कक्षा ५ हिंदी अध्याय 11 अनुमान एवं कल्पना के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
यदि अजंता की दीवारों के चित्र बोल सकते तो वे हमें क्या कहानियाँ सुनाते?
उत्तर

यह कल्पना का प्रश्न है, इसलिए एक ही सही उत्तर नहीं है। पर अच्छा उत्तर वही होगा जो पाठ में दिखाए गए चित्रों से जुड़ा हो। पाठ बताता है कि दीवारों पर किन-किन चीज़ों के चित्र हैं — वही चित्र बोलते तो अपनी-अपनी कहानी सुनाते।

दीवार का चित्र (पाठ से)वह क्या कहानी सुनाता
गौतम बुद्ध का घर छोड़कर तप के लिए जानाएक राजकुमार की कहानी, जिसने महल का सुख छोड़कर सच्चाई खोजने के लिए जंगल की राह पकड़ी।
भिक्षुओं को उपदेश देनाउस दिन की कहानी जब बहुत-से लोग चुपचाप बैठकर एक अच्छी बात सुन रहे थे — दया, सच और शांति की बात।
साधु के रूप में भिक्षा माँगने जानागाँव-गाँव घूमने की कहानी — किस घर ने भोजन दिया, किसने दरवाज़ा नहीं खोला, और भूख में भी मन शांत कैसे रहा।
पेड़-पौधों के चित्रउस समय के जंगल की कहानी — कौन-से पेड़ थे, किन पत्तों और फूलों से रंग बनाए जाते थे।
पशु-पक्षियों के चित्रहाथी, हिरन और चिड़ियों की कहानी, जो गुफा के पास की घाटी में घूमते थे।
स्त्रियों के चित्रउस ज़माने के रहन-सहन की कहानी — कैसे कपड़े पहने जाते थे, कैसे गहने बनते थे, त्योहार कैसे मनाए जाते थे।
मुखों पर सुख-दुख के भाव और झुर्रियाँउन लोगों की कहानी जो सचमुच जिए — किसी की खुशी, किसी का दुख, और बुढ़ापे तक का सफ़र।
नमूना उत्तर: यदि अजंता की दीवारों के चित्र बोल सकते तो सबसे पहले वे अपने बनाने वालों की कहानी सुनाते। वे बताते कि दो हजार वर्ष पहले कुछ कारीगर पहाड़ काटकर यहाँ आए थे। उनके पास बिजली नहीं थी, इसलिए वे सवेरे की धूप में काम करते थे। वे पत्तों, जड़ी-बूटियों और फूलों को पीसकर रंग बनाते थे। फिर बुद्ध वाला चित्र बोलता — “मैंने देखा है कि एक राजकुमार सब कुछ छोड़कर तप के लिए निकल पड़ा था।” पेड़-पौधों के चित्र बताते कि उस समय यहाँ कैसा घना जंगल था। पशु-पक्षियों के चित्र अपनी घाटी की बातें सुनाते। और अंत में सब मिलकर कहते — “हमें छूना मत, हमारे रंग दो हजार साल से टिके हैं, इन्हें ऐसे ही रहने दो।”
अच्छे उत्तर में क्या होना चाहिए: (1) कम-से-कम दो-तीन ऐसे चित्रों का नाम जो पाठ में सचमुच बताए गए हैं। (2) चित्र की अपनी आवाज़ में एक-दो वाक्य, यानी संवाद। (3) अंत में एक भाव — जैसे उन्हें सँभालकर रखने की बात।
प्र2.
मान लीजिए कि आप हजारों वर्ष पहले के संसार में चले गए हैं और आपको अजंता की गुफाओं में एक नया चित्र बनाने का अवसर मिला है। आप क्या बनाएँगे और क्यों?
उत्तर

इस उत्तर के दो हिस्से होने चाहिए — आप क्या बनाएँगे, और क्यों बनाएँगे। ‘क्यों’ वाला हिस्सा ही उत्तर को अच्छा बनाता है।

उत्तर तैयार करने के चरण —

  1. चरण 1 — एक ऐसा दृश्य चुनिए जो आपको सचमुच प्रिय हो — अपना गाँव, अपना विद्यालय, अपना त्योहार या अपने आस-पास के पशु-पक्षी।
  2. चरण 2 — सोचिए कि हजारों साल बाद जो व्यक्ति यह चित्र देखेगा, उसे इससे क्या पता चलेगा।
  3. चरण 3 — तय कीजिए कि रंग किन प्राकृतिक चीज़ों से बनाएँगे — पालक से हरा, हल्दी से पीला, चुकंदर से लाल (पृष्ठ 138–139)।
  4. चरण 4 — दो-तीन वाक्यों में अपना कारण लिखिए।
नमूना उत्तर: यदि मुझे अजंता की गुफा में एक नया चित्र बनाने का अवसर मिलता तो मैं अपने गाँव का मेला बनाता। चित्र में मैं बड़े बरगद का पेड़ बनाता, उसके नीचे चूड़ियों और खिलौनों की दुकानें बनाता, और एक ओर झूला बनाता जिस पर बच्चे बैठे हों। एक कोने में मैं मिट्टी के बरतन बनाते कुम्हार को दिखाता। रंग मैं वैसे ही बनाता जैसे उस समय बनते थे — पालक से हरा, हल्दी से पीला और चुकंदर से लाल। मैं यह चित्र इसलिए बनाता क्योंकि हजारों वर्ष बाद जो व्यक्ति इसे देखेगा, उसे पता चलेगा कि हमारे समय के लोग मिल-जुलकर खुशी मनाते थे, क्या पहनते थे और कौन-कौन से काम करते थे। जैसे अजंता के चित्रों से हमें दो हजार वर्ष पुराने जीवन का पता चलता है, वैसे ही मेरा चित्र भी आगे आने वालों को हमारा जीवन दिखाता।
यह उत्तर अच्छा क्यों है: इसमें चित्र का ब्योरा है (क्या-क्या दिखेगा), रंग बनाने का तरीका है, और सबसे ज़रूरी — एक कारण है जो पाठ से जुड़ता है। अजंता के चित्र भी तो यही करते हैं — वे हमें दो हजार साल पुराना जीवन दिखाते हैं।
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