कक्षा ५ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 10 लिखिए के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
1. आपके अनुसार भारत और मैक्सिको की संस्कृति में उत्सवों के अवसर पर गेंदे का प्रयोग क्यों किया जाता है?
उत्तर

क्योंकि दोनों देशों में गेंदा एक ही तीन काम करता है — उसका रंग सूर्य और अग्नि जैसा है, वह सरलता से उगता है और ठीक उत्सव के समय भारी संख्या में खिलता है, और वह इतना मज़बूत होता है कि उसकी मालाएँ बनाई जा सकें और पंखुड़ियाँ बिखेरी जा सकें। पृथ्वी के दो छोरों पर बसी दो संस्कृतियों ने एक ही फूल को, एक ही कारणों से चुना।

कारणों को एक-एक करके देखिए:

  1. रंग। गेंदा चटक नारंगी और पीला होता है — सूर्य का, अग्नि का और दीपक की लौ का रंग। अध्याय कहता है कि इन रंगों ने हमें सौहार्द, उत्सव और आध्यात्मिकता का स्मरण दिलाया। किसी भी देश में उत्सव की भावना यही होती है।
  2. यह सरलता से उगता है। पौधा नखरे नहीं करता। गमले में, खेत में या आँगन में साधारण मिट्टी में उग जाता है और एक ही पौधा बहुत-से फूल देता है।
  3. यह सही समय पर खिलता है। भारत में यह दीपावली के आस-पास पूरे यौवन पर होता है; मैक्सिको में भी लगभग उन्हीं सप्ताहों में, जब वहाँ पूर्वजों के स्मरण का पर्व होता है। जो फूल ऋतु से बाहर खिले, वह उत्सव के काम का नहीं।
  4. तोड़ने के बाद भी टिकता है। इसके फूल कसे और मज़बूत होते हैं। पौधे से अलग होकर भी वे एक-दो दिन ताज़े रहते हैं, इसीलिए उन्हें पिरोया जा सकता है, द्वार पर टाँगा जा सकता है और जुलूस में ले जाया जा सकता है।
  5. यह सस्ता है। निर्धन परिवार और संपन्न परिवार — दोनों इससे सजावट कर सकते हैं। उत्सव का फूल वही हो सकता है जो सबकी पहुँच में हो।
  6. इसकी गंध। इसकी तीखी, विशिष्ट गंध पहचानने में भूल नहीं होती, और दोनों देशों में उस गंध का अर्थ हो गया है — ‘आज कोई विशेष दिन है’।
भारत मेंमैक्सिको में
कहाँ दिखता हैमंदिर, घर, विवाह, द्वार, मालाएँ, दीपावलीउत्सवों की सजावट में, विशेषकर उस पर्व पर जब परिवार अपने पूर्वजों का स्मरण करते हैं
कैसे उपयोग होता हैमालाओं में पिरोकर, द्वार पर टाँगकर, रंगोली में बिखेरकर, पूजा में अर्पित करकेपंखुड़ियाँ बिखेरकर मार्ग बनाया जाता है और सजावट पर ढेर लगाया जाता है
रंग का अर्थसौहार्द, उत्सव, आध्यात्मिकतागर्मजोशी और स्वागत — चटक रंग मार्ग दिखाने और स्वागत करने का प्रतीक है
कहाँ उगता हैपूरे भारत के खेतों, गमलों और आँगनों मेंइसका मूल घर — गेंदा मैक्सिको का है
इस कहानी की सबसे रोचक बात: भारत ने मैक्सिको से फूल चढ़ाने का विचार नहीं लिया। भारत हज़ारों वर्षों से फूल अर्पित करता आ रहा था। मैक्सिको से आया केवल एक विशेष फूल — और वह हमारे उत्सवों में इतना ठीक बैठा कि कुछ सौ वर्षों में लोग भूल ही गए कि वह कभी कहीं और से आया था। जब बाहर से आई कोई वस्तु पहले से मौजूद किसी आवश्यकता को पूरा कर देती है, तो वह बहुत शीघ्र पराई नहीं रह जाती।
घर में पता कीजिए: पूछिए कि गेंदे के इतना सामान्य होने से पहले आपके परिवार में पूजा में कौन-से फूल चढ़ाए जाते थे। चंपा, चमेली, कनेर, हरसिंगार, कमल और गुड़हल जैसे नाम सुनाई देंगे — ये सब भारतीय फूल हैं और आज भी मैक्सिको से आए गेंदे के साथ-साथ चढ़ाए जाते हैं।
प्र2.
2. आपके अनुसार विभिन्न देशों के लोग उत्सवों में फूलों का उपयोग क्यों करते हैं?
उत्तर

