कक्षा ५ हिंदी अध्याय 11 धन्यवाद कार्ड के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
निशा को उसकी मौसी ने अजंता और एलोरा की गुफाएँ दिखाईं। इस कारण निशा ने अपनी मौसी को धन्यवाद कार्ड लिखा। अब आप भी अपने किसी संबंधी को धन्यवाद कार्ड लिखिए —
उत्तर

धन्यवाद कार्ड बहुत लंबा नहीं होता। पाँच-छह वाक्य ही काफ़ी हैं। पुस्तक में जो ढाँचा छपा है, उसी क्रम से लिखिए।

कार्ड का भागक्या लिखना हैउदाहरण
संबोधन (सबसे ऊपर)‘प्रिय’ या ‘पूज्य’ लिखकर उस व्यक्ति का नाम या रिश्तापूज्य मामा जी,
पहला वाक्यकिस बात के लिए धन्यवाद दे रहे हैंआपने गरमी की छुट्टियों में मुझे किला दिखाया, इसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।
बीच का हिस्साउस दिन की एक-दो खास बातेंमुझे किले की ऊँची दीवार और भीतर बना बड़ा कुआँ सबसे अच्छा लगा।
अपना भावआपको कैसा लगा और आपने क्या सीखाउस दिन के बाद से मुझे पुरानी इमारतों के बारे में पढ़ना अच्छा लगने लगा है।
अंतिम वाक्यआगे मिलने या फिर साथ जाने की बातअगली छुट्टियों में आपके साथ फिर कहीं घूमने चलूँगा।
समापन (सबसे नीचे)‘आपका’ या ‘आपकी’ लिखकर अपना नामआपका, रोहन
नमूना उत्तर:
पूज्य मौसी जी,
सादर प्रणाम।
दशहरे की छुट्टियों में आप मुझे अजंता और एलोरा की गुफाएँ दिखाने ले गईं, इसके लिए आपको बहुत-बहुत धन्यवाद।
मैंने पहले इन गुफाओं के बारे में केवल पुस्तकों में पढ़ा था। अपनी आँखों से देखकर तो मैं दंग रह गई। दीवारों पर बने चित्र इतने सजीव थे कि लगता था अभी बोल पड़ेंगे। कैलाश मंदिर की यह बात मुझे कभी नहीं भूलेगी कि पूरा मंदिर एक ही चट्टान से तराशकर बनाया गया है।
आपने रास्ते में हर चीज़ इतने प्यार से समझाई कि यात्रा और भी अच्छी हो गई। अब मैं भी सबको बताती हूँ कि हजारों वर्ष पहले हमारे देश में कला का कितना विकास हो चुका था।
अगली छुट्टियों में आपके साथ फिर किसी ऐतिहासिक स्थान पर चलना चाहूँगी।
आपकी,
निशा
धन्यवाद कार्ड में सबसे ज़रूरी क्या है: केवल ‘धन्यवाद’ लिख देना काफ़ी नहीं। यह बताना ज़रूरी है कि किस बात के लिए धन्यवाद है और आपको सबसे अच्छा क्या लगा। इसी से पढ़ने वाले को लगता है कि आपने सचमुच मन से लिखा है।
क्या यह उपयोगी रहा?