प्र1.
विद्यालय के पुस्तकालय, अभिभावकों तथा अन्य स्रोतों से गंगा की सहायक नदियों के बारे में पता लगाइए। साथ ही यह भी पता कीजिए कि उनका उद्गम स्थान कौन-सा है और उनके किनारे कौन-कौन से प्रसिद्ध नगर स्थित हैं।
उत्तर
पहले यह समझिए — सहायक नदी वह नदी है जो आगे चलकर किसी बड़ी नदी में आकर मिल जाती है। पाठ में गंगा स्वयं कहती है — “वाराणसी से आगे बढ़ने पर मैं कई नदियों को अपनी गोद में लेती हुई बिहार राज्य में पहुँचती हूँ।” वे ही नदियाँ उसकी सहायक नदियाँ हैं।
पता कैसे लगाएँ — चार चरण:
- चरण 1 — विद्यालय के पुस्तकालय से भारत का मानचित्र या भूगोल की पुस्तक लीजिए।
- चरण 2 — मानचित्र में गंगा की मोटी नीली रेखा ढूँढ़िए और देखिए कि उसमें कौन-कौन सी पतली नीली रेखाएँ आकर मिल रही हैं।
- चरण 3 — हर नदी के लिए तीन बातें लिखिए — नाम, उद्गम स्थान (जहाँ से वह निकलती है), और किनारे बसे नगर।
- चरण 4 — घर पर बड़ों से और शिक्षक जी से पूछकर अपनी सूची जाँच लीजिए।
आपकी सहायता के लिए एक भरी हुई तालिका नीचे दी है। इसी ढाँचे में अपनी तालिका बनाइए —
| सहायक नदी | उद्गम स्थान | किनारे बसे प्रसिद्ध नगर | गंगा से कहाँ मिलती है |
|---|---|---|---|
| अलकनंदा | सतोपंथ हिमनद, उत्तराखंड | बद्रीनाथ, जोशीमठ, श्रीनगर (उत्तराखंड) | देवप्रयाग — यह पाठ में भी लिखा है |
| यमुना | यमुनोत्री हिमनद, उत्तराखंड | दिल्ली, मथुरा, आगरा | प्रयागराज का संगम — यह भी पाठ में है |
| रामगंगा | उत्तराखंड का पर्वतीय भाग | बरेली, मुरादाबाद | कन्नौज के पास |
| गोमती | पीलीभीत, उत्तर प्रदेश | लखनऊ, जौनपुर | ग़ाज़ीपुर के पास |
| घाघरा | हिमालय, तिब्बत की ओर | अयोध्या, फ़ैज़ाबाद | छपरा (बिहार) के पास |
| गंडक | नेपाल का हिमालयी भाग | बेतिया, हाजीपुर | पटना के पास |
| कोसी | नेपाल का हिमालयी भाग | सुपौल, कटिहार | कुरसेला (बिहार) के पास |
| सोन | अमरकंटक, मध्य प्रदेश | देहरी-ऑन-सोन, रोहतास | पटना के पास |
ध्यान दीजिए: ऊपर की तालिका में केवल अलकनंदा और यमुना ही पाठ में छपी हैं। बाकी नदियों के नाम पुस्तकालय और मानचित्र से जुटाई गई जानकारी हैं, जिन्हें आप स्वयं भी खोजकर जाँच सकते हैं। यही इस अभ्यास का उद्देश्य है — किताब से आगे बढ़कर पता लगाना।
सुझाव: तालिका बनाने के बाद एक बड़े कागज़ पर गंगा की रेखा बनाइए और उसमें ये सहायक नदियाँ जोड़ते जाइए। ऐसा नक्शा बना लेने पर पूरी बात एक नज़र में याद हो जाती है। इसे कक्षा की दीवार पर भी लगाया जा सकता है।