कक्षा ५ हिंदी अध्याय 12 गंगा की कहानी के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन 2026-09-19

इस अध्याय के बारे में

गंगा की कहानी एक आत्मकथा के ढंग से लिखा गया वर्णन है। आत्मकथा यानी अपनी कहानी अपने ही मुँह से कहना। इस पाठ में गंगा नदी ‘मैं’ कहकर बोलती है — “मेरा जन्म हिमालय की गोद में हुआ था।” पुस्तक में इस पाठ के साथ रचनाकार का नाम नहीं छपा है। जन्म और पहला नाम — गंगा एक नन्ही-सी धारा के रूप में उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद में स्थित गंगोत्री हिमनद के उस स्थान से निकलती है जिसे गोमुख कहते हैं। हिमनद यानी बर्फ़ की जमी हुई विशाल नदी। गोमुख से थोड़ा नीचे गंगोत्री में गंगा का भव्य मंदिर है। यहीं राजा भगीरथ ने तपस्या की थी, इसलिए गंगा का एक नाम भागीरथी भी है। पहाड़ से मैदान तक — गंगा पहाड़ों को चीरती, चट्टानों से टकराती, उछलती-कूदती आगे बढ़ती है। देवप्रयाग में उससे अलकनंदा नदी आ मिलती है। ऋषिकेश पहुँचकर वह मैदान में उतर आती है। ऋषिकेश और हरिद्वार उसके किनारे बसे प्रसिद्ध तीर्थ हैं। हरिद्वार में हर बारह वर्ष

