प्र1.
भारत में ऋतुओं से जुड़े कई गीत गाए जाते हैं। क्या आप ऐसे किसी गीत के विषय में जानते हैं? कुछ गीतों के विषय में पता कीजिए।
उत्तर
हाँ — भारत के लगभग हर भाग में ऋतुओं के गीत हैं, विशेषकर वर्षा और वसंत के। अपनी दादी-नानी, संगीत के शिक्षक और पड़ोसियों से पूछिए और कम-से-कम तीन गीत लिख लीजिए।
इन्हें कैसे खोजें —
- घर के सबसे बुज़ुर्ग व्यक्ति से कहिए कि बचपन में सीखा हुआ कोई गीत सुनाएँ।
- संगीत के शिक्षक से पूछिए कि विद्यालय के कार्यक्रमों में कौन-से ऋतु-गीत गाए जाते हैं।
- पर्वों के समय ध्यान से सुनिए — तीज, होली और बिहू के गीत सब ऋतु-गीत ही हैं।
- गीत की पहली दो पंक्तियाँ, उसकी ऋतु का नाम और यह लिखिए कि आपको किसने सिखाया।
| ऋतु | किस प्रकार के गीत | भारत के भिन्न भागों के उदाहरण |
|---|---|---|
| वर्षा | वर्षा और झूले के गीत, जो स्त्रियाँ वृक्षों पर पड़े झूलों पर गाती हैं | उत्तर प्रदेश और बिहार के कजरी तथा झूला गीत; वर्षा के लिए गाया जाने वाला राग मल्हार; राजस्थान के तीज गीत; पंजाबी के बरसात-गीत |
| वसंत | फूलों, रंगों और नए आरंभ के गीत | ब्रज क्षेत्र के होरी और फाग; वसंत पंचमी पर गाए जाने वाले बसंत गीत; बंगाल में रवींद्रनाथ ठाकुर के वसंत-गीत |
| शरद / उपज | फ़सल कटने के बाद कृतज्ञता के गीत | असम के बिहू गीत; बैसाखी पर पंजाब के भांगड़ा और गिद्धा गीत; पोंगल और ओणम पर गाए जाने वाले उपज-गीत |
| शिशिर | अलाव और पर्व के गीत | पंजाब के लोहड़ी गीत, जैसे दुल्ला भट्टी वाला प्रसिद्ध गीत, जो आग के चारों ओर गाया जाता है |
ऋतुएँ गीत क्यों बन गईं: समाचार-पत्र और मौसम की भविष्यवाणी से बहुत पहले, गीत ही वह तरीका था जिससे लोग याद रखते थे कि कब बोना है, कब काटना है और कब उत्सव मनाना है। पहली वर्षा का गीत गाना मिलकर आकाश देखने का ही एक ढंग है। इसीलिए इनमें से लगभग हर गीत में कोई फ़सल, कोई वृक्ष या कोई पक्षी भी आता है।
कक्षा में यह कीजिए: प्रत्येक विद्यार्थी एक गीत लाए। उन्हें ऋतुओं के क्रम में गाइए — वसंत, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, शीत — और आपने गाते-गाते पूरा वर्ष पार कर लिया होगा।