प्र1.
क्या आपने कभी धूप में पापड़ या कपड़े सूखते हुए देखे हैं?
उत्तर
हाँ। भारत के लगभग हर घर में वस्तुएँ धूप में सुखाई जाती हैं। पापड़ छत पर चादर बिछाकर फैलाए जाते हैं और धुले कपड़े आँगन में तार पर सुखाए जाते हैं।
धूप में रखे गीले पापड़ या गीली कमीज़ के साथ यही होता है —
- पापड़ या कपड़े में जल होता है।
- सूर्य का प्रकाश उस पर पड़ता है और उसे गर्म करता है।
- ऊष्मा से वह जल जलवाष्प बन जाता है — जल का अदृश्य गैस रूप।
- यह वाष्प वायु में मिलकर उड़ जाती है।
- पीछे केवल सूखा पापड़ या सूखा कपड़ा रह जाता है।
भारतीय परिवार धूप में और क्या-क्या सुखाते हैं —
| क्या सुखाया जाता है | क्यों सुखाया जाता है |
|---|---|
| पापड़, बड़ियाँ | जिससे वे कुरकुरे हो जाएँ और महीनों चलें |
| धुले कपड़े और चादरें | सुखाने के लिए; धूप कीटाणु भी मारती है और सीलन की गंध हटाती है |
| आम की फाँकें — आम पापड़, अमचूर | जिससे आम का मौसम बीत जाने पर भी वह काम आए |
| लाल मिर्च, हल्दी, धनिया | सूखे मसाले ही पीसकर रखे जा सकते हैं |
| कटाई के बाद अनाज | गीला अनाज सड़ जाता है; सूखा अनाज बोरी में सुरक्षित रहता है |
| गोबर के उपले | सूखे उपले ईंधन के रूप में अच्छे जलते हैं |
| नमक की क्यारियों में समुद्र का जल | जल उड़ जाता है और नमक पीछे रह जाता है |
यह ऊर्जा के अध्याय में क्यों है: सुखाने के लिए ऊष्मा चाहिए और ऊष्मा ऊर्जा है। इन सभी उदाहरणों में वह ऊर्जा सूर्य से निःशुल्क मिल रही है। न गैस, न विद्युत, न धुआँ — और कोई खर्च भी नहीं। इसीलिए पुस्तक कहती है कि सूर्य पृथ्वी पर जीवन के लिए ऊर्जा का मुख्य स्रोत है।