कक्षा ५ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 4 गतिविधि 5 के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
जल से भरे दो गिलास लीजिए। अपने शिक्षक के मार्गदर्शन में तापमापी का उपयोग करते हुए तापमान मापिए। अपने मापों को अंकित कीजिए।
उत्तर

दोनों गिलासों का आरंभिक तापमान एक जैसा होना चाहिए। इस पहले चरण का पूरा उद्देश्य यही है — यदि आरंभ बराबर न हो तो आगे की तुलना का कोई अर्थ नहीं रहेगा।

कैसे करें

  1. एक ही आकार और एक ही रंग के दो गिलास लीजिए।
  2. दोनों को एक ही नल से, एक ही समय, एक ही स्तर तक भरिए।
  3. तापमापी के उपयोग में शिक्षक की सहायता लीजिए। उसे ऊपर से पकड़िए, बल्ब को जल में डुबोइए पर गिलास के तल से न छुआइए, और आधा मिनट रुकिए जब तक पाठ्यांक ठहर न जाए।
  4. आँख के स्तर पर रखकर पढ़िए और लिख लीजिए। फिर दूसरा गिलास मापिए।
गिलासआरंभ में तापमान (नमूना)
गिलास 1 (वृक्ष के नीचे रखा जाएगा)28 °C
गिलास 2 (धूप में रखा जाएगा)28 °C
दोनों एक जैसे क्यों होने चाहिए: यह एक निष्पक्ष परीक्षण है। दोनों गिलासों में केवल एक बात अलग होनी चाहिए — उन्हें कहाँ रखा गया। बाकी सब एक जैसा हो — वही जल, वही गिलास, वही मात्रा, वही आरंभिक तापमान, वही एक घंटा। तब अंत में जो भी अंतर दिखेगा वह छाया और धूप के कारण ही होगा, किसी और कारण से नहीं।
सावधानी से पकड़िए: तापमापी काँच का होता है और सरलता से टूट जाता है। उसे कभी झटकिए मत, गरम जल में मत धोइए, और उपयोग में न हो तो कपड़े पर सीधा लिटाकर रखिए। यह चरण अपने शिक्षक के साथ ही कीजिए।
प्र2.
एक गिलास को वृक्ष की छाया और दूसरे गिलास को धूप में रखिए। एक घंटे बाद तापमान पुन: मापिए। प्राप्त मापों को लिखिए।
जल/तापमानआरंभ मेंएक घंटे बाद
वृक्ष के नीचे  
धूप में  
पुस्तक में दी गई तालिका। रिक्त खानों में अपने माप लिखिए।
उत्तर

एक घंटे बाद धूप वाला गिलास स्पष्ट रूप से गर्म है। वृक्ष के नीचे रखे गिलास में लगभग कोई परिवर्तन नहीं आया।

कैसे करें

  1. गिलास 1 को वृक्ष की छाया में ज़मीन पर ऐसी जगह रखिए जहाँ सूर्य के खिसकने पर भी धूप न पहुँचे।
  2. गिलास 2 को खुले में, पूरी धूप में रखिए।
  3. घड़ी का समय नोट कीजिए। ठीक एक घंटे तक दोनों को मत छेड़िए।
  4. उसी तापमापी से दोनों को फिर मापिए — पहले छाया वाला।

भरी हुई तालिका (मार्च की धूप वाली दोपहर के नमूना माप)

जल / तापमानआरंभ मेंएक घंटे बादवृद्धि
वृक्ष के नीचे28 °C30 °C2 °C
धूप में28 °C38 °C10 °C

अपने माप अपनी पुस्तिका में लिखिए। ठीक-ठीक संख्याएँ महीने, दिन के समय और छाया की सघनता पर निर्भर करती हैं। जो बात सदैव सच रहेगी वह यह है कि धूप वाला गिलास कहीं अधिक गर्म होगा।

वृक्ष के नीचे 28 °C → 30 °C धूप में 28 °C → 38 °C
वही जल, वही एक घंटा। एक वृक्ष की छाया ने 10 डिग्री का अंतर बना दिया।
वृक्ष उसे ठंडा कैसे रखता है: तीन बातें एक साथ होती हैं। पत्तियाँ सूर्य की किरणें रोक लेती हैं, इसलिए ऊष्मा गिलास तक पहुँचती ही नहीं। वृक्ष अपनी पत्तियों से जलवाष्प भी छोड़ता है और उससे आस-पास की हवा ठंडी होती है — ठीक वैसे ही जैसे पसीने से हमें ठंडक मिलती है। और नीचे की छायादार भूमि गर्म होकर ऊपर की हवा को गर्म करने के बजाय ठंडी बनी रहती है।
प्र3.
इन मापों से हमें क्या ज्ञात होता है?
उत्तर

इनसे ज्ञात होता है कि छाया वस्तुओं को ठंडा रखती है — और वृक्ष एक ऐसा प्राकृतिक शीतलक है जिसे बिजली की आवश्यकता नहीं।

