कक्षा ५ हिंदी अध्याय 1 बातचीत के लिए के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
आपको कैसे पता चलता है कि सुबह हो गई है?
उत्तर

सुबह होने का पता हमें आँख, कान और नाक — तीनों से चलता है। सबसे पहला संकेत यही है कि अँधेरा हटने लगता है और उजाला फैलने लगता है

किससे पता चलता हैक्या दिखता या सुनाई देता है
आसमान सेआसमान का काला रंग पहले हल्का नीला होता है, फिर पूरब की ओर लाली छा जाती है और सूरज निकल आता है।
धूप सेखिड़की या दरवाज़े की झिरी से किरन कमरे में आ जाती है और दीवार पर चमकती है।
पक्षियों सेचिड़ियाँ चहचहाने लगती हैं, कौआ बोलता है और मुर्गा बाँग देता है।
आवाज़ों सेमंदिर की घंटी, अज़ान या गुरुद्वारे का पाठ सुनाई देता है। सड़क पर गाड़ियाँ चलने लगती हैं।
घर के कामों सेमाँ चूल्हा जलाती हैं, चाय की महक आती है, दूधवाला और अख़बार वाला आ जाता है।
फूलों सेरात में बंद रहने वाले कई फूल — जैसे कमल और सूरजमुखी — सुबह खिल जाते हैं।

नमूना उत्तर: मुझे सबसे पहले उजाले से पता चलता है कि सुबह हो गई है। खिड़की से किरन आकर मेरे बिस्तर पर पड़ती है। बाहर चिड़ियाँ चहचहाने लगती हैं और दूर से मंदिर की घंटी सुनाई देती है। रसोई से चाय की महक आने लगती है और माँ मुझे उठाने आ जाती हैं। इन सब बातों से मैं समझ जाता हूँ कि सुबह हो गई है।

कविता से जोड़िए: कविता में भी सुबह का पता किरन के आने से ही चलता है। बालिका कहती है — “अरी किरन तू उठकर इतनी जल्दी आज चली आई।” यानी किरन का कमरे में पहुँचना ही उसके लिए सुबह होने की ख़बर है।
प्र2.
ऐसे कौन-कौन से कार्य हैं जो सूर्य के प्रकाश के बिना संभव नहीं हैं?
उत्तर

सूर्य के प्रकाश के बिना बहुत-से ज़रूरी काम रुक जाएँगे। सबसे बड़ा काम यह है कि पेड़-पौधे अपना भोजन नहीं बना पाएँगे — और तब हमें भी खाना नहीं मिलेगा।

कामसूर्य के प्रकाश के बिना क्यों नहीं हो सकता
पेड़-पौधों का भोजन बनानाहरी पत्तियाँ धूप से ही अपना भोजन बनाती हैं। धूप न मिले तो पौधा पीला पड़कर सूख जाता है।
फ़सल का उगना और पकनागेहूँ, धान, सरसों — सबको बढ़ने और पकने के लिए धूप चाहिए। इसीलिए किसान बुआई का समय धूप देखकर तय करता है।
कपड़े सुखानाधुले कपड़ों का पानी धूप की गरमी से ही भाप बनकर उड़ता है।
अनाज, मिर्च, पापड़ और बड़ियाँ सुखानाछत पर धूप में सुखाने से ही ये चीज़ें ख़राब हुए बिना महीनों चलती हैं।
समुद्र के पानी से नमक बनानाखारे पानी को उथले खेतों में फैलाकर धूप से सुखाया जाता है। पानी उड़ जाता है और नमक बच जाता है।
सौर ऊर्जा से बिजली बनानासोलर पैनल और सोलर कुकर सीधे धूप से ही काम करते हैं।
बारिश होनाधूप से नदी और समुद्र का पानी भाप बनकर ऊपर उठता है, बादल बनते हैं और फिर वर्षा होती है।
शरीर का मज़बूत रहनासुबह की धूप से हमारे शरीर को विटामिन डी मिलता है, जिससे हड्डियाँ मज़बूत होती हैं।
दिन का उजाला और गरमीबिना धूप के दिन में भी अँधेरा और कड़ाके की ठंड रहती।
एक बात ध्यान दीजिए: ऊपर के कुछ काम कृत्रिम रोशनी से थोड़े-बहुत हो सकते हैं — जैसे बल्ब जलाकर पढ़ना या मशीन से कपड़े सुखाना। पर पौधों का भोजन बनाना, फ़सल पकना और वर्षा होना — ये तीन काम सूर्य के बिना किसी भी तरह संभव नहीं हैं। इसीलिए कहा जाता है कि सूर्य पृथ्वी पर जीवन का आधार है।
प्र3.
सुबह और शाम में से आपको कौन-सा समय अधिक अच्छा लगता है और क्यों?
उत्तर

यह आपकी अपनी पसंद का प्रश्न है। दोनों में से कोई भी उत्तर सही है — बस कारण ज़रूर दीजिए।

कैसे लिखें — तीन चरण:
चरण 1 — अपना समय चुनिए — सुबह या शाम।
चरण 2 — दो-तीन कारण दीजिए कि वह समय आपको क्यों अच्छा लगता है।
चरण 3 — उस समय का कोई एक दृश्य बताइए जो आपको सबसे प्रिय है।
समयअच्छा लगने के कारण
सुबहहवा ठंडी और साफ़ होती है। शरीर में ताज़गी रहती है। पढ़ा हुआ जल्दी याद होता है। पक्षियों की आवाज़ें सुनाई देती हैं। पूरा दिन सामने पड़ा होता है।
शामपढ़ाई और काम खत्म हो चुके होते हैं। मैदान में दोस्तों के साथ खेलने का समय मिलता है। डूबते सूरज का रंग बहुत सुंदर लगता है। घर के सब लोग साथ बैठते हैं।

नमूना उत्तर (सुबह): मुझे सुबह का समय अधिक अच्छा लगता है। उस समय हवा ठंडी और साफ़ होती है और मन एकदम ताज़ा रहता है। सुबह पढ़ा हुआ पाठ मुझे देर तक याद रहता है। मुझे सबसे अच्छा वह दृश्य लगता है जब सूरज की पहली किरन आँगन की दीवार पर पड़ती है और चिड़ियाँ एक साथ चहचहाने लगती हैं। तब लगता है कि पूरा दिन अभी बाकी है और मैं बहुत कुछ कर सकता हूँ।

नमूना उत्तर (शाम): मुझे शाम का समय अधिक अच्छा लगता है। दिन भर की पढ़ाई के बाद यही एक समय होता है जब मैं मैदान में जाकर अपने दोस्तों के साथ खेल सकता हूँ। शाम को आसमान नारंगी हो जाता है और पक्षी झुंड बनाकर अपने घोंसलों की ओर लौटते हैं। यह दृश्य मुझे बहुत भाता है। शाम को घर के सब लोग साथ बैठकर बातें करते हैं, इसलिए भी यह समय मुझे प्रिय है।

कविता से जोड़िए: कविता की बालिका के लिए दोनों समय ज़रूरी हैं। सुबह किरन आती है और उसे जगाती है; शाम तक वह किरन के साथ खेल खेलती है। किरन के चले जाने पर ही वह अकेली पड़ती है — “पर जब तू चल दी सोने को, तो रह गई अकेली मैं।”
क्या यह उपयोगी रहा?