कक्षा ५ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 10 गतिविधि 4 के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
1. अपने शिक्षक या किसी बड़े की सहायता से गायों की कम से कम पाँच नस्लों के नाम पता कीजिए।
उत्तर

भारतीय गाय की पाँच नस्लें हैं — गिर, साहीवाल, लाल सिंधी, थारपारकर और कांकरेज। भारत में इनसे कहीं अधिक नस्लें हैं। किसी बुज़ुर्ग या पशुपालक से अवश्य पूछिए, क्योंकि वे आपके ज़िले की नस्लों के नाम बताएँगे — यही इस गतिविधि का असली उद्देश्य है।

कैसे पता कीजिए:

  1. अपने गाँव या मोहल्ले में गाय पालने वाले किसी व्यक्ति से, या दूध देने वाले से पूछिए।
  2. तीन प्रश्न पूछिए — “यह किस नस्ल की गाय है?”, “यह नस्ल कहाँ की है?”, “यह किस बात के लिए जानी जाती है?”
  3. पास में पशु चिकित्सालय या डेयरी हो तो वहाँ भी पूछिए।
  4. उत्तर नीचे जैसी तालिका में लिखिए और अंत में अपने ज़िले की नस्ल जोड़िए।
नस्लमूल राज्यकिसके लिए जानी जाती है
गिरगुजरातभरपूर दूध; चौड़ा, गोलाकार मस्तक और लंबे लटकते कान। ब्राजील जाने वाली तीन नस्लों में से एक
साहीवालपंजाब क्षेत्रलाल-भूरे रंग की; भारत की सर्वोत्तम दुधारू नस्लों में से एक; शांत स्वभाव
लाल सिंधीअब उत्तर और दक्षिण भारत में पाली जाती हैगहरा लाल रंग; गर्म स्थानों में भी अच्छा दूध
थारपारकरराजस्थानसफ़ेद या धूसर; बहुत कम जल और चारे में सूखे क्षेत्रों में रह लेती है
कांकरेजगुजरात और राजस्थानबलवान; दूध के लिए भी और हल तथा गाड़ी खींचने के लिए भी। यह भी ब्राजील गई
ओंगोलआंध्र प्रदेशबहुत बड़ी और शक्तिशाली। ब्राजील जाने वाली तीसरी नस्ल
हल्लीकरकर्नाटकगाड़ी खींचने की शक्ति के लिए प्रसिद्ध
वेचूरकेरलविश्व की सबसे छोटी गोवंश नस्लों में से एक — वयस्क गाय लगभग कमर तक ही ऊँची होती है
राठीराजस्थानभूरे रंग पर सफ़ेद धब्बे; मरुस्थली ज़िलों की अच्छी दुधारू नस्ल
देवनीमहाराष्ट्रकाली-सफ़ेद; निरंतर दूध और बलवान बैल
इतनी नस्लें क्यों हैं: भारत बहुत बड़ा है और एक भाग का मौसम दूसरे भाग जैसा बिलकुल नहीं है। जो गाय केरल के आर्द्र तट पर फलती-फूलती है, वह थार मरुस्थल की सूखी गर्मी में कष्ट पाएगी। सैकड़ों वर्षों में हर क्षेत्र के किसानों ने वही पशु रखे जो वहाँ सबसे अच्छे रहे — और इसी से हर क्षेत्र की अपनी नस्ल बन गई। हर नस्ल अपने स्थान का लेखा-जोखा है।
एक बात जिसमें लोग प्रायः भ्रमित होते हैं: मुर्रा भारत की प्रसिद्ध नस्ल है, परंतु वह भैंस की नस्ल है, गाय की नहीं। भारत में पिया जाने वाला अधिकांश दूध वास्तव में भैंसों से आता है। पूछिए कि आपके घर का दूध किस पशु का है — उत्तर सुनकर बहुत-से बच्चे चौंक जाते हैं।
प्र2.
2. अपने घर या विद्यालय की कुछ ऐसी वस्तुओं की सूची बनाइए जो संभवतः विश्व के किसी अन्य भाग से आई हों। पता लगाइए कि वे मूल रूप से कहाँ से आईं। (तालिका भरिए — वस्तुएँ: वस्त्र, भोजन, खेल, वाद्ययंत्र, वृक्ष; स्तंभ: नाम, मूल स्थान। पहली पंक्ति भरी है — वस्त्र, जींस, अमेरिका।)
उत्तर

