कक्षा ५ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 10 गतिविधि 1 के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
1. मेरा पता — नाम ___ मकान संख्या / भवन का नाम ___ गली का नाम ___ गाँव/कस्बा/शहर ___ जिला ___ राज्य अथवा केंद्र शासित प्रदेश ___ राष्ट्र ___ ग्रह ___
उत्तर

पंक्तियों को सबसे छोटे स्थान से सबसे बड़े स्थान की ओर भरिए और अंतिम पंक्ति में पृथ्वी लिखिए। वही अंतिम पंक्ति संसार के हर बच्चे की एक-सी होगी — और यही कारण है कि यह बक्सा यहाँ छापा गया है।

कैसे भरें — चरण दर चरण:

  1. अपना पूरा नाम वैसे ही लिखिए जैसे विद्यालय के रजिस्टर में लिखा है।
  2. मकान संख्या या भवन का नाम लिखिए। यदि घर पर कोई संख्या न हो तो कोई पहचान लिखिए — “पीपल के पेड़ के पास”, “आँगनवाड़ी के सामने”।
  3. अपनी गली या मोहल्ले का नाम लिखिए। गाँव में यह टोला भी हो सकता है।
  4. अपने गाँव, कस्बे या शहर का नाम लिखिए।
  5. अपना ज़िला लिखिए। संदेह हो तो विद्यालय की किसी सूचना या राशन कार्ड पर देख लीजिए।
  6. अपना राज्य अथवा केंद्र शासित प्रदेश लिखिए।
  7. अपना राष्ट्र लिखिए — भारत
  8. अपना ग्रह लिखिए — पृथ्वी

नमूना उत्तर — पहली सात पंक्तियाँ आपकी अलग होंगी, अंतिम पंक्ति बिलकुल यही रहेगी।

पंक्तिनमूना उत्तरयह कितना बड़ा है?
नामआरव कुमारएक व्यक्ति
मकान संख्या / भवन का नाम14, शांति निवासएक घर
गली का नामगांधी मार्गकुछ सौ लोग
गाँव/कस्बा/शहररामपुरकुछ हज़ार लोग
जिलावाराणसीअनेक गाँव और कस्बे मिलाकर
राज्य अथवा केंद्र शासित प्रदेशउत्तर प्रदेशकरोड़ों लोग
राष्ट्रभारत140 करोड़ से अधिक लोग
ग्रहपृथ्वीहमें ज्ञात हर मनुष्य, हर पशु और हर पौधा
यह बक्सा ‘ग्रह’ पर क्यों समाप्त होता है: हर पंक्ति अपने से ऊपर वाली पंक्ति से अधिक लोगों को समेटती है। अंतिम पंक्ति तक पहुँचते-पहुँचते उसमें सब आ जाते हैं — केरल का बच्चा, मंगोलिया का बच्चा, किसान, अंतरिक्ष यात्री, और गाय, नीम का पेड़ तथा गुलाबी मैना भी। उस पंक्ति का उत्तर किसी का अलग नहीं होता। यही इस अध्याय का मूल विचार है — पहली सात पंक्तियाँ हमें अलग बनाती हैं, आठवीं पंक्ति हमें एक परिवार बनाती है।
क्या आप जानते हैं? डिजिपिन यही काम छोटे रूप में करता है। यह भारत के छोटे से छोटे स्थान को भी 10 अक्षरों का अपना डिजिटल कोड देता है — मानो आपके घर या विद्यालय की नाम-पट्टिका। इससे डाकिया, एंबुलेंस या वितरणकर्ता आपको बड़े शहर में भी और बिखरे हुए गाँव में भी शीघ्र ढूँढ़ लेते हैं।
प्र2.
2. निम्नलिखित का पता लगाने के लिए ग्लोब का प्रयोग कीजिए— (क) क्या पृथ्वी के सभी महासागर आपस में जुड़े हुए हैं?
उत्तर

हाँ, सभी महासागर आपस में जुड़े हुए हैं। वे वास्तव में खारे जल का एक ही विशाल भंडार हैं, जिसे हमने भागों में बाँटकर पाँच नाम दे दिए हैं — प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर, हिंद महासागर, दक्षिणी महासागर और आर्कटिक महासागर।

ग्लोब पर स्वयं जाँचिए:

