कक्षा ५ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 10 लिखिए के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
यह कहानी पशुओं के एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचने के विषय में क्या बताती है?
उत्तर

यह बताती है कि पशु केवल स्वयं यात्रा नहीं करते — मनुष्य भी उन्हें ले जाते हैं — और नई भूमि पर पहुँचा पशु वहाँ बस सकता है, फल-फूल सकता है और वहाँ के लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बन सकता है। भारतीय गायें जहाज़ों से ब्राजील गईं और आज ब्राजील के दूध का तीन चौथाई से भी अधिक भाग तीन भारतीय नस्लों — गिर, कांकरेज और ओंगोल — पर निर्भर है।

कहानी की पाँच सीखें:

  1. कुछ यात्राएँ पशु करते हैं, कुछ यात्राएँ पशुओं के लिए की जाती हैं। कहानी 1 की गुलाबी मैना स्वयं उड़कर आई थी। इन गायों को पुर्तगाली व्यापारी ले गए थे।
  2. पशु वहीं बसता है जहाँ का मौसम उसके अनुकूल हो। ये गायें हृष्ट-पुष्ट थीं, अच्छा दूध देती थीं और उन्होंने ब्राजील के मौसम से सामंजस्य बिठा लिया — यही उनकी सफलता का पूरा कारण है। ब्राजील, भारत के अधिकांश भाग की तरह, गर्म है। ठंडे देश का पशु वहाँ नहीं टिक पाता।
  3. नया आया पशु देश का सबसे महत्वपूर्ण पशु बन सकता है। आज ब्राजील का दूध मुख्यतः इन्हीं तीन भारतीय नस्लों पर टिका है। इनके चित्र ब्राजील के टिकटों और सिक्कों तक पर मिलते हैं — किसी वस्तु का सम्मान देश ऐसे ही करता है।
  4. दोनों देश बहुत बाद तक जुड़े रहते हैं। ब्राजील में पिया गया दूध का हर गिलास गुजरात, राजस्थान और आंध्र प्रदेश से एक मौन संबंध है, जहाँ से ये नस्लें आती हैं।
  5. यह हमें अपनी वस्तुओं का मूल्य बताता है। भारतीय नस्लें विश्वस्तरीय सिद्ध हुईं। यह अपने यहाँ इन नस्लों की ठीक से देखभाल करने का, और पुरानी नस्लों को समाप्त न होने देने का प्रबल कारण है।
नस्लभारत में घरब्राजील में सफल क्यों हुई
गिरगुजरात (गिर क्षेत्र)भरपूर दूध देती है और गर्मी सह लेती है
कांकरेजगुजरात और राजस्थानबलवान और सहनशील; दूध और भारी काम — दोनों के लिए उपयुक्त
ओंगोलआंध्र प्रदेशबड़ी और शक्तिशाली; गर्म और आर्द्र मौसम सरलता से सह लेती है
एक ईमानदार सावधानी: पशुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाना सदा सुखद कहानी नहीं होती। यदि नए स्थान पर किसी पशु का कोई शत्रु न हो तो उसकी संख्या बेकाबू हो सकती है और वह वहाँ पहले से रहने वाले जीवों और पौधों को हानि पहुँचा सकता है। ब्राजील की ये गायें खेतों में रखी गईं और लोगों ने इनकी देखभाल की, इसलिए ऐसी कोई हानि नहीं हुई। परंतु जब भी किसी जीव को नई भूमि पर ले जाया जाए, तो सोच-समझकर ले जाना चाहिए — यह भी एक सच्ची सीख है और दस वर्ष का बच्चा इसके दोनों पक्ष भली-भाँति समझ सकता है।
पृष्ठ 171 का चित्र फिर देखिए: तीनों गायों के कंधों पर ऊँचा कूबड़ है और गले के नीचे ढीली त्वचा की लटकती तह है। ये दोनों बनावटें शरीर की गर्मी बाहर निकालने में सहायक हैं — और यही कारण है कि भारतीय गायें गर्म देशों में आराम से रह लेती हैं। चित्र आपको कहानी का कारण दिखा रहा है।
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