अजंता में निशा ने पहाड़ी पर एक पंक्ति में बनी उनतीस गुफाएँ, उनकी दीवारों पर बने दो हजार वर्ष पुराने चित्र और पत्थर तराशकर बनाई गई मूर्तियाँ देखीं। साथ ही उसने वहाँ का बाहरी दृश्य भी देखा।
पाठ के अनुसार उसने जो कुछ देखा, वह क्रम से यह है —
| कहाँ | निशा ने क्या देखा |
|---|---|
| गुफाओं के बाहर | एक ओर बहती छोटी-सी नदी, नदी में पड़े बड़े-बड़े शिलाखंड, घाटी में खिले रंग-बिरंगे फूल |
| पहाड़ी पर | नदी के दक्षिण में एक पंक्ति में बनी उनतीस गुफाएँ, जिनका मुँह पूर्व दिशा की ओर था और जिन पर सवेरे की धूप पड़ रही थी |
| गुफा के ठीक नीचे | पानी से भरा एक कुंड |
| गुफाओं की दीवारों पर | गौतम बुद्ध का घर छोड़कर तप के लिए जाना, भिक्षुओं को उपदेश देना, साधु के रूप में भिक्षा माँगने जाना — इनके अत्यंत सजीव चित्र |
| इसके अतिरिक्त चित्रों में | पेड़-पौधों, पशु-पक्षियों और स्त्रियों के चित्र |
| चित्रों की बारीकी में | हाथों की मुद्रा, आँखों के भाव, अंगों की लोच, मुखों पर सुख-दुख के भाव तथा झुर्रियाँ |
| गुफाओं के भीतर | पत्थरों को तराशकर बनाई गई मूर्तियाँ; कुछ गुफाएँ अत्यंत लंबी-चौड़ी और कुछ छोटी |