कक्षा ५ हिंदी अध्याय 11 पाठ से के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
निशा, अजंता और एलोरा जाने के लिए क्यों उत्साहित थी? (क) वह पहली बार हवाई यात्रा करने वाली थी। (ख) उसने इन गुफाओं के बारे में पुस्तकों में पढ़ा था। (ग) उसे मौसी जी से एक नया खिलौना मिलने वाला था। (घ) उसने अजंता और एलोरा के बारे में मित्रों से सुना था।
उत्तर

सही विकल्प — (ख) उसने इन गुफाओं के बारे में पुस्तकों में पढ़ा था। इसी के आगे सूरज का चित्र (☼) बनाइए।

पाठ की पहली ही पंक्तियाँ यह उत्तर दे देती हैं —

“निशा ने पुस्तकों में अजंता, एलोरा के बारे में पढ़ा था
तभी से उसके मन में उत्सुकता थी कि ये गुफाएँ देखने में कैसी होंगी।”

अब एक-एक विकल्प जाँचिए —

विकल्पसही या गलतकारण
(क) वह पहली बार हवाई यात्रा करने वाली थी।गलत ✘निशा हवाई जहाज़ से गई ही नहीं। पाठ कहता है — “रेलगाड़ी में आरक्षण छत्रपति संभाजीनगर तक था”, और आगे “वे बस से अजंता की ओर चल दीं।” यानी यात्रा रेल और बस से हुई।
(ख) उसने इन गुफाओं के बारे में पुस्तकों में पढ़ा था।सही ✔यही पाठ में शब्द-दर-शब्द लिखा है। पढ़ने से उसके मन में जिज्ञासा जगी — “ये गुफाएँ देखने में कैसी होंगी।” पढ़ी हुई चीज़ को अपनी आँखों से देखने का उत्साह ही उसे वहाँ ले गया।
(ग) उसे मौसी जी से एक नया खिलौना मिलने वाला था।गलत ✘पूरे पाठ में खिलौने की कोई बात नहीं है। मौसी ने वादा किया था तो केवल इतना — “छुट्टियों में उसे अजंता और एलोरा दिखाने का”।
(घ) उसने अजंता और एलोरा के बारे में मित्रों से सुना था।गलत ✘यह विकल्प देखने में ठीक लगता है, पर पाठ में ‘मित्रों से सुना’ नहीं, ‘पुस्तकों में पढ़ा’ लिखा है। ऐसे ही मिलते-जुलते विकल्प ध्यान से पढ़ने पड़ते हैं।
ध्यान दीजिए: यहाँ विकल्प (ख) और (घ) दोनों कहते हैं कि निशा को इन गुफाओं के बारे में पहले से पता था। अंतर सिर्फ़ कैसे पता चला इसमें है। ऐसे प्रश्नों में पाठ की उसी पंक्ति पर उँगली रखिए और शब्द मिलाइए।
प्र2.
निशा को अजंता और एलोरा देखकर कैसा लगा? (क) उसे निराशा हुई। (ख) उसे आश्चर्य हुआ। (ग) उसे दुख हुआ। (घ) वह उदास हो गई।
उत्तर

