यह पुस्तकालय जाकर करने वाला काम है। पहले जान लीजिए कि किस तरह की पुस्तकें ढूँढ़नी हैं और उन्हें कैसे ढूँढ़ें।
| किस तरह की सामग्री | उसमें क्या मिलेगा |
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| बच्चों की विज्ञान पत्रिकाएँ | चकमक (एकलव्य), फिरकी (एनसीईआरटी), विज्ञान प्रगति — इनमें आकाश, ग्रहों और तारों पर सरल और चित्रों वाले लेख छपते हैं। |
| बच्चों की कहानी-पत्रिकाएँ | नंदन, चंपक, बालहंस — इनमें चाँद-तारों की कहानियाँ और पहेलियाँ मिलती हैं। |
| एनबीटी और एनसीईआरटी की बाल पुस्तकें | नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) आकाश, ग्रहों और अंतरिक्ष यात्रियों पर बच्चों के लिए सस्ती और सुंदर पुस्तकें छापता है। |
| विज्ञान की चित्र-पुस्तकें (एटलस) | सौरमंडल के चित्र, ग्रहों की तालिका, चाँद की सतह की तस्वीरें। |
| अंतरिक्ष यात्रियों की कहानियाँ | राकेश शर्मा, कल्पना चावला, सुनीता विलियम्स और चंद्रयान की कहानियाँ। |
| लोककथाएँ और कविताएँ | ‘चंदा मामा’ की कहानियाँ, चाँद पर लिखी बाल-कविताएँ, दादी-नानी की सुनाई कथाएँ। |
| तारामंडल (प्लेनेटेरियम) | दिल्ली का नेहरू तारामंडल, मुंबई का नेहरू तारामंडल और कोलकाता का बिड़ला तारामंडल — यहाँ गुंबद पर तारे दिखाए जाते हैं। |
चरण 1 — पुस्तकालय के प्रभारी से कहिए कि आपको चाँद और आकाश पर पुस्तकें चाहिए।
चरण 2 — विज्ञान वाली अलमारी देखिए। पुस्तकें विषय के अनुसार रखी होती हैं।
चरण 3 — पुस्तक उठाकर पहले उसकी विषय-सूची (कहाँ क्या है) देखिए।
चरण 4 — जो पढ़ें, उसकी तीन-चार काम की बातें अपनी कॉपी में नोट कर लीजिए।
चरण 5 — पुस्तक का नाम और लेखक का नाम भी लिख लीजिए, ताकि कक्षा में बता सकें।
नमूना उत्तर (कक्षा में चर्चा के लिए): मैं अपने विद्यालय के पुस्तकालय गया और वहाँ मुझे आकाश पर एक चित्रों वाली पुस्तक मिली। उसमें सौरमंडल का बड़ा चित्र था। मैंने पढ़ा कि चाँद पृथ्वी का उपग्रह है और उसकी अपनी रोशनी नहीं होती — उस पर सूरज की रोशनी पड़ती है। यह पढ़कर मुझे ‘चाँद का कुरता’ कविता की बात और अच्छी तरह समझ आ गई कि चाँद रोज़ अलग क्यों दिखता है। मैंने चकमक पत्रिका में तारे पहचानने का एक लेख भी पढ़ा। अब मैं रात में सप्तर्षि तारे ढूँढ़ने की कोशिश करता हूँ।