कक्षा ५ हिंदी अध्याय 11 हमारे ये कलामंदिर के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन 2026-09-19

इस अध्याय के बारे में

हमारे ये कलामंदिर एक यात्रा-वर्णन है। यात्रा-वर्णन यानी ऐसी रचना जिसमें कोई अपनी यात्रा की बातें सिलसिले से सुनाता है। पुस्तक में इस पाठ के साथ रचनाकार का नाम नहीं छपा है। पाठ का शीर्षक ‘कलामंदिर’ है — कला का मंदिर, यानी वह जगह जहाँ कला पूजा की तरह सँभालकर रखी गई हो। कहानी की शुरुआत — निशा की मौसी ने छुट्टियों में उसे अजंता और एलोरा दिखाने का वादा किया था। निशा ने इन गुफाओं के बारे में पुस्तकों में पढ़ा था, इसलिए उसके मन में उत्सुकता (जानने की तेज़ इच्छा) थी कि ये देखने में कैसी होंगी। यात्रा का रास्ता — दशहरे की छुट्टियों में कार्यक्रम बना। रेलगाड़ी में आरक्षण (सीट पहले से बुक कराना) छत्रपति संभाजीनगर तक था। संभाजीनगर महाराष्ट्र राज्य का एक नगर है। रात होने पर वे स्टेशन के विश्रामगृह में रुकीं और दूसरे दिन बड़े सवेरे बस से अजंता चलीं। संभाजीनगर से अजंता लगभग सौ किलोमीटर दूर है। अजंता का द