सही विकल्प — (ख) उसे आश्चर्य हुआ। इसी के आगे सूरज का चित्र (☼) बनाइए।

पाठ में ‘आश्चर्य’ शब्द तीन-तीन बार आया है —

“निशा ने आश्चर्यचकित होकर कहा, ‘दो हजार वर्ष! पर आज भी इनके रंग ज्यों के त्यों कैसे हैं?’”
“निशा को सबसे अधिक आश्चर्य यह देखकर हुआ कि ये गुफाएँ पहाड़ों को ही काटकर बनाई गई थीं।”
“निशा उन्हें देख-देखकर चकित हो रही थी।”
विकल्पसही या गलतकारण
(क) उसे निराशा हुई।गलत ✘निराशा तब होती है जब कोई चीज़ उम्मीद से कम निकले। यहाँ उलटा हुआ — चित्र उसकी सोच से भी सुंदर निकले, इसीलिए मुँह से “वाह!” निकला।
(ख) उसे आश्चर्य हुआ।सही ✔पाठ स्वयं उसे “आश्चर्यचकित” और “चकित” कहता है। आश्चर्य यानी अचरज — कोई बात इतनी बड़ी या अनोखी लगे कि विश्वास ही न हो। दो हजार साल पुराने रंग और पहाड़ काटकर बनी गुफाएँ देखकर यही हुआ।
(ग) उसे दुख हुआ।गलत ✘पाठ में दुख की एक भी पंक्ति नहीं है। अंत में तो वह गर्व से कहती है — “यह गर्व की बात है कि हजारों वर्ष पहले भी हमारे देश में कला का इतना विकास हो चुका था।”
(घ) वह उदास हो गई।गलत ✘उदासी का कोई कारण ही नहीं था। लौटने के बाद भी “निशा का मन अभी भी उन बेजोड़ कलाकृतियों की ओर लगा था” — यह उदासी नहीं, मुग्ध हो जाना है।
शब्द सीखिए: आश्चर्यचकित = आश्चर्य + चकित, यानी अचरज से भरकर हैरान रह जाना। जब कोई बात इतनी अनोखी हो कि तुरंत सवाल पूछने का मन करे — जैसे निशा ने पूछा, “दो हजार वर्ष!”
प्र3.
अजंता की गुफाओं में बने रंग इतने वर्षों बाद भी क्यों फीके नहीं पड़े थे? (क) वे विशेष प्रकार के कागज पर बनाए गए थे। (ख) चित्रों में प्रति वर्ष फिर से नया रंग भरा जाता था। (ग) रंग, फूलों जैसी प्राकृतिक सामग्रियों से बनाए गए थे। (घ) वे सभी गुफाएँ बहुत ठंडे स्थान पर स्थित थीं।
उत्तर

सही विकल्प — (ग) रंग, फूलों जैसी प्राकृतिक सामग्रियों से बनाए गए थे। इसी के आगे सूरज का चित्र (☼) बनाइए।

यह उत्तर मौसी की बात से आता है —

“उस समय रंग बनाने का ढंग बहुत अनोखा था। कहते हैं कि उस समय
ये रंग पत्तों, जड़ी-बूटियों, फूलों आदि से बनाए जाते थे।”
विकल्पसही या गलतकारण
(क) वे विशेष प्रकार के कागज पर बनाए गए थे।गलत ✘चित्र कागज पर नहीं थे। पाठ कहता है — “गुफाओं के अंदर दीवारों पर अत्यंत सुंदर चित्र बने हैं।” कागज तो कुछ ही वर्षों में गल जाता, पत्थर की दीवार हज़ारों वर्ष टिकती है।
(ख) चित्रों में प्रति वर्ष फिर से नया रंग भरा जाता था।गलत ✘पाठ में ऐसा कुछ नहीं लिखा। यदि हर वर्ष रंग भरा जाता, तो निशा को आश्चर्य ही क्यों होता? उसका सवाल ही यही था कि पुराने रंग आज तक कैसे बचे हैं।
(ग) रंग, फूलों जैसी प्राकृतिक सामग्रियों से बनाए गए थे।सही ✔यही मौसी ने बताया — रंग पत्तों, जड़ी-बूटियों और फूलों से बनते थे। प्राकृतिक यानी प्रकृति से मिली हुई चीज़ों से बना। ऐसे रंग सैकड़ों साल टिके रहे और फीके नहीं पड़े।
(घ) वे सभी गुफाएँ बहुत ठंडे स्थान पर स्थित थीं।गलत ✘पाठ में ठंडे स्थान की कोई बात नहीं है। उलटे लिखा है कि गुफाओं का मुँह पूर्व की ओर है और सवेरे की धूप उन पर पड़ती है।
आगे कीजिए: पृष्ठ 138–139 की ‘रंगों का संसार’ गतिविधि में इन्हीं प्राकृतिक रंगों को बनाना सिखाया गया है — पालक से हरा, हल्दी से पीला, चुकंदर से लाल। वही तरीका जो हज़ारों साल पहले काम में आता था।
प्र4.
यात्रा से लौटने के बाद भी निशा को वे कलाकृतियाँ बार-बार क्यों याद आ रही थीं? (क) उसने अपनी पाठ्यपुस्तक में उनके बारे में पढ़ा था। (ख) मौसी जी ने वादा किया था कि वे फिर वहाँ जाएँगे। (ग) यात्रा बहुत लंबी थी इसलिए उसे याद आ रही थी। (घ) गुफाओं की सभी कलाकृतियाँ बहुत आकर्षक थीं।
उत्तर

