अर्थ: मेहनत, परिश्रम, शरीर या मन से किया गया कठिन काम।
पाठ की पंक्ति — “वह किसी भी संकट की संभावना पर ध्यान नहीं देती थी तथा श्रम और चिंतन से बचती थी।”
इसका मतलब — यद्भविष्य मेहनत से दूर भागती थी। उसे लगता था कि “यत्न करने और सोचने-विचारने से कोई लाभ नहीं”। कहानी इसी सोच को गलत ठहराती है — श्रम करने वाली दोनों मछलियाँ बच गईं, श्रम से बचने वाली नहीं बची।
अपने वाक्य में — किसान के श्रम से ही हमारी थाली में अनाज आता है।
शब्दकोश देखने का तरीका: (1) शब्दकोश में शब्द वर्णमाला के क्रम में होते हैं — अ, आ, इ, ई … से लेकर ह तक। (2) पहले शब्द का पहला अक्षर देखिए, फिर दूसरा, फिर तीसरा। जैसे ‘श्रम’ ढूँढ़ने के लिए ‘श’ वाला पन्ना खोलिए। (3) एक ही शब्द के कई अर्थ मिलें तो वाक्य में डालकर देखिए कि कौन-सा अर्थ ठीक बैठता है। (4) मिला हुआ अर्थ अपनी लेखन-पुस्तिका में एक उदाहरण-वाक्य के साथ लिखिए — इससे शब्द याद रह जाता है।