तालिका को ध्यान से पढ़ने पर चार बातें निकलती हैं।

  1. सूर्य वस्तुओं को बहुत गर्म करता है। खुले में रखा जल एक ही घंटे में लगभग 10 °C गर्म हो गया।
  2. छाया वस्तुओं को लगभग अपरिवर्तित रखती है। उसी एक घंटे में वृक्ष के नीचे रखा जल केवल लगभग 2 °C गर्म हुआ।
  3. अर्थात् अंतर वृक्ष ने बनाया, जल ने नहीं। दोनों गिलास आरंभ में बिल्कुल एक जैसे थे। केवल उनका स्थान अलग था।
  4. इसलिए वृक्ष एक शीतलन यंत्र है। वह सूर्य के प्रकाश से चलता है, उसका कोई ख़र्च नहीं, वह शोर नहीं करता, और गर्म हवा के बजाय ऑक्सीजन देता है।
हमारे विद्यालय के लिए इसका अर्थ: यदि छाया में रखा जल 8 डिग्री ठंडा रहता है, तो कक्षा, बरामदा, खेल का मैदान और साइकिल स्टैंड भी उतने ही ठंडे रहेंगे। इसका उल्टा भी सच है — बिना पेड़ वाला खुला पक्का आँगन हर दिन विद्यालय का सबसे गर्म स्थान रहेगा। ऊर्जा-रक्षक समूह को एक बजे घूमते हुए ठीक यही मिला था।
तो पेड़ कहाँ लगाएँ: भवन की उस ओर जहाँ दोपहर की धूप पड़ती है; द्वार से आने वाले पैदल मार्ग के ऊपर; और पेयजल स्थान तथा साइकिल स्टैंड के पास, जहाँ बच्चे खड़े होकर प्रतीक्षा करते हैं।
प्र4.
अपने अध्यापक की सहायता से पता लगाएँ कि ऐसे कौन से वृक्ष और पौधे हैं जो पक्षियों और तितलियों को आकर्षित करते हैं। अपने विद्यालय में एक तितली उद्यान बनाने का प्रयास कीजिए।
उत्तर

तितलियों को एक नहीं, दो तरह के पौधे चाहिए — पीने के लिए पौधे, और अंडे देने के लिए पौधे। अधिकांश लोग केवल पहली तरह के पौधे लगाते हैं और फिर सोचते हैं कि तितलियाँ रुकती क्यों नहीं।

पौधे का प्रकारकिसलिएक्या लगाएँ
मकरंद वाले पौधेबड़ी तितलियाँ फूलों से मीठा मकरंद पीती हैंगेंदा, रुगमिनी, लैंटाना, ज़िनिया, पेंटास, सदाबहार, तुलसी, गुड़हल
आश्रय पौधेतितली इन्हीं पर अंडे देती है; इल्लियाँ इनकी पत्तियाँ खाती हैंनींबू और कढ़ी पत्ता (नींबू तितली के लिए), आक (टाइगर तितलियों के लिए), सौंफ़, कैसिया
पक्षियों के लिए पौधेफल और बीज, तथा घोंसले के सुरक्षित स्थानअमरूद, जामुन, शहतूत, बरगद, पीपल, पपीता, सूरजमुखी
शकरखोरे और मधुमक्खियों के लिएमकरंद से भरे नलीदार फूलगुड़हल, रुगमिनी, केले का फूल, सहजन

तितली उद्यान कैसे बनाएँ — 8 चरण

  1. ऐसा कोना चुनिए जहाँ धूप आती हो। तितलियों को गरमाहट चाहिए; वे अँधेरे, सीले कोने में नहीं आएँगी।
  2. खेलने की जगह से हटकर स्थान चुनिए, ताकि पौधे कुचले न जाएँ।
  3. मिट्टी खोदिए, अपने ही गड्ढे की खाद मिलाइए और सतह समतल कीजिए।
  4. मकरंद वाले पौधे झुंड में लगाइए — तीन-चार गेंदे साथ हों तो दूर से दिखते हैं; अकेला एक नहीं दिखता।
  5. आश्रय पौधे पीछे लगाइए — आरंभ के लिए एक नींबू और एक कढ़ी पत्ता पर्याप्त है।
  6. ज़मीन पर एक उथली तश्तरी में जल और कुछ पत्थर रखिए। तितलियाँ गीले पत्थर पर बैठकर पीती हैं; खुले कटोरे में वे डूब सकती हैं।
  7. कीटनाशक बिल्कुल मत छिड़किए। थोड़ा-सा भी इल्लियों को मार देता है, और इल्लियाँ नहीं तो तितलियाँ भी नहीं।
  8. एक छोटी पट्टिका लगाइए — “तितली उद्यान — कृपया फूल न तोड़ें”, और पानी देने के लिए कक्षा की बारी की सूची बनाइए।
इल्लियों को पत्तियाँ खाने देना क्यों आवश्यक है: यही बात सबसे अधिक लोगों से छूट जाती है। नींबू का कुतरा हुआ पत्ता नुक़सान नहीं है — वह इस बात का प्रमाण है कि उद्यान काम कर रहा है। आपने जितनी तितलियाँ देखी हैं, वे सब कभी इल्लियाँ थीं जिन्होंने पत्तियाँ खाई थीं। यदि आप पत्तियाँ बचाएँगे तो तितलियाँ खो देंगे।
रिकॉर्ड रखिए: उद्यान के पास एक चार्ट लटकाइए जिस पर कोई भी एक पंक्ति जोड़ सके — तिथि, कौन-सी तितली, किस पौधे पर। तीन महीने में आपकी कक्षा के पास अपने ही विद्यालय के जीवों का सच्चा रिकॉर्ड होगा। नींबू तितली, कॉमन क्रो, प्लेन टाइगर, ग्रास येलो और कॉमन मॉरमन को ढूँढ़िए।
क्या यह उपयोगी रहा?