अध्याय से कोई एक विचार चुनिए, कल्पना कीजिए कि उसे कोई एक व्यक्ति ले जा रहा है, और उस व्यक्ति के साथ यात्रा पर चलिए। कहानी में एक व्यक्ति, एक स्थान और एक परिवर्तन चाहिए — तथ्यों की सूची नहीं।
आपकी कहानी में क्या-क्या होना चाहिए:
- आपने जो विचार चुना है, उसका नाम पहली कुछ पंक्तियों में।
- वह व्यक्ति जो उसे ले जा रहा है — नाविक, व्यापारी, रसोइया, शिक्षक या किसान।
- यात्रा — कितनी दूर, कितनी लंबी और कितनी कठिन।
- वह क्षण जब नई भूमि पर किसी ने पहली बार उसे आज़माया।
- परिवर्तन — उसके बाद लोगों ने क्या अलग करना आरंभ किया। प्रश्न वास्तव में यही पूछ रहा है, इसलिए इसे छोड़िए मत।
नमूना उत्तर — छोटी लाल आग
दिओगो एक पुर्तगाली जहाज़ पर रसोइया था और समुद्र से ऊब चुका था। चार महीने से जहाज़ पानी पार कर रहा था, फिर और पानी। अब आख़िरकार सामने भारत का नीचा हरा तट था और हवा में गीली मिट्टी और धुएँ की गंध थी।
दिओगो की जेब में कपड़े की एक छोटी थैली थी। उसमें सूखी लाल फलियाँ थीं, जो उसने दुनिया के दूसरी ओर, दक्षिण अमेरिका के एक बाज़ार से उठाई थीं। वहाँ लोग उन्हें पीसकर भोजन में डालते थे और उससे उसका मुँह जल उठा था। वह हँसा था, खाँसा था और और माँगा था।
किनारे पर उसे मीनाक्षी नाम की एक रसोइया मिली, जो पत्थर पर काली मिर्च पीस रही थी। वह व्यापारियों के लिए तरी बना रही थी। दिओगो ने अपनी थैली की ओर इशारा किया, फिर उसकी हाँडी की ओर। उसने भौंहें सिकोड़ीं, एक फली तोड़ी, एक बीज जीभ से लगाया — और उसकी आँखें फैल गईं।
उस दिन उसने हाँडी में आधी फली डाली। व्यापारी हाँडी ख़ाली कर गए। अगले सप्ताह उसने रसोई के पीछे, नारियल के पेड़ों के किनारे की भुरभुरी लाल मिट्टी में चार बीज बो दिए। वर्षा हुई। पौधे तेज़ी से बढ़े; उन्हें यह भूमि अपनी भूमि से भी अधिक भाई।
पड़ोसन ने बीज माँगे। पड़ोसन का भाई, जो भीतर की ओर जा रहा था, मुट्ठीभर बीज धोती के छोर में बाँधकर ले गया। सौ वर्षों के भीतर वह छोटी लाल आग तट से पर्वतों तक हर रसोई पहुँच गई — आंध्र, कश्मीर, नागालैंड, राजस्थान।
और इससे बहुत कुछ बदला। अब भोजन सस्ते में तीखा बनाया जा सकता था, क्योंकि मिर्च हर आँगन में उगती थी जबकि काली मिर्च ख़रीदनी पड़ती थी। अचार अधिक दिन चलने लगे। ऐसे-ऐसे व्यंजन बने जो पहले हो ही नहीं सकते थे। आज भारत में बच्चा लगभग अपने पहले ठोस भोजन में ही मिर्च का स्वाद चख लेता है — और हज़ार में एक व्यक्ति भी नहीं जानता कि वह किसी पुर्तगाली नाविक की जेब में यहाँ आई थी।
इनके विषय में भी लिखा जा सकता है
| विचार | किस दिशा में गया | क्या परिवर्तन आया |
|---|---|---|
| योग | भारत से बाहर, यात्रियों, विद्वानों और शिक्षकों के साथ | दूसरे देशों के लोगों को बिना मशीन और बिना धन के शरीर स्वस्थ और मन शांत रखने का उपाय मिला |
| शक्कर और गुड़ | भारत से बाहर, व्यापार और यात्रा के माध्यम से | इससे पहले विश्व भोजन को शहद से मीठा करता था। शक्कर के चारों ओर मिठाइयाँ, पर्व और पूरे व्यापार खड़े हुए |
| शून्य | भारत से बाहर, पूरे विश्व तक | ‘कुछ नहीं’ को एक संख्या मानने के विचार ने सब जगह बड़ी गणनाएँ संभव बना दीं |
| कागज़ | चीन से व्यापार के माध्यम से भारत में | इससे पहले हम ताड़ के पत्तों और छाल पर लिखते थे। कागज़ ने पुस्तकें और विद्यालय कहीं सरल बना दिए |
| गेंदा | मैक्सिको से भारत में | कुछ सौ वर्षों में ही वह हमारे मंदिरों, विवाहों और दीपावली का फूल बन गया |