कक्षा ५ हिंदी अध्याय 12 भाषा की बात के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
इस वाक्य को पढ़िए — “यहाँ यमुना से मेरा संगम होता है।” इस वाक्य में ‘होता’ शब्द ‘होना’ क्रिया का रूप है। निम्नलिखित वाक्यों में ‘होना’ क्रिया के विभिन्न रूपों का प्रयोग करते हुए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए — (क) आप जब भी आते हैं, मुझे बहुत प्रसन्नता ......... है। (ख) कुंभ के मेले में लाखों लोग सम्मिलित ......... । (ग) आपके माता-पिता आपकी प्रतीक्षा कर रहे ......... । (घ) पहाड़ों का मौसम बड़ा सुहावना ......... है। (ङ) यह काम कल ही ......... था परंतु किसी कारण से नहीं ......... पाया।
उत्तर

पहले यह समझिए कि ‘होना’ एक क्रिया है और वाक्य के अनुसार उसका रूप बदलता रहता है — होता, होती, होते, होंगे, होना, हो। नीचे सभी छह रिक्त स्थान भरे हुए हैं।

वाक्यरिक्त स्थान में क्या भरेंरूप ऐसा क्यों
(क) आप जब भी आते हैं, मुझे बहुत प्रसन्नता ......... है।होती
पूरा वाक्य: आप जब भी आते हैं, मुझे बहुत प्रसन्नता होती है।
‘प्रसन्नता’ स्त्रीलिंग शब्द है, इसलिए क्रिया भी स्त्रीलिंग रूप में — ‘होती’।
(ख) कुंभ के मेले में लाखों लोग सम्मिलित ......... ।होते हैं
पूरा वाक्य: कुंभ के मेले में लाखों लोग सम्मिलित होते हैं
‘लाखों लोग’ बहुवचन है, और बात हर बार होने वाली है — इसलिए ‘होते हैं’।
(ग) आपके माता-पिता आपकी प्रतीक्षा कर रहे ......... ।होंगे
पूरा वाक्य: आपके माता-पिता आपकी प्रतीक्षा कर रहे होंगे
यहाँ अनुमान लगाया जा रहा है — शायद ऐसा हो रहा है। अनुमान के लिए ‘होंगे’ आता है।
(घ) पहाड़ों का मौसम बड़ा सुहावना ......... है।होता
पूरा वाक्य: पहाड़ों का मौसम बड़ा सुहावना होता है।
‘मौसम’ पुल्लिंग और एकवचन है, और बात सदा सच रहने वाली है — इसलिए ‘होता है’।
(ङ) यह काम कल ही ......... था परंतु किसी कारण से नहीं ......... पाया।पहला रिक्त स्थान — होना
दूसरा रिक्त स्थान — हो
पूरा वाक्य: यह काम कल ही होना था परंतु किसी कारण से नहीं हो पाया।
पहले में ‘होना था’ का अर्थ है — तय था कि होगा। दूसरे में ‘हो पाया’ का अर्थ है — हो नहीं सका।
नियम एक पंक्ति में: ‘होना’ क्रिया का रूप तीन बातों से तय होता है — कौन (एक या अनेक), लिंग (पुल्लिंग या स्त्रीलिंग), और काल (कब हुआ)। भरने से पहले पूरा वाक्य ज़ोर से पढ़िए — कान अपने-आप सही रूप पकड़ लेता है।
अभ्यास कीजिए: इन्हीं छह रूपों से अपने-आप वाक्य बनाइए — “गरमी में दिन बड़ा होता है।”, “मेले में बहुत भीड़ होती है।”, “बच्चे कक्षा में होंगे।”, “यह काम आज होना चाहिए।”
प्र2.
पाठ में ‘हिमालय’ शब्द ‘हिम’ और ‘आलय’ शब्दों से मिलकर बना है। इसी प्रकार नीचे लिखे शब्दों को मिलाकर नया शब्द बनाइए — पुस्तक (उदाहरण: पुस्तकालय), देव, विद्या, भोजन, मेघ। बीच में ‘आलय’ लिखा है। अब अपने बनाए हुए शब्दों का अपनी लेखन-पुस्तिका में वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
उत्तर

पहले यह समझिए — ‘आलय’ का अर्थ है घर या रहने का स्थान। इसीलिए ‘हिम’ (बर्फ़) + ‘आलय’ (घर) = हिमालय, यानी बर्फ़ का घर। अब पाँचों खाने भरे हुए देखिए।