सही विकल्प — (घ) गुफाओं की सभी कलाकृतियाँ बहुत आकर्षक थीं। इसी के आगे सूरज का चित्र (☼) बनाइए।

पाठ की अंतिम पंक्ति यही कहती है —

“अजंता और एलोरा देखकर निशा और मौसी जी वापस लौट आए
पर निशा का मन अभी भी उन बेजोड़ कलाकृतियों की ओर लगा था।”
विकल्पसही या गलतकारण
(क) उसने अपनी पाठ्यपुस्तक में उनके बारे में पढ़ा था।गलत ✘पढ़ना तो यात्रा से पहले की बात थी, और पाठ में ‘पाठ्यपुस्तक’ नहीं, केवल ‘पुस्तकों’ लिखा है। पढ़ने से वह जाने के लिए उत्साहित हुई थी; लौटने के बाद याद आने का कारण कुछ और है।
(ख) मौसी जी ने वादा किया था कि वे फिर वहाँ जाएँगे।गलत ✘मौसी ने वादा किया था तो केवल यह कि वे उसे अजंता और एलोरा दिखाएँगी। दुबारा ले जाने का कोई वादा पाठ में नहीं है।
(ग) यात्रा बहुत लंबी थी इसलिए उसे याद आ रही थी।गलत ✘लंबी यात्रा से थकान याद रहती है, कलाकृतियाँ नहीं। निशा को याद आ रही थीं कलाकृतियाँ — यानी दीवारों के चित्र और तराशी हुई मूर्तियाँ।
(घ) गुफाओं की सभी कलाकृतियाँ बहुत आकर्षक थीं।सही ✔पाठ उन्हें “बेजोड़ कलाकृतियाँ” कहता है — बेजोड़ यानी जिसकी जोड़ी न हो। चित्र इतने सजीव थे कि “लगता था अभी बोल पड़ेंगे”, और मूर्तियों की “कारीगरी देखते ही बनती थी”। ऐसी चीज़ें मन से उतरती नहीं।
चारों प्रश्नों का सूत्र: हर उत्तर पाठ की किसी एक पंक्ति में छिपा है — पहला उत्तर पहले अनुच्छेद में, दूसरा और तीसरा पृष्ठ 130 पर, और चौथा पृष्ठ 132 की अंतिम पंक्ति में। उत्तर चुनने से पहले वह पंक्ति ढूँढ़िए, फिर विकल्प मिलाइए।
पुस्तक कहती है: इस अभ्यास के नीचे लिखा है — “अब अपने समूह में चर्चा करके पता लगाइए कि किस-किसने कौन-कौन से उत्तर चुने और क्यों।” अपने समूह में हर उत्तर के साथ पाठ की वह पंक्ति भी पढ़कर सुनाइए जिससे वह उत्तर मिला। इससे सबको पता चलेगा कि उत्तर अनुमान से नहीं, पाठ से निकला है।
क्या यह उपयोगी रहा?