हर पंक्ति में ऐसी एक वस्तु लिखिए जो सचमुच आपके घर या विद्यालय में है, और लिखिए कि वह मूल रूप से कहाँ से आई। पहली पंक्ति पुस्तक में भरी हुई है — वस्त्र — जींस — अमेरिका। नीचे पूरी तालिका नमूने के रूप में भरी हुई है।

वस्तुएँनाममूल स्थानकैसे जाँचें
वस्त्रजींसअमेरिकापुस्तक में दिया हुआ
भोजनआलूदक्षिण अमेरिकाकिसी बुज़ुर्ग से पूछिए कि उनके दादा-दादी रोज़ आलू खाते थे या नहीं। मिर्च, टमाटर, काजू और मूँगफली की भी यही कहानी है
खेलफ़ुटबॉलइंग्लैंडक्रिकेट भी इंग्लैंड से आया; बास्केटबॉल और वॉलीबॉल अमेरिका से
वाद्ययंत्रहारमोनियमफ़्रांस (यूरोप)यह लगभग दो सौ वर्ष पहले भारत आया और यहाँ इसे ज़मीन पर बैठकर बजाने योग्य बना दिया गया। गिटार — स्पेन; वायलिन — इटली; कीबोर्ड — जापान
वृक्षयूकेलिप्टस (सफ़ेदा)ऑस्ट्रेलियासड़क किनारे इसका सीधा ऊँचा तना और उतरती छाल पहचानिए। गुलमोहर — मेडागास्कर; रबड़ का पेड़ — ब्राजील; काजू का पेड़ — ब्राजील

अपनी तालिका में ये भी जोड़ सकते हैं

आपके घर या विद्यालय की वस्तुमूल रूप से कहाँ से
कॉपी का कागज़चीन। कागज़ के भारत पहुँचने से पहले हम ताड़ के पत्तों और छाल पर लिखते थे
चाय की पत्तीचाय का पौधा असम में स्वयं उगता है, पर रोज़ चाय पीने की आदत भारत में लगभग सौ वर्ष पहले ही फैली
पूजा की थाली का गेंदामैक्सिको
खजूर और नींबूअरब व्यापारी लाए, जो बदले में भारतीय चावल और कपड़ा ले गए
पपीता, अमरूद, अनानास, चीकूमध्य और दक्षिण अमेरिका
कॉफ़ीअफ़्रीका, और अरब देशों से होते हुए भारत पहुँची
बैडमिंटन, टेबल टेनिस, शतरंजशतरंज भारत में आरंभ होकर बाहर गया; बैडमिंटन भारत के एक खेल से विकसित हुआ और नए नियमों के साथ लौट आया
तालिका भरते समय जो बात दिखाई देती है: साधारण भारतीय घर में लगभग कुछ भी केवल एक ही स्थान का नहीं है। कॉपी चीन का विचार है, सब्ज़ी का आलू दक्षिण अमेरिका का, द्वार का गेंदा मैक्सिको का, भजन का हारमोनियम फ़्रांस का — और छत पर होता योग, चाय की शक्कर तथा थाली का चावल यहीं से बाहर गए। आपका घर कोई बंद डिब्बा नहीं है। वह एक मिलन-स्थल है।
ईमानदारी से कीजिए: केवल वही लिखिए जो आप सचमुच घर या विद्यालय में देख सकते हैं। यदि आपके घर में जींस नहीं है तो कोई दूसरा वस्त्र लिखिए और उसी के विषय में पता कीजिए। इस गतिविधि का मूल्य वास्तविक वस्तुएँ जाँचने में है, सूची उतारने में नहीं।
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