प्र1.
चाँद के लिए कुरता सिलना एक कठिन कार्य है। इसलिए चाँद की माँ ने उसका कुरता सिलवाने के लिए एक विज्ञापन प्रकाशित किया है। इसे पढ़िए और इसका प्रचार-प्रसार कर चाँद की माँ की सहायता कीजिए।
उत्तर
पहले यह समझ लीजिए कि विज्ञापन क्या होता है — किसी बात या ज़रूरत की सूचना बहुत-से लोगों तक पहुँचाने के लिए जो छपवाया जाता है, उसे विज्ञापन कहते हैं। ‘प्रचार-प्रसार’ का अर्थ है — उस बात को दूर-दूर तक फैलाना।
अब देखिए कि इस विज्ञापन में क्या-क्या है और वह क्यों ज़रूरी है —
| विज्ञापन का भाग | उसमें क्या लिखा है | वह क्यों ज़रूरी है |
|---|---|---|
| शीर्षक | “चाँद की माँ की विशेष घोषणा!” | पहली नज़र में ही पता चल जाए कि यह किसकी ओर से है। |
| पुकार | “क्या आप हैं सबसे कुशल दर्ज़ी? क्या आप सिल सकते हैं ऐसा कुरता जो प्रतिदिन बदलते आकार में भी फिट आए?” | सीधे सवाल पूछने से पढ़ने वाला रुक जाता है और आगे पढ़ता है। |
| समस्या | “मेरा बेटा चाँद कभी एक अंगुल-भर छोटा तो कभी एक फुट मोटा हो जाता है। उसके लिए एक ऐसा कुरता चाहिए जो हर दिन उसके शरीर में फिट बैठ सके।” | काम क्या है, यह साफ़-साफ़ बताना ज़रूरी है, वरना कोई आवेदन ही नहीं करेगा। |
| आवश्यकता | “ऐसा कुरता जो अपने-आप छोटा-बड़ा हो सके। ऊन का मोटा झिंगोला ताकि ठंड से बच सके। यदि कुरता नहीं बन सकता तो भाड़े का भी चलेगा!” | शर्तें एक-एक करके लिखी हैं, जिससे दर्ज़ी को पता रहे कि क्या-क्या चाहिए। |
| पुरस्कार | “जो भी दर्ज़ी इस अद्भुत कुरते को सिलने में सफल होगा, उसे मिलेगा विशेष पुरस्कार!” | इनाम की बात सुनकर लोग काम करने को उत्सुक होते हैं। |
| स्थान | “चाँद की माँ का घर” | कहाँ जाना है, यह बताना ज़रूरी है। |
| संपर्क करें | “आकाशवाणी से संदेश भेजें” | बात कैसे करनी है, यह भी बताना पड़ता है। |
| अंतिम पंक्ति | “शीघ्र आवेदन करें क्योंकि चाँद ठंड से ठिठुर रहा है।” | जल्दी करने का कारण बता देने से लोग देर नहीं करते। |
अब प्रचार-प्रसार कैसे करें — सात तरीके:
- विज्ञापन को बड़े अक्षरों में चार्ट पेपर पर लिखकर रंगीन बनाइए और कक्षा के सूचना-पट्ट पर लगाइए।
- विद्यालय की प्रार्थना-सभा में इसे ऊँची आवाज़ में पढ़कर सुनाइए।
- दीवार-पत्रिका या हस्तलिखित पत्रिका में इसे चाँद के चित्र के साथ छापिए।
- छोटे-छोटे पर्चे बनाकर दूसरी कक्षाओं में बाँटिए।
- चाँद और दर्ज़ी का नाटक करके यही बात सबको दिखाइए।
- घर जाकर अपने मोहल्ले के दर्ज़ी चाचा को यह पढ़कर सुनाइए और उनसे पूछिए कि क्या ऐसा कुरता बन सकता है।
- अपने साथियों से कहिए कि वे भी इसे अपने घर में सुनाएँ — इस तरह बात एक से दस, दस से सौ लोगों तक पहुँच जाएगी।
ध्यान दीजिए: विज्ञापन में बात कम शब्दों में और बड़े अक्षरों में लिखी जाती है, ताकि दूर से पढ़ी जा सके। ऊपर वाले विज्ञापन में भी हर बात अलग-अलग शीर्षक के नीचे, एक-दो पंक्तियों में लिखी गई है।