नदी का नाम वाघोरा नदी है।
मानचित्र में नदी नीले रंग में बनी है और वह एक बड़ा घुमाव लेती हुई गुफाओं के सामने से बहती है। नदी के ऊपर सफ़ेद डिब्बे में लिखा है — वाघोरा नदी।
अद्यतन2026-09-19
नदी का नाम वाघोरा नदी है।
मानचित्र में नदी नीले रंग में बनी है और वह एक बड़ा घुमाव लेती हुई गुफाओं के सामने से बहती है। नदी के ऊपर सफ़ेद डिब्बे में लिखा है — वाघोरा नदी।
मानचित्र में गुफाओं को 1 से 30 तक क्रमांक दिए गए हैं, यानी कुल तीस गुफाएँ दिखाई गई हैं।
मानचित्र को ध्यान से देखिए —
मानचित्र में उत्तर दिशा का संकेत दिया गया है।
मानचित्र के नीचे दाईं ओर एक तारे जैसा चिह्न बना है और उसके नीचे लिखा है — उत्तर। यही दिशा-सूचक चिह्न है।
“आप यहाँ हैं” का आशय यह है कि मानचित्र देखने वाला इस समय ठीक उसी जगह खड़ा है। यानी वह चिह्न आपकी अपनी जगह बताता है।
पृष्ठ 137 के मानचित्र में यह चिह्न नीचे बाईं ओर बना है — ‘शटल सेवा’ लिखे स्थान के पास। इसका अर्थ यह हुआ कि यात्री पहले वहीं पहुँचता है, और वहाँ से गुफाओं तक जाता है।
ऐसा चिह्न क्यों बनाया जाता है, यह चरणों में समझिए —
कुंड का नाम सप्तकुंड है।
मानचित्र में ऊपर दाईं ओर, ‘जल प्रपात’ लिखे स्थान के पास, तिरछे अक्षरों में लिखा है — सप्तकुंड। जल प्रपात यानी ऊपर से गिरता हुआ पानी, जिसे हम झरना भी कहते हैं।