पहला शब्दउसका अर्थबना हुआ नया शब्दनए शब्द का अर्थअपने वाक्य में प्रयोग
पुस्तक (उदाहरण)किताबपुस्तकालयपुस्तकों का घर, यानी लाइब्रेरीहमारे विद्यालय के पुस्तकालय में कहानियों की बहुत पुस्तकें हैं।
देवदेवतादेवालयदेवता का घर, यानी मंदिरगाँव के देवालय में सवेरे-सवेरे घंटी बजती है।
विद्यापढ़ाई, ज्ञानविद्यालयविद्या का घर, यानी स्कूलमैं रोज़ आठ बजे विद्यालय पहुँच जाता हूँ।
भोजनखानाभोजनालयभोजन का घर, यानी खाना खाने की जगहबस अड्डे के पास एक साफ़-सुथरा भोजनालय है।
मेघबादलमेघालयबादलों का घर — भारत के पूर्वोत्तर का एक राज्यमेघालय में वर्षा बहुत होती है।
ध्यान देने की बात: ‘आलय’ जोड़ते समय पहले शब्द का अंतिम स्वर और ‘आ’ मिलकर एक हो जाते हैं — विद्या + आलय = विद्यालय (‘आ’ दो बार नहीं लिखा जाता)। इसी तरह पुस्तक + आलय = पुस्तकालय, न कि ‘पुस्तकाआलय’।
‘आलय’ वाले और शब्द: चिकित्सालय (चिकित्सा का घर — अस्पताल), न्यायालय (न्याय का घर — अदालत), कार्यालय (काम का घर — दफ़्तर), शिवालय (शिव का मंदिर), छात्रावास जैसे शब्द भी इसी ढंग से बने हैं। इन्हें भी अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखकर वाक्य बनाइए।
प्र3.
नीचे गंगा नदी के दृश्य में कुछ शब्द लिखे गए हैं। इन शब्दों का प्रयोग करते हुए एक अनुच्छेद लिखिए —
गंगा नदी के दृश्य पर लिखे बारह शब्द पवित्र निर्मल गोमुख औद्योगिक शांत प्रसिद्ध जल चमकीला नगर तीर्थ तट हिमालय
पृष्ठ 150 पर गंगा नदी के एक छायाचित्र पर ये बारह शब्द एक अंडाकार घेरे में लिखे गए हैं। छायाचित्र में हरी पहाड़ियों के बीच बहती हुई नदी दिखाई गई है; छायाचित्र अपनी पाठ्यपुस्तक में देखिए।
उत्तर

चित्र में बारह शब्द लिखे हैं। नीचे पहले हर शब्द का अर्थ दिया है, फिर पूरा नमूना अनुच्छेद — जिसमें बारहों शब्द आ गए हैं।

शब्दअर्थ
पवित्रशुद्ध, पूजनीय
हिमालयबर्फ़ का घर — भारत के उत्तर का सबसे ऊँचा पर्वत
निर्मलबिलकुल साफ़, जिसमें मैल न हो
तटनदी का किनारा
गोमुखगंगोत्री हिमनद का वह मुँह जहाँ से गंगा निकलती है
तीर्थपवित्र स्थान जहाँ लोग दर्शन-स्नान के लिए जाते हैं
औद्योगिकउद्योगों यानी कारखानों से जुड़ा हुआ
नगरशहर
शांतजहाँ शोर न हो, चुप और सुखद
चमकीलाजो चमकता हो
प्रसिद्धजिसे बहुत लोग जानते हों, मशहूर
जलपानी
नमूना अनुच्छेद — गंगा की कहानी