  1. भारत के ठीक दक्षिण के समुद्र पर उँगली रखिए। यह हिंद महासागर है।
  2. उँगली को पश्चिम की ओर, अफ़्रीका के दक्षिणी सिरे के नीचे से सरकाइए। उँगली उठाइए मत। अब आप अटलांटिक महासागर में हैं।
  3. पश्चिम और फिर दक्षिण की ओर, दक्षिण अमेरिका के नीचे से सरकते जाइए। बीच में कहीं भूमि नहीं आई। अब आप प्रशांत महासागर में हैं।
  4. पश्चिम की ओर चलते रहिए, जब तक आप ऑस्ट्रेलिया के नीचे से होकर फिर हिंद महासागर में न आ जाएँ।
  5. आपने पूरी पृथ्वी का चक्कर लगा लिया और एक बार भी उँगली जल से नहीं उठानी पड़ी। यही प्रमाण है कि महासागर जुड़े हुए हैं।
प्रशांत + अटलांटिक + हिंद + दक्षिणी + आर्कटिक = एक जुड़ा हुआ महासागर
जल पृथ्वी की सतह के लगभग तीन-चौथाई भाग को घेरता है
इस अध्याय में यह क्यों महत्वपूर्ण है: जल जुड़ा हुआ है, इसलिए मछली, कछुआ या व्हेल किसी सीमा को पार किए बिना एक देश के तट से दूसरे देश के तट तक तैर सकते हैं। और किसी एक स्थान पर नदी में फेंका गया कचरा भी उसी जल के साथ बहकर दूर किसी तट पर पहुँच सकता है। जुड़ा हुआ जल एक उपहार भी है और एक चेतावनी भी — यही सबसे स्पष्ट प्रमाण है कि प्रकृति की कोई सीमा नहीं होती
ध्यान से देखिए: ग्लोब का नीला रंग एक-सा नहीं है। हल्का नीला प्रायः तट के पास का उथला जल दर्शाता है और गहरा नीला खुला, गहरा महासागर। भारत के चारों ओर हल्के नीले रंग की पट्टी ढूँढ़िए — वहीं हमारी मछली पकड़ने वाली नावें जाती हैं।
प्र3.
2. निम्नलिखित का पता लगाने के लिए ग्लोब का प्रयोग कीजिए— (ख) ग्लोब पर भारत कहाँ स्थित है?
उत्तर

भारत एशिया के दक्षिणी भाग में, हिंद महासागर के उत्तर में स्थित है। ग्लोब घुमाकर एशिया का विशाल भू-भाग ढूँढ़िए। भारत उससे नीचे की ओर लटकते हुए एक चौड़े त्रिभुज जैसा दिखता है जिसका नुकीला सिरा समुद्र की ओर है।

पाँच चरणों में ढूँढ़िए:

  1. भूमध्य रेखा ढूँढ़िए — वह रेखा जो ग्लोब के ठीक बीच से चारों ओर खिंची है। भारत उससे ऊपर, अर्थात् उत्तरी भाग में है।
  2. ग्लोब का सबसे बड़ा भू-भाग ढूँढ़िए। वह एशिया है।
  3. एशिया के दक्षिणी किनारे पर समुद्र में उतरता हुआ चौड़ा त्रिभुज देखिए। वही भारत है।
  4. उसके ऊपरी किनारे पर बने पर्वत देखिए — वे हिमालय हैं।
  5. अब चारों ओर का जल देखिए। भारत के पश्चिम में अरब सागर है, पूर्व में बंगाल की खाड़ी और नुकीले सिरे के नीचे हिंद महासागर
भारत से दिशाग्लोब पर क्या दिखेगा
उत्तरहिमालय, और उसके आगे चीन, नेपाल तथा भूटान
पश्चिमपाकिस्तान, अरब सागर और उससे आगे अरब देश
पूर्वबांग्लादेश, म्याँमार और बंगाल की खाड़ी
दक्षिणश्रीलंका और उसके आगे खुला हिंद महासागर
दूर उत्तर-पश्चिमरूस और मंगोलिया — जहाँ से हमारे शीतकालीन पक्षी आते हैं
पृथ्वी के दूसरी ओरदक्षिण अमेरिका और मैक्सिको — जहाँ से मिर्च और गेंदा आए
एक बात ध्यान देने योग्य: भारत विश्व का एकमात्र देश है जिसके नाम पर एक महासागर का नाम है। यह संयोग नहीं है। हज़ारों वर्षों तक उसी महासागर से जहाज़ हमारे मसाले, कपड़ा और शक्कर बाहर ले जाते रहे और खजूर, नींबू तथा बाद में मिर्च यहाँ लाते रहे। ग्लोब पर भारत की स्थिति ही वह कारण है जिससे इस अध्याय की इतनी कहानियाँ भारत से होकर गुज़रती हैं।
शिक्षक आपको ये भी दिखा सकते हैं: मैक्सिको, पुर्तगाल, दक्षिण अमेरिका, ब्राजील, रूस और मंगोलिया। हर कहानी पढ़ते समय उस देश को ग्लोब पर ढूँढ़िए और वहाँ कागज़ की एक छोटी झंडी लगा दीजिए। अध्याय समाप्त होते-होते आपका ग्लोब झंडियों से भर जाएगा।
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