प्र1.
राजा को लड़के द्वारा न्याय करने के विषय में कैसे पता चला? (क) लड़के द्वारा की गई शरारतों को सुनकर (ख) लोगों द्वारा लड़के के न्याय की प्रशंसा सुनकर (ग) लड़के द्वारा अपने न्याय की बुराई सुनकर (घ) मंत्रियों द्वारा लड़के की बुद्धि की प्रशंसा सुनकर
उत्तर
तारा (✱) केवल एक विकल्प पर लगेगा — (ख) लोगों द्वारा लड़के के न्याय की प्रशंसा सुनकर।
“बात इधर-उधर फैलने लगी। लोग लड़के की न्याय-बुद्धि की चर्चा करने लगे…”
फिर — “धीरे-धीरे यह बात राजा के कानों तक पहुँची।”
फिर — “धीरे-धीरे यह बात राजा के कानों तक पहुँची।”
| विकल्प | सही / ग़लत | कारण |
|---|---|---|
| (क) लड़के की शरारतों को सुनकर | ग़लत | कहानी में लड़के की किसी शरारत की बात है ही नहीं। जो फैली, वह उसके न्याय की चर्चा थी। |
| (ख) लोगों द्वारा न्याय की प्रशंसा सुनकर | सही ✱ | पाठ यही कहता है — पहले लोगों में चर्चा फैली, फिर वही बात धीरे-धीरे राजा के कानों तक पहुँची। |
| (ग) लड़के द्वारा अपने न्याय की बुराई सुनकर | ग़लत | लड़का अपने बारे में कुछ कहता ही नहीं। और बुराई नहीं, प्रशंसा हो रही थी। |
| (घ) मंत्रियों द्वारा बुद्धि की प्रशंसा सुनकर | ग़लत | मंत्री ने राजा से कुछ नहीं कहा। उलटा, मैदान में जाकर राजा ने अपने मंत्री से कहा — “लड़का सचमुच बहुत बुद्धिमान है।” यह बात पता चलने के बाद की है, पहले की नहीं। |
ध्यान दीजिए: इस पाठ में कई प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर सही हैं, पर हर प्रश्न के नहीं। यहाँ पाठ में कारण एक ही बताया गया है, इसलिए तारा भी एक ही पर लगेगा।