कक्षा ५ हिंदी अध्याय 11 रंगों का संसार के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
हरा रंग — सामग्री : पालक, मेहँदी, पुदीना या हरा धनिया, पानी। विधि : पालक के पत्तों को पानी में उबालिए और फिर पीस लीजिए। इस मिश्रण को छानकर गाढ़ा हरा रंग तैयार किया जा सकता है। पुदीना, धनिया व पालक की पत्तियों को धूप में सुखाकर और उसका पाउडर बनाकर आप हरे रंग को तैयार कर सकते हैं।
उत्तर

हरा रंग दो तरीक़ों से बन सकता है — गीला रंग (पीसकर) और सूखा रंग (पाउडर बनाकर)। दोनों की विधि नीचे चरणों में दी गई है।

क्या चाहिएगीला हरा रंगसूखा हरा पाउडर
सामग्रीपालक के पत्ते, पानीपुदीना, धनिया या पालक की पत्तियाँ
चरण 1पालक के पत्तों को अच्छी तरह धो लीजिए।पत्तियों को धोकर उनका पानी सुखा लीजिए।
चरण 2पत्तों को पानी में उबालिए। यह काम बड़ों से कराइए।पत्तियों को धूप में तब तक सुखाइए जब तक वे कड़क न हो जाएँ।
चरण 3उबले पत्तों को पीस लीजिए।सूखी पत्तियों को हाथ से मसलकर या सिल पर पीसकर बारीक पाउडर बनाइए।
चरण 4मिश्रण को कपड़े या छलनी से छान लीजिए — गाढ़ा हरा रंग तैयार।पाउडर को सूखी डिबिया में रखिए। ज़रूरत पड़ने पर थोड़े पानी में घोल लीजिए।
पाठ से नाता: मौसी ने बताया था — “उस समय ये रंग पत्तों, जड़ी-बूटियों, फूलों आदि से बनाए जाते थे।” यह विधि ठीक वैसी ही है। पालक का हरापन उसके पत्ते में ही होता है; उबालने और पीसने से वह पानी में उतर आता है।
सावधानी: उबालने का काम अकेले मत कीजिए — माता-पिता या शिक्षक के साथ ही कीजिए। गरम बरतन को कपड़े से पकड़िए।
प्र2.
पीला रंग — सामग्री : हल्दी पाउडर, पानी। विधि : एक चम्मच हल्दी पाउडर में थोड़ा पानी मिलाइए और इसे अच्छी तरह से घोलिए। हल्दी का रंग गहरा पीला होता है और इसे आप चित्रकारी के लिए आसानी से उपयोग कर सकते हैं।
उत्तर

यह सबसे आसान रंग है। रसोई की हल्दी से ही बन जाता है।

  1. चरण 1 — एक कटोरी में एक चम्मच हल्दी पाउडर डालिए।
  2. चरण 2 — उसमें थोड़ा-सा पानी डालिए। एक साथ बहुत पानी मत डालिए।
  3. चरण 3 — चम्मच से अच्छी तरह घोलिए, जब तक गुठलियाँ न रह जाएँ।
  4. चरण 4 — गहरा पीला रंग तैयार है। इससे कागज पर सीधे चित्र बनाइए।
यदि रंग…तो क्या कीजिए
बहुत गाढ़ा है और ब्रश पर नहीं फैलताबूँद-बूँद करके थोड़ा और पानी मिलाइए।
बहुत पतला है और कागज पर हलका दिखता हैथोड़ी और हल्दी मिलाकर फिर घोलिए।
गुठलियों वाला हैचम्मच से और घोलिए या छलनी से छान लीजिए।
ध्यान रखिए: हल्दी का दाग़ कपड़े पर पड़ जाए तो जल्दी नहीं जाता। इसलिए पुराना कपड़ा पहनकर या मेज़ पर अख़बार बिछाकर काम कीजिए। काम के बाद हाथ साबुन से धो लीजिए।
प्र3.
लाल रंग — सामग्री : चुकंदर, पानी। विधि : चुकंदर को छोटे टुकड़ों में काटकर पानी में उबालिए। इसके बाद इसे ठंडा होने दीजिए और फिर पीसकर छान लीजिए। इससे गहरा लाल रंग मिल जाएगा। आप इसे पानी के साथ पतला करके पेंट के रूप में भी प्रयोग कर सकते हैं।
उत्तर