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शब्दअर्थपाठ की पंक्तिअपने वाक्य में प्रयोग
उत्सुकताजानने या देखने की तेज़ इच्छा“तभी से उसके मन में उत्सुकता थी कि ये गुफाएँ देखने में कैसी होंगी।”परिणाम सुनने की उत्सुकता से मेरा मन बैठा जा रहा था।
आरक्षणसीट या स्थान पहले से बुक कराना“रेलगाड़ी में आरक्षण छत्रपति संभाजीनगर तक था।”पिता जी ने रेल में हमारा आरक्षण करा दिया।
विश्रामगृहआराम करने का घर या स्थान“निशा और मौसी ने स्टेशन पर ही विश्रामगृह में रात बिताई।”यात्री रात भर विश्रामगृह में ठहरे रहे।
मनोरममन को अच्छा लगने वाला, सुंदर“जो दृश्य निशा ने देखा, वह बड़ा ही मनोरम था।”पहाड़ों से उतरता झरना बहुत मनोरम लगता है।
शिलाखंडचट्टान का बड़ा टुकड़ा“नदी में बड़े-बड़े शिलाखंड पड़े थे।”बाढ़ का पानी शिलाखंड तक बहा ले गया।
पंक्तिकतार, लाइन“एक पहाड़ी पर एक पंक्ति में उनतीस गुफाएँ थीं।”बच्चे पंक्ति में खड़े होकर कक्षा में गए।
प्रातःकालसवेरे का समय“प्रातःकाल के सूर्य की किरणें इन पर पड़ रही थीं।”प्रातःकाल घूमने से मन ताज़ा रहता है।
कुंडपानी भरा गड्ढा, छोटा तालाब“गुफा के ठीक नीचे एक कुंड बना था जिसमें पानी भरा हुआ था।”मंदिर के पास बने कुंड में साफ़ पानी था।
घाटीदो पहाड़ों के बीच की नीची ज़मीन“घाटी में रंग-बिरंगे फूल खिले हुए थे।”घाटी में हरे-भरे खेत फैले थे।
तपकठिन साधना, कड़ी तपस्या“गौतम बुद्ध का घर छोड़कर तप के लिए जाना”ऋषि वर्षों तक वन में तप करते रहे।
भिक्षुभिक्षा माँगकर जीवन चलाने वाला साधु“भिक्षुओं को उपदेश देना”भिक्षु सवेरे-सवेरे गाँव में आ गए।
उपदेशअच्छी बात सिखाने वाली शिक्षा“भिक्षुओं को उपदेश देना”गुरु जी के उपदेश हमें सदा याद रहते हैं।
भिक्षामाँगकर मिला हुआ अन्न या दान“साधु के रूप में भिक्षा माँगने जाना”साधु ने द्वार पर आकर भिक्षा माँगी।
सजीवजीता-जागता सा, जिसमें जान लगती हो“आदि के चित्र अत्यंत सजीव थे।”चित्र इतना सजीव था कि घोड़ा दौड़ता हुआ लगा।
फीकेजिनका रंग उतर गया हो“सैकड़ों साल बीत जाने पर भी ये रंग फीके नहीं पड़े थे।”धूप में सूखकर परदे के रंग फीके पड़ गए।
अनोखानिराला, बहुत अलग ढंग का“उस समय रंग बनाने का ढंग बहुत अनोखा था।”दादी की कहानी सुनाने का ढंग अनोखा है।
जड़ी-बूटीदवा के काम आने वाली वनस्पति“ये रंग पत्तों, जड़ी-बूटियों, फूलों आदि से बनाए जाते थे।”गाँव के वैद्य जड़ी-बूटियों से दवा बनाते हैं।
टकटकी लगानाबिना पलक झपकाए एकटक देखना“निशा टकटकी लगाए चित्रों को देखती रही।”वह टकटकी लगाए आसमान में पतंग देखता रहा।
मुद्राहाथ या शरीर की बनी हुई स्थिति“चित्रों में हाथों की मुद्रा, आँखों के भाव”नर्तकी ने हाथ की सुंदर मुद्रा बनाई।
लोचलचीलापन, मुड़ने की क्षमता“अंगों की लोच, मुखों पर सुख-दुख के भाव”बाँस की छड़ी में अच्छी लोच होती है।
झुर्रियाँचेहरे या चमड़ी पर पड़ी सिलवटें“मुखों पर सुख-दुख के भाव तथा झुर्रियाँ”दादा जी के माथे पर झुर्रियाँ पड़ गई हैं।
अद्भुतजो देखकर अचरज हो, बहुत विचित्र“सभी कुछ अत्यंत अद्भुत था”चाँद पर पहुँचना मनुष्य का अद्भुत काम है।
तराशनापत्थर काट-छाँटकर रूप देना“मूर्तियाँ भी पत्थरों को तराशकर बनाई गई थीं।”कारीगर ने पत्थर तराशकर हाथी बना दिया।
कारीगरीहाथ का हुनर, बनाने की कुशलता“इन मूर्तियों की कारीगरी देखते ही बनती थी।”इस पीतल के दीये की कारीगरी देखते ही बनती है।
शिलाबड़ी चट्टान“बड़ी-बड़ी विशाल शिलाओं को तराशकर”नदी किनारे एक चौड़ी शिला पड़ी थी।
विशालबहुत बड़ा“बड़ी-बड़ी विशाल शिलाओं को तराशकर”किले का विशाल दरवाज़ा देखकर हम रुक गए।
चकितहैरान, अचरज में पड़ा हुआ“निशा उन्हें देख-देखकर चकित हो रही थी।”जादूगर का खेल देखकर सब चकित रह गए।
बेजोड़जिसकी जोड़ी या बराबरी न हो“निशा का मन अभी भी उन बेजोड़ कलाकृतियों की ओर लगा था।”ताजमहल की सुंदरता बेजोड़ है।
कलाकृतिकला से बनाई गई चीज़“उन बेजोड़ कलाकृतियों की ओर लगा था”मिट्टी की यह कलाकृति मेरी बहन ने बनाई है।
धरोहरपुरखों से मिली सँभालने योग्य वस्तु“हमारे देश में बहुत सुंदर ऐतिहासिक स्मारक एवं कलाकृतियाँ हैं।”किला हमारी धरोहर है, इसे साफ़ रखना हमारा काम है।
  1. बातचीत के लिए
  2. पाठ से
  3. सोचिए और लिखिए
  4. अनुमान एवं कल्पना
  5. भाषा की बात
  6. चित्र का वर्णन
  7. मानचित्र
  8. आइए मापें
  9. रंगों का संसार
  10. पुस्तकालय से
  11. धन्यवाद कार्ड
  12. हमारी धरोहर
  13. आपकी अभिव्यक्ति
  14. आपकी चित्रकारी
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