ऐसे पाँच पक्षी चुनिए जो सचमुच सर्दियों में भारत आते हैं, हर एक का चित्र बनाइए या चिपकाइए, और नीचे लिखिए कि वह कहाँ से आता है। ठीक से बनाया गया पाँच पक्षियों का पोस्टर पुस्तक से नकल किए पंद्रह नामों से कहीं अच्छा है।
कैसे बनाएँ:
- एक चार्ट पेपर लीजिए और ऊपर शीर्षक के लिए एक पट्टी छोड़कर उसे पाँच बराबर खानों में बाँटिए।
- शीर्षक लिखिए — “हमारे शीतकालीन अतिथि”, और नीचे अपनी कक्षा तथा वर्ष लिखिए।
- हर खाने में पक्षी का चित्र बनाइए या पुराने समाचार-पत्र या पत्रिका से काटकर चिपकाइए।
- हर पक्षी के नीचे चार छोटी पंक्तियाँ लिखिए — नाम, स्थानीय नाम, कहाँ से आता है, यहाँ कहाँ दिखता है।
- हर खाने में एक छोटा तीर बनाइए जो उस दिशा की ओर हो जहाँ से पक्षी आता है। हमारे अधिकांश शीतकालीन पक्षी उत्तर से आते हैं।
- पूरा करने से पहले किसी किसान, मछुआरे या पक्षी देखने वाले से पूछ लीजिए और जो ग़लत हो उसे सुधार लीजिए।
नमूना पोस्टर — सर्दियों में भारत आने वाले पाँच पक्षी
| पक्षी | कहाँ से आता है | भारत में कहाँ दिख सकता है | ध्यान देने योग्य बात |
|---|---|---|---|
| गुलाबी मैना (तिलियर) | रूस का दक्षिणी भाग, मंगोलिया और आस-पास के देश | खेतों के ऊपर, फूलों वाले पेड़ों पर, सूर्यास्त के समय बड़े पेड़ों पर बसेरा करते हुए | विशाल झुंड जो आकाश में मुड़ता-घूमता है; टिड्डे और टिड्डियाँ खाती है |
| पट्ट-शीर्ष हंस (बार-हेडेड गूज़) | मंगोलिया और मध्य एशिया | उत्तर और मध्य भारत की झीलें तथा नदियों के रेतीले किनारे | सिर के पीछे दो गहरी पट्टियाँ। यह हिमालय के ऊपर से उड़कर आता है |
| कुरजाँ (डेमोइज़ेल सारस) | मध्य एशिया और मंगोलिया | राजस्थान का खींचन गाँव, तथा गुजरात-राजस्थान के खेत | खींचन के ग्रामीण हर सर्दी की सुबह इन्हें अनाज खिलाते हैं |
| सींखपर (नॉर्दर्न पिनटेल बत्तख) | साइबेरिया और मध्य एशिया | लगभग पूरे भारत के तालाब, ताल और झीलें | नर की पूँछ लंबी, पतली और नुकीली होती है |
| अमूर बाज़ (अमूर फ़ाल्कन) | साइबेरिया और उत्तरी चीन | नागालैंड का दोयांग — अफ़्रीका जाते समय यह वहीं रुकता है | नागालैंड के जो गाँव कभी इसका शिकार करते थे, अब उसकी रक्षा करते हैं |