़ के बीच में एक बूँद गिराइए।
  3. धीरे-धीरे दस तक गिनिए और बूँद को देखिए।
  4. अब गीले स्थान को हल्के से छूकर देखिए कि कागज़ कैसा लगता है।
ऐसा क्यों होता है: कागज़ असंख्य नन्हे रेशों को दबाकर बनाया जाता है और उनके बीच नन्हे रिक्त स्थान रहते हैं। जल उन्हीं रिक्त स्थानों में घुसकर अगल-बगल और नीचे फैल जाता है। कागज़ जल को सोख लेता है, ठीक जैसे कपड़ा या स्पंज सोखता है।
प्र2.
2. कागज पर मोम के रंगों (क्रेयॉन) से रंग भरिए। अब इस पर जल की बूँद डालिए। क्या आपको कोई परिवर्तन दिखाई देता है?
उत्तर

हाँ, बड़ा परिवर्तन दिखाई देता है। बूँद सतह पर चमकदार गोल मोती की तरह टिकी रहती है। वह न फैलती है, न भीतर जाती है। कागज़ को तिरछा करने पर बूँद लुढ़ककर गिर जाती है और नीचे का कागज़ सूखा ही रहता है।

कैसे कीजिए:

  1. उसी तरह का नया कागज़ लीजिए।
  2. हथेली जितने भाग पर मोम के रंग (क्रेयॉन) से रंग भरिए। दबाकर और एकसमान रंगिए, कोई सफ़ेद जगह न छूटे।
  3. रंगे हुए भाग के बीच में जल की एक बूँद डालिए।
  4. दस सेकंड देखिए, फिर कागज़ को धीरे-धीरे तिरछा कीजिए।
क्या जाँचासादा कागज़मोम के रंग से रंगा कागज़
बूँद की आकृतिचपटी होकर फैल जाती हैगोल मोती जैसी बनी रहती है
क्या भीतर समाती है?हाँ, तुरंतनहीं
बाद में कागज़ गीला है?हाँ, गहरा और मुलायमनहीं, सूखा ही है
कागज़ तिरछा करने परगीला धब्बा वहीं रहता हैबूँद लुढ़ककर गिर जाती है
ऐसा क्यों होता है: क्रेयॉन कागज़ पर मोम की एक पतली परत छोड़ देता है। मोम और जल आपस में नहीं मिलते और मोम में जल के घुसने के लिए कोई रिक्त स्थान नहीं होता। इसलिए मोम की परत कागज़ को बंद कर देती है — उसे जलरोधी बना देती है, अर्थात् ऐसा कि जल आर-पार न जा सके। फैलने की जगह न मिलने पर बूँद स्वयं को सबसे छोटी आकृति, अर्थात् गोल मोती, में समेट लेती है।
प्र3.
अपने अवलोकन लिखिए।
उत्तर

मेरा अवलोकन: सादे कागज़ पर जल की बूँद फैलकर भीतर समा गई और कागज़ गीला तथा कमज़ोर हो गया। मोम के रंग से रंगे कागज़ पर बूँद गोल बनी रही, बिलकुल भीतर नहीं गई और कागज़ तिरछा करने पर लुढ़ककर गिर गई। मोम ने कागज़ को जलरोधी बना दिया।

सादा कागज़ → जल भीतर समा जाता है
मोम लगा कागज़ → जल ऊपर ही टिकता है और लुढ़क जाता है
यह पौधों के बारे में क्या बताता है: अनेक पत्तियों पर प्राकृतिक मोमीय आलेपन होता है, ठीक क्रेयॉन की परत जैसा। यह आलेपन पत्ती को जलरोधी बना देता है और पौधे के अंदर अत्यधिक जल को जाने से रोकता है। इससे पौधा स्वस्थ रहता है और क्षतिग्रस्त होने से बचता है। इसीलिए कमल के पत्ते पर वर्षा की बूँदें चमकते मोतियों की तरह टिकती हैं और लुढ़क जाती हैं — पृष्ठ 18 पर पत्ती का चित्र देखिए।
यह विचार और कहाँ काम आता है? बरसाती, छाता, भोजन लपेटने वाला मोम लगा कागज़ और गाड़ी की पॉलिश — सब इसी तरह जल को बाहर रोकते हैं।
क्या यह उपयोगी रहा?