कक्षा ५ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 10 पृथ्वी — हम सबका घर के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
अंतरिक्ष से देखने पर पृथ्वी पर कोई रेखा नहीं दिखती। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक पहुँचने वाले पहले भारतीय ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने कहा कि बाहर से देखने पर पृथ्वी पूरी तरह एक दिखाई देती है — न कोई सीमा, न कोई राज्य, न कोई देश। अंतरिक्ष से पृथ्वी को देखने वाले पहले भारतीय विंग कमांडर राकेश शर्मा से पूछा गया कि ऊपर से भारत कैसा दिखता है। उन्होंने उत्तर दिया — “सारे जहाँ से अच्छा” । उतनी ऊँचाई से अपना शहर या गाँव दिखाई ही नहीं देता; केवल बड़े भू-भाग और समुद्र का नीला रंग दिखता है। इसी कारण पृथ्वी को नीला ग्रह कहा जाता है। आपका एक पता है और उसकी अंतिम पंक्ति सबकी एक-सी है। पता छोटे से बड़े की ओर चलता है — घर, गली, गाँव या शहर, ज़िला, राज्य, राष्ट्र। उसके बाद की पंक्ति है ग्रह — पृथ्वी , और विश्व के हर देश का हर बच्चा वहाँ यही एक शब्द लिखेगा। डिजिपिन (DIGIPIN) इसी बात को नए ढंग से करता
त्वरित पुनरावृत्ति
| शब्द | अर्थ | अध्याय में कहाँ | रोज़मर्रा का उदाहरण |
|---|---|---|---|
| नीला ग्रह | पृथ्वी का एक नाम, क्योंकि अंतरिक्ष से इसका अधिकांश भाग नीला दिखता है — वह नीला रंग समुद्र है | नीला ग्रह, पृष्ठ 161 | कक्षा में रखा ग्लोब — उसका नीला भाग जल है |
| सीमा | वह रेखा जो बताती है कि एक देश या राज्य कहाँ समाप्त होता है और दूसरा कहाँ आरंभ | पृष्ठ 163 | मानचित्र पर दो राज्यों के बीच खिंची रेखा |
| पता | आप कहाँ रहते हैं, यह छोटे भाग से बड़े भाग की ओर लिखा हुआ | गतिविधि 1, पृष्ठ 162 | मकान संख्या, गली, गाँव, ज़िला, राज्य, राष्ट्र, ग्रह |
| डिजिपिन (DIGIPIN) | 10 अक्षरों का डिजिटल कोड जो भारत के एक छोटे-से स्थान को पहचान देता है | क्या आप जानते हैं?, पृष्ठ 163 | वह ‘नाम-पट्टिका’ जिससे एंबुलेंस आपका घर ढूँढ़ ले |
| प्रवासी पक्षी | वह पक्षी जो एक ऋतु के लिए दूसरे देश से आता है और बाद में लौट जाता है | कहानी 1, पृष्ठ 164 | हर सर्दी में भारत आने वाली गुलाबी मैना |
| गुलाबी मैना | काले-गुलाबी रंग का पक्षी जो सर्दियों में बड़े समूहों में भारत आता है और फ़सल के कीट खाता है | कहानी 1, पृष्ठ 164 | खेत के ऊपर धुएँ के बादल-सा घूमता पक्षियों का झुंड |
| कीट (फ़सल को हानि पहुँचाने वाले) | वे कीड़े जो फ़सलों को क्षति पहुँचाते हैं | कहानी 1, पृष्ठ 164 | गेहूँ के खेत में टिड्डे और टिड्डियाँ |
| योग | आसनों और श्वास का प्राचीन भारतीय अभ्यास जो शरीर को स्वस्थ और मन को शांत रखता है | कहानी 2, पृष्ठ 166 | 21 जून को विद्यालय के मैदान में ताड़ासन करना |
| व्यापार | स्थानों के बीच क्रय-विक्रय, जिसके साथ बीज, भोजन और विचार भी एक देश से दूसरे देश जाते हैं | कहानी 4, पृष्ठ 169 | भारत से मसालों का जाना और चीन से कागज़ का आना |
| गुड़ | गन्ने के रस को उबालकर बनाया गया मीठा पदार्थ; भारत ने इसे सर्वप्रथम खोजा और बाद में इससे चीनी बनाई | कहानी 4, पृष्ठ 169 | सर्दियों में रोटी के साथ खाया जाने वाला गुड़ |
| नस्ल | एक ही प्रकार के पशुओं का वह समूह जिनका रूप और गुण मिलते-जुलते हों | कहानी 6, पृष्ठ 171 | गिर, कांकरेज और ओंगोल — भारतीय गाय की तीन नस्लें |
| परस्पर जुड़ा हुआ जीवन | यह विचार कि मनुष्य, पशु, पौधे और विचार सब एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं | परस्पर जुड़ा हुआ जीवन, पृष्ठ 172 | पक्षी कीट खाता है, फ़सल बचती है, हमें भोजन मिलता है |
| वसुधैव कुटुम्बकम् | प्राचीन भारत की कहावत, जिसका अर्थ है ‘पूरा विश्व एक परिवार है’ | पृथ्वी एक परिवार!, पृष्ठ 173 | अनजान व्यक्ति के साथ भी अपने भाई-बहन जैसा व्यवहार करना |
अभ्यास
- गतिविधि 1
- पाठ्य प्रश्न
- लिखिए
- गतिविधि 2
- लिखिए
- पाठ्य प्रश्न
- चर्चा कीजिए
- लिखिए
- लिखिए
- गतिविधि 3
- चर्चा कीजिए
- लिखिए
- लिखिए
- गतिविधि 4
- गतिविधि 5
- लिखिए
- आइए विचार करें