गंगा हमारे देश की सबसे पवित्र नदी मानी जाती है। उसका जन्म हिमालय की गोद में होता है। वह गोमुख नाम के स्थान से एक नन्ही-सी धारा बनकर निकलती है। वहाँ उसका जल इतना निर्मल रहता है कि धूप में चाँदी की तरह चमकीला दिखाई देता है। पहाड़ों से उतरकर गंगा मैदान में आ जाती है। उसके तट पर हरिद्वार और वाराणसी जैसे बड़े तीर्थ बसे हैं, जहाँ का वातावरण बहुत शांत लगता है। आगे चलकर उसके किनारे कानपुर जैसे प्रसिद्ध औद्योगिक नगर भी हैं, जहाँ कपड़े, चमड़े और लोहे के कारखाने हैं। इन कारखानों का गंदा पानी गंगा में गिरता है और उसका चमकीला रंग मटमैला पड़ जाता है। यह हम सबका काम है कि गंगा का जल फिर से निर्मल बने। तभी हम कह सकेंगे कि हमने अपनी नदी का ऋण चुकाया।
अनुच्छेद लिखने की विधि — चार चरण:
चरण 1 — दिए गए शब्दों को एक बार पढ़कर उनके अर्थ समझ लीजिए।
चरण 2 — उन्हें क्रम में लगाइए, जैसे यात्रा का क्रम — हिमालय, गोमुख, जल, तट, तीर्थ, नगर।
चरण 3 — हर शब्द के लिए एक छोटा वाक्य बनाइए। दो-दो शब्द एक ही वाक्य में भी आ सकते हैं।
चरण 4 — अंत में एक वाक्य अपने मन की बात का जोड़िए, जैसे “यह हम सबका काम है…”। इससे अनुच्छेद पूरा लगता है।
प्र4.
“मैं काम कर रहा हूँ।” “मेरे कर में लेखनी है।” यहाँ पहले वाक्य में ‘कर’ शब्द का प्रयोग क्रिया के रूप में हुआ है तथा दूसरे वाक्य में ‘कर’ शब्द का अर्थ ‘हाथ’ है। ‘कर’ का एक अन्य अर्थ ‘टैक्स’ भी होता है। इस प्रकार आपने देखा कि अलग-अलग वाक्यों में प्रयोग के कारण एक ही शब्द के भिन्न-भिन्न अर्थ हो सकते हैं। अब आप भी अपनी पाठ्यपुस्तक और अन्य स्रोतों से ऐसे शब्दों की एक सूची तैयार कीजिए और उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
उत्तर

जिन शब्दों के एक से अधिक अर्थ होते हैं, उन्हें अनेकार्थी शब्द कहते हैं — अनेक यानी बहुत, अर्थ यानी मतलब। नीचे ऐसे शब्दों की सूची अर्थ और वाक्यों सहित दी गई है। आप भी इसी ढंग की सूची अपनी लेखन-पुस्तिका में बनाइए।

शब्दपहला अर्थ और वाक्यदूसरा अर्थ और वाक्यतीसरा अर्थ और वाक्य
कर (उदाहरण)करना (क्रिया) — मैं काम कर रहा हूँ।हाथ — मेरे कर में लेखनी है।टैक्स — दुकानदार ने कर जमा कर दिया।
जलपानी — गंगा का जल निर्मल है।जलना (क्रिया) — दीया रात भर जल रहा था।
धाराबहती हुई पानी की लकीर — गंगा की दो धाराएँ हो जाती हैं।बहाव या तेज़ बहती हुई रेखा — छत से पानी की धारा गिर रही थी।
तटनदी का किनारा — नगर गंगा के तट पर बसे हैं।समुद्र का किनारा — हम तट पर बैठकर लहरें देखते रहे।
नाकशरीर का अंग — सर्दी से मेरी नाक बंद है।इज़्ज़त — उसने गाँव की नाक रख ली।
पत्रचिट्ठी — मैंने दादी को पत्र लिखा।पत्ता — पेड़ का हर पत्र हरा था।
अंकसंख्या — इस पृष्ठ पर तीन अंक लिखे हैं।गोद — बच्चा माँ के अंक में सो गया।प्राप्तांक — मुझे गणित में पूरे अंक मिले।
फलखाने वाला फल — आम मेरा प्रिय फल है।परिणाम — मेहनत का फल मीठा होता है।
सोनानींद लेना — मुझे जल्दी सोना है।स्वर्ण धातु — माँ की अँगूठी सोने की है।
कलबीता या आने वाला दिन — कल रविवार है।मशीन — यह कल बहुत पुरानी हो गई।चैन — दुखी मन को कल नहीं पड़ती।
हारफूलों की माला — उसने अतिथि को हार पहनाया।पराजय — खेल में हार से घबराना नहीं चाहिए।
मूलजड़ — पेड़ का मूल गहरा होता है।असली, पहला — यह पुस्तक का मूल रूप है।
अर्थ कैसे पहचानें: अकेला शब्द देखकर अर्थ नहीं पकड़ा जा सकता — पूरा वाक्य पढ़िए। “मेरे कर में लेखनी है” में ‘में’ शब्द बताता है कि ‘कर’ कोई जगह है, यानी हाथ। “मैं काम कर रहा हूँ” में ‘काम’ के साथ आने से पता चलता है कि यह क्रिया है। इसीलिए कहा जाता है — शब्द का अर्थ वाक्य से खुलता है।
अपनी सूची बनाइए: अपनी पाठ्यपुस्तक वीणा के पाठ पढ़ते समय जब कोई शब्द दो जगह दो अर्थों में मिले, उसे तुरंत लिख लीजिए। हर शब्द के लिए तीन खाने बनाइए — शब्द, अर्थ, वाक्य। महीने भर में आपकी अच्छी-खासी सूची बन जाएगी।
क्या यह उपयोगी रहा?