चुकंदर का रस स्वयं ही गहरा लाल होता है, इसलिए उससे बहुत अच्छा लाल रंग बनता है।

  1. चरण 1 — चुकंदर को धोकर छोटे-छोटे टुकड़ों में कटवाइए। चाकू बड़ों से चलवाइए।
  2. चरण 2 — टुकड़ों को पानी में उबालिए। पानी लाल होने लगेगा।
  3. चरण 3 — बरतन को उतारकर ठंडा होने दीजिए। गरम मिश्रण को हाथ मत लगाइए।
  4. चरण 4 — ठंडा होने पर टुकड़ों को पीस लीजिए।
  5. चरण 5 — कपड़े या छलनी से छान लीजिए। गहरा लाल रंग तैयार है।
  6. चरण 6 — हलका गुलाबी-सा रंग चाहिए हो तो इसमें थोड़ा पानी मिलाकर पतला कर लीजिए। इसी को पेंट की तरह काम में लाइए।
छानना क्यों ज़रूरी है: पीसने के बाद मिश्रण में चुकंदर के रेशे रह जाते हैं। रेशे ब्रश में अटक जाते हैं और चित्र पर धब्बे बना देते हैं। छानने से केवल साफ़ रंग बचता है।
गाढ़ा और पतला: एक ही रंग से दो रंग बनाए जा सकते हैं — बिना पानी मिलाए गहरा लाल, और पानी मिलाकर हलका गुलाबी। इसी तरह अजंता के कारीगर भी एक ही रंग के गहरे-हलके रूप बनाते होंगे।
प्र4.
नीला रंग — सामग्री : नील (कपड़ों में लगाने वाला)। विधि : नीले रंग के लिए नील को पानी में मिला लीजिए।
उत्तर

यह सबसे छोटी विधि है — केवल दो चरण।

  1. चरण 1 — एक कटोरी साफ़ पानी लीजिए।
  2. चरण 2 — उसमें ज़रा-सा नील मिलाइए और घोल लीजिए। नीला रंग तैयार है।
नील क्या है: नील वह चीज़ है जो घरों में सफ़ेद कपड़े धोते समय पानी में डाली जाती है, ताकि कपड़े और उजले दिखें। इसका रंग बहुत गहरा नीला होता है, इसलिए बहुत थोड़ा-सा ही काफ़ी रहता है।
सावधानी: नील बहुत तेज़ रंग देता है। पहले चुटकी भर डालकर देखिए। यदि रंग हलका लगे तो और मिलाइए — पर एक बार अधिक डल गया तो वापस नहीं निकाला जा सकता। नील हाथ और कपड़ों पर लग जाए तो जल्दी नहीं छूटता, इसलिए ध्यान से काम कीजिए।
प्र5.
भूरा रंग — सामग्री : कॉफी पाउडर या चाय की पत्तियाँ, पानी। विधि : थोड़ा-सा कॉफी पाउडर या चाय की पत्तियों को पानी में उबाल लीजिए। इसे ठंडा करके प्रयोग कीजिए। इससे भूरा रंग तैयार होगा।
उत्तर

भूरा रंग रसोई की दो साधारण चीज़ों से बन जाता है — कॉफी या चाय की पत्ती।

  1. चरण 1थोड़ा-सा कॉफी पाउडर या चाय की पत्तियाँ लीजिए।
  2. चरण 2 — उन्हें पानी में उबाल लीजिए। पानी भूरा होने लगेगा। यह काम बड़ों की देख-रेख में कीजिए।
  3. चरण 3 — बरतन उतारकर ठंडा होने दीजिए।
  4. चरण 4 — चाय की पत्ती को छानकर हटा दीजिए और रंग काम में लाइए।
पाँचों रंग एक नज़र मेंकिससे बनता हैमुख्य क्रिया
हरापालक, मेहँदी, पुदीना या हरा धनियाउबालना और पीसना (या सुखाकर पाउडर बनाना)
पीलाहल्दी पाउडरपानी में घोलना
लालचुकंदरकाटना, उबालना, पीसना, छानना
नीलानीलपानी में मिलाना
भूराकॉफी पाउडर या चाय की पत्तियाँउबालना और ठंडा करना
सबसे बड़ी सीख: पाँचों रंग रसोई और आँगन की चीज़ों से बने — कोई डिबिया खरीदनी नहीं पड़ी। अजंता के कारीगरों ने भी यही किया था, तभी दो हजार वर्ष बाद भी उनके रंग फीके नहीं पड़े।
आगे कीजिए: गहरा और हलका भूरा दोनों बनाइए — अधिक कॉफी से गहरा, कम कॉफी से हलका। फिर इन्हीं पाँच रंगों से एक चित्र बनाइए और नीचे लिखिए कि कौन-सा रंग किस चीज़ से बनाया।
क्या यह उपयोगी रहा?