कक्षा ५ हमारा अद्भुत संसार अध्याय 5 गतिविधि 7 के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
अपने शिक्षक के दिशानिर्देश के अनुसार भारत के मानचित्र पर उन राज्यों को पहचानिए और चिह्नित कीजिए जहाँ से इन नृत्य शैलियों का उद्भव हुआ है।
123456789
पृष्ठ 89 पर दिए गए नौ नर्तक-नर्तकियाँ, यहाँ फिर से बनाए गए हैं — पोशाक, सिर की सजावट और हाथ में पकड़ी वस्तु को ध्यान से देखिए।
उत्तर

पुस्तक में नौ चित्र हैं, पर नाम नहीं दिए गए। इसलिए पहले हर चित्र को ध्यान से देखिए — वेशभूषा, हाथ में क्या है, मुद्रा क्या है — और फिर नृत्य तथा राज्य का नाम लिखिए।

चित्र कहाँ हैचित्र में क्या दिखता हैनृत्यराज्य
ऊपर की पंक्ति, पहलाखुले लंबे बालों वाली युवती, दोनों हाथों में डंडे, एक हाथ ऊपर उठा हुआ, लाल-पीले घेरदार घाघरे मेंडांडिया रास (गरबा के साथ)गुजरात
ऊपर की पंक्ति, दूसरातीन स्त्रियाँ पंक्ति में कदम मिलाकर चलतीं — बुने किनारे वाले लपेटदार घाघरे, पीली चादर और सफ़ेद कलगी वाली शिरोपट्टीपूर्वोत्तर का लोक नृत्य — बिहूअसम
ऊपर की पंक्ति, तीसरापगड़ी पहने पुरुष और सलवार-कमीज़ में स्त्रियाँ, हाथ ऊपर उठे हुए, एक पैर हवा मेंभांगड़ा और गिद्दापंजाब
ऊपर की पंक्ति, चौथाघूमती हुई स्त्री, नीले-पीले घाघरे का घेरा फैला हुआ, सिर पर लाल ओढ़नी, उठे हाथों में भारी चूड़ियाँघूमरराजस्थान
नीचे की पंक्ति, पहलाचौड़ी सुनहरी किनारी वाले श्वेत घाघरे में स्त्री, कमर पर सुनहरा चुन्नटदार पंखा, बालों का जूड़ा एक ओरमोहिनीअट्टमकेरल
नीचे की पंक्ति, दूसरापुरुष नर्तक, कमर से ऊपर वस्त्रहीन, हरी किनारी वाली पीली धोती में, एक हाथ सिर के ऊपर मुड़ा हुआभरतनाट्यमतमिलनाडु
नीचे की पंक्ति, तीसराचौड़ी लाल-सुनहरी किनारी वाली क्रीम रंग की साड़ी और लाल चोली में स्त्री, घूमने से चुन्नटें फैली हुईंकुचिपुड़ीआंध्र प्रदेश
नीचे की पंक्ति, चौथाचाँदी के जालीदार मुकुट और चाँदी की करधनी में स्त्री, पैरों पर पीला वस्त्र, अँगुलियाँ मुद्रा मेंओडिसीओडिशा
नीचे की पंक्ति, पाँचवाँकड़े, ढोल जैसे गोल घाघरे में स्त्री, नीचे चटख कढ़ाई की पट्टी, नुकीली टोपी पर पतला श्वेत घूँघटमणिपुरी (रास लीला)मणिपुर

मानचित्र कैसे चिह्नित करें:

  1. भारत का रेखा-मानचित्र लीजिए।
  2. ऊपर बताए हर राज्य को ढूँढ़कर हल्के रंग से भरिए।
  3. नृत्य का नाम राज्य के भीतर लिखिए, या रेखा खींचकर हाशिये में लिखिए।
  4. हर नृत्य का अपना छोटा चिह्न बनाइए — डांडिया के लिए दो डंडे, भांगड़ा के लिए ढोल, घूमर के लिए घूमता घाघरा।
  5. नीचे संकेत-सूची बनाइए ताकि कोई भी मानचित्र पढ़ सके।
नृत्य जगह-जगह अलग क्यों होते हैं: नृत्य आस-पास के जीवन से जन्म लेता है। भांगड़ा पंजाब के गेहूँ के खेतों की फ़सल-खुशी से निकला। घूमर और डांडिया पश्चिम की पर्व-रातों के हैं। मणिपुरी मंदिर की उपासना के भीतर पला। भरतनाट्यम, ओडिसी, कुचिपुड़ी और मोहिनीअट्टम दक्षिण और पूर्व के मंदिरों तथा दरबारों में सदियों में गढ़े गए। इसलिए हर नृत्य अपने कोने का मौसम, काम और आस्था अपने साथ लेकर चलता है।
एक ईमानदार बात: पुस्तक में चित्रों के नाम नहीं छपे हैं, इसलिए हो सकता है आपके शिक्षक एक-दो चित्रों का नाम थोड़ा अलग बताएँ — कई भारतीय नृत्यों की वेशभूषा मिलती-जुलती होती है। सदा पहले वह लिखिए जो चित्र में दिख रहा है, फिर नाम। सावधान विद्यार्थी ऐसे ही काम करता है।
क्या यह उपयोगी रहा?