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शब्दअर्थपाठ की पंक्तिअपने वाक्य में प्रयोग
हिमनदबर्फ़ की जमी हुई विशाल नदी, ग्लेशियर“उत्तरकाशी जनपद में स्थित गंगोत्री हिमनद के उस स्थान से निकली”हिमनद की बर्फ़ पिघलकर नदी बन जाती है।
गोमुखगंगोत्री हिमनद का वह मुँह जहाँ से गंगा निकलती है“उस स्थान से निकली जिसे गोमुख कहते हैं।”गोमुख तक पहुँचने के लिए बहुत चढ़ाई चढ़नी पड़ती है।
जनपदज़िला“मैं उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद में स्थित…”हमारा विद्यालय इसी जनपद में है।
भव्यबहुत बड़ा और शानदार“गंगोत्री में मेरा भव्य मंदिर है”मेले के द्वार पर भव्य तोरण बना था।
तीर्थयात्रीतीर्थ की यात्रा करने वाला“जहाँ देशभर से तीर्थयात्री आते हैं।”बस भरकर तीर्थयात्री हरिद्वार गए।
तपस्याकठिन साधना, कड़ी तपस्या“राजा भगीरथ ने इसी स्थान पर तपस्या की थी।”ऋषि वर्षों तक वन में तपस्या करते रहे।
भागीरथीगंगा का एक नाम, राजा भगीरथ के नाम से बना“इसलिए मेरा नाम भागीरथी भी है।”देवप्रयाग तक इस धारा को भागीरथी कहते हैं।
ढुलकनालुढ़कते हुए नीचे की ओर बहना“यहाँ से मैं नीचे ढुलकती चली”पहाड़ी से पानी ढुलकता हुआ नीचे आ रहा था।
निखरनारूप का और साफ़ तथा सुंदर हो जाना“मेरा रूप और निखरने लगा।”धुलने के बाद कपड़े का रंग निखर आया।
चीरनाबीच से काटते हुए आगे बढ़ना“पहाड़ों को चीरती, चट्टानों से टकराती हुई”नाव लहरों को चीरती हुई आगे बढ़ी।
तटनदी का किनारा“बहुत से नगर मेरे तट पर बस गए हैं।”हम शाम को नदी के तट पर बैठे थे।
आश्रमसाधु-संतों के रहने और साधना करने का स्थान“मेरे किनारों पर साधु-संतों और महात्माओं के आश्रम हैं।”आश्रम में सवेरे प्रार्थना होती है।
प्राकृतिकप्रकृति का, अपने-आप बना हुआ“यहाँ का प्राकृतिक दृश्य और वातावरण बहुत शांत है।”पहाड़ों का प्राकृतिक सौंदर्य मन मोह लेता है।
वातावरणचारों ओर का माहौल“दृश्य और वातावरण बहुत शांत है।”परीक्षा के दिनों में घर का वातावरण शांत रहता है।
कुंभबारह वर्ष बाद लगने वाला बहुत बड़ा मेला“हरिद्वार में हर बारह वर्ष बाद कुंभ का मेला लगता है।”कुंभ में लाखों लोग स्नान करने आते हैं।
नहरखेतों तक पानी ले जाने के लिए खोदी गई धारा“एक नहर निकाली गई है जिसे गंगानहर कहते हैं।”नहर का पानी हमारे खेत तक आता है।
सींचनाखेत या पौधे को पानी देना“लाखों एकड़ भूमि को सींचती हुई यह नहर…”माँ रोज़ तुलसी के पौधे को सींचती हैं।
एकड़खेत की ज़मीन नापने की एक इकाई“लाखों एकड़ भूमि को सींचती हुई”चाचा जी के पास दो एकड़ खेत है।
औद्योगिक नगरवह नगर जहाँ बहुत से उद्योग यानी कारखाने हों“कानपुर भारत का प्रसिद्ध औद्योगिक नगर है।”कानपुर एक बड़ा औद्योगिक नगर है।
संगमदो या अधिक नदियों का आपस में मिलना“यहाँ यमुना से मेरा संगम होता है।”प्रयागराज के संगम पर बहुत भीड़ थी।
धाराबहती हुई पानी की लकीर“पश्चिम बंगाल में मेरी दो धाराएँ हो जाती हैं।”नदी की धारा आज बहुत तेज़ है।
खाड़ीसमुद्र का वह भाग जो ज़मीन के भीतर घुसा हो“अंत में मैं बंगाल की खाड़ी में समुद्र से मिल जाती हूँ।”बंगाल की खाड़ी भारत के पूर्व में है।
पवित्रशुद्ध, पूजनीय“मुझे भारतवासी पवित्र नदी मानते हैं।”लोग गंगाजल को पवित्र मानते हैं।
मटमैलामिट्टी के रंग जैसा, गँदला“मेरा चमकीला रंग मटमैला हो जाता है।”बरसात में तालाब का पानी मटमैला हो गया।
दूषितगंदा, बिगड़ा हुआ“गंदा पानी मेरे जल को दूषित कर देता है।”कूड़ा डालने से तालाब का जल दूषित हो गया।
अपशिष्टबचा-खुचा कूड़ा-कचरा जो फेंक दिया जाता है“नदियों में डाले जाने वाले अपशिष्ट से”कारखाने का अपशिष्ट नदी में नहीं जाना चाहिए।
निर्मलबिलकुल साफ़, स्वच्छ“मेरा जल वैसा ही स्वच्छ और निर्मल हो जाएगा”झरने का निर्मल जल पीने योग्य था।
प्रतीक्षाइंतज़ार“मुझे उस दिन की प्रतीक्षा है”मैं बस की प्रतीक्षा कर रहा था।
उद्भवनिकलने या शुरू होने की जगह, आरंभ‘मिलान कीजिए’ में — “गंगा का उद्भव”गंगा का उद्भव गोमुख से होता है।
अंतरिक्षपृथ्वी से बहुत ऊपर का खाली आकाश-प्रदेशगगनयान — “इसका उद्देश्य मनुष्य को अंतरिक्ष में भेजना है।”अंतरिक्ष में हवा नहीं होती।
अनुसंधानखोज-बीन, नई बातें पता करने का कामगगनयान — “अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में…”वैज्ञानिक दवा पर अनुसंधान कर रहे हैं।
चालक दलयान को चलाने और सँभालने वाले लोगों का समूहगगनयान — “इसमें तीन सदस्यों के चालक दल को…”विमान का चालक दल यात्रियों की सहायता करता है।
मानवरहितजिसमें कोई मनुष्य न होगगनयान — “पहले दो चरण मानवरहित होंगे”पहली उड़ान मानवरहित थी।
उपलब्धिबड़ी सफलतागगनयान — “भारत के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि होगी।”गाँव में विद्यालय खुलना बड़ी उपलब्धि है।
व्योममित्रइसरो का बनाया ह्यूमनॉइड रोबोटगगनयान — “व्योममित्र नाम का ह्यूमनॉइड रोबोट बनाया है”व्योममित्र पहले चरण में अंतरिक्ष जाएगा।
कृत्रिम मेधाए.आई. का हिंदी नाम — मशीन में डाली गई मानवीय सूझ-बूझ‘इसे भी जानिए’ — “हिंदी में इसे ‘कृत्रिम मेधा’ कहा जा सकता है।”कृत्रिम मेधा से मशीन प्रश्नों के उत्तर दे सकती है।
  1. बातचीत के लिए
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  4. भाषा की बात
  5. समझ और अनुभव
  6. कलाकारी
  7. गंगा से बातचीत
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  9. गगनयान
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