क्योंकि फूल वह एक सुंदर वस्तु है जो हर देश के पास है, जिसका मूल्य लगभग कुछ नहीं है, और जिसे हर कोई तुरंत समझ जाता है। यह जानने के लिए कि फूल देने का अर्थ है ‘मुझे आपको देखकर प्रसन्नता हुई’, किसी साझा भाषा की आवश्यकता नहीं पड़ती।

छह कारण, और हर एक हर देश पर लागू होता है:

  1. वे सुंदर होते हैं और उनकी गंध अच्छी होती है। जिस कमरे में फूल हों वह साधारण कमरे से अलग दिखता और महकता है — और उत्सव को यही अंतर चाहिए।
  2. प्रकृति उन्हें निःशुल्क देती है। निर्धन परिवार के लिए भी फूल का मूल्य बहुत कम है, और आँगन में उगे हों तो कुछ भी नहीं। जिस उत्सव की सजावट केवल संपन्न लोग कर सकें, वह वास्तव में उत्सव ही नहीं है।
  3. वे जीवित और ताज़े होते हैं। फूल नए जीवन, नए आरंभ और शुभकामना के प्रतीक हैं — नववर्ष, विवाह, जन्म और फ़सल के अवसर पर।
  4. वे टिकते नहीं। फूल एक-दो दिन में मुरझा जाता है। यह उसका दोष नहीं, यही उसका अर्थ है। जो टिकेगा नहीं, वही देकर हम कहते हैं — “आज का दिन विशेष है और मैं इस पर कुछ ख़र्च कर रहा हूँ।”
  5. उनके सौ उपयोग हैं। माला में पिरोना, बालों में लगाना, जल पर तैराना, मार्ग पर बिखेरना, पत्थर पर रखना, रंगोली बनाना।
  6. हर स्थान के अपने फूल हैं। भारत में गेंदा और चमेली, जापान में चेरी के फूल, अनेक देशों में गुलाब, पूर्वोत्तर में ऑर्किड। इसलिए हर संस्कृति अपने आस-पास उगने वाले फूलों के चारों ओर अपने उत्सव रच सकी।
बड़ा विचार, और यही इस अध्याय का विषय भी है: बहुत दूर-दूर की भूमियों के लोग, जो कभी मिले तक नहीं और आपस में बात भी नहीं कर सकते थे, अपने-आप एक ही रीति तक पहुँच गए। यह एक महत्वपूर्ण बात बताता है — दुनिया के लोग जितना भिन्न लगते हैं, उससे कहीं अधिक एक-जैसे हैं। हम भिन्न समय पर, भिन्न भाषाओं में, भिन्न वस्त्र पहनकर उत्सव मनाते हैं — और हम सब फूलों की ओर हाथ बढ़ाते हैं।
कक्षा की छोटी गतिविधि: सबसे पूछिए कि उनके परिवार के उत्सवों में सबसे अधिक कौन-सा फूल उपयोग होता है। सूची श्यामपट्ट पर लिखिए। फिर पता कीजिए कि उनमें से कौन-से फूल मूल रूप से भारत के हैं और कौन-से कहीं और से आए। लगभग हर सूची में कम से कम एक यात्री निकलेगा।
क्या यह उपयोगी रहा?