कक्षा ५ हिंदी अध्याय 1 पाठ से के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
किरन के अनुसार वह मुख्य रूप से कौन-सा काम करती है? (क) सोते बच्चों को जगाना (ख) खेलते बच्चों को सुलाना (ग) बच्चों के साथ खेलना (घ) परी कथाएँ पढ़ना-पढ़ाना
उत्तर

सूरज का चित्र (☼) बनेगा — (क) सोते बच्चों को जगाना

किरन खुद कहती है —
“बच्चे जो बिस्तर में सोए
होते, उन्हें जगाती हूँ।”

प्रश्न में “किरन के अनुसार” और “मुख्य रूप से” — दो बातें कही गई हैं। इसलिए वही उत्तर चुनना है जो किरन ने अपने मुँह से अपने मुख्य काम के बारे में कहा हो।

विकल्पसही / ग़लतकारण
(क) सोते बच्चों को जगानासही ☼किरन के अपने शब्द हैं — “बच्चे जो बिस्तर में सोए होते, उन्हें जगाती हूँ।” यही उसका बताया हुआ मुख्य काम है, और यही काम वह हर दिन, हर जगह करती है।
(ख) खेलते बच्चों को सुलानाग़लतकिरन किसी खेलते बच्चे को सुलाती नहीं। कविता में बालिका खेल के बाद, रात में परी कथाएँ पढ़ते-पढ़ते सोई थी। और सोना तो किरन के चले जाने के बाद होता है, उसके सुलाने से नहीं।
(ग) बच्चों के साथ खेलनाग़लत (पर पूरी तरह झूठ नहीं)यह बात कविता में आई तो है — “कल तो तेरे साथ शाम तक, खेल बहुत से खेली मैं।” पर यह बालिका ने कहा है, किरन ने नहीं। और यह किरन का मुख्य काम नहीं, दिन भर साथ रहने का नतीजा है। प्रश्न “मुख्य रूप से” पूछ रहा है, इसलिए यह उत्तर नहीं बनता।
(घ) परी कथाएँ पढ़ना-पढ़ानाग़लतपरी कथाएँ बालिका ने पढ़ी थीं — “परी कथाएँ पढ़ते-पढ़ते बड़ी देर में सो पाई।” किरन ने न कोई कथा पढ़ी, न पढ़ाई।
पढ़ने का तरीका सीखिए: बहुविकल्पी प्रश्न में हर शब्द काम का होता है। यहाँ “मुख्य रूप से” शब्द ने ही (ग) को उत्तर बनने से रोक दिया। इसलिए विकल्प चुनने से पहले प्रश्न को दो बार पढ़िए
प्र2.
बालिका को बहुत देर तक नींद क्यों नहीं आई? (क) क्योंकि वह देर रात तक खेल रही थी। (ख) क्योंकि वह पढ़ रही थी। (ग) क्योंकि उसे बहुत गरमी लग रही थी। (घ) क्योंकि वह घूमने गई थी।
उत्तर

सूरज का चित्र (☼) बनेगा — (ख) क्योंकि वह पढ़ रही थी।

“तू सुख से सोई होगी पर
मुझको नींद नहीं आई।
परी कथाएँ पढ़ते-पढ़ते
बड़ी देर में सो पाई।”

कविता में कारण साफ़ लिखा है — वह परी कथाएँ पढ़ रही थी, इसीलिए देर में सो पाई।

विकल्पसही / ग़लतकारण
(क) देर रात तक खेल रही थीग़लतखेल कल हुआ था और वह भी शाम तक — “कल तो तेरे साथ शाम तक, खेल बहुत से खेली मैं।” किरन के चले जाने के बाद खेल बंद हो गया था, क्योंकि तब वह अकेली रह गई थी।
(ख) क्योंकि वह पढ़ रही थीसही ☼कविता की अपनी पंक्ति है — “परी कथाएँ पढ़ते-पढ़ते बड़ी देर में सो पाई।” कहानी पढ़ते समय आगे क्या होगा, यह जानने की जिज्ञासा बनी रहती है, इसलिए नींद देर से आती है।
(ग) उसे बहुत गरमी लग रही थीग़लतकविता में गरमी की कोई बात ही नहीं है। जो बात पाठ में नहीं है, वह उत्तर नहीं बन सकती।
(घ) वह घूमने गई थीग़लतघूमने जाने का ज़िक्र कविता में कहीं नहीं है। बालिका तो रात भर अपने घर में, अपने बिस्तर पर ही थी।
यह बात मज़ेदार है: बालिका सोचती है कि किरन “सुख से सोई होगी”, पर आगे चलकर किरन बताती है कि वह तो कभी सोती ही नहीं। यानी दोनों में से एक भी नहीं सोई — फ़र्क बस इतना है कि बालिका देर से सो गई और किरन दूसरी दुनिया के बच्चों को जगाने चली गई।
प्र3.
जब किरन आई, उस समय बालिका क्या कर रही थी? (क) वह सो रही थी। (ख) वह खेल रही थी। (ग) वह गीत गा रही थी। (घ) वह पढ़ और लिख रही थी।
उत्तर

सूरज का चित्र (☼) बनेगा — (क) वह सो रही थी।

“अरी किरन तू उठकर इतनी
जल्दी आज चली आई।
मैं तो बिस्तर में से अपने
अब तक निकल नहीं पाई।”

बालिका खुद कह रही है कि वह अभी तक बिस्तर से निकल ही नहीं पाई है। यानी किरन के आने के समय वह बिस्तर में सो रही थी

विकल्पसही / ग़लतकारण
(क) वह सो रही थीसही ☼“मैं तो बिस्तर में से अपने, अब तक निकल नहीं पाई” — यह पंक्ति सीधे बता देती है कि किरन के आने तक वह बिस्तर में ही थी। किरन का काम भी यही है — सोते बच्चों को जगाना।
(ख) वह खेल रही थीग़लतखेल पिछले दिन की बात है — “कल तो तेरे साथ शाम तक…”। सुबह किरन के आने के समय वह खेल नहीं रही थी।
(ग) वह गीत गा रही थीग़लतकविता में गीत गाने की कोई बात नहीं है।
(घ) वह पढ़ और लिख रही थीग़लतपढ़ना उसने रात में किया था — परी कथाएँ। लिखने का ज़िक्र तो कविता में है ही नहीं। सुबह किरन आई तब वह बिस्तर में थी।
ध्यान दीजिए: बालिका किरन से बात कर रही है, इसलिए उस पल वह जाग चुकी है। पर प्रश्न पूछ रहा है कि जब किरन आई, उस समय वह क्या कर रही थी — और तब वह सो ही रही थी। किरन के आने से ही उसकी नींद खुली।
क्या यह उपयोगी रहा?