कक्षा ५ हिंदी अध्याय 6 पुस्तकालय से के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
पुस्तकालय से अपने शिक्षक की सहायता से पंचतंत्र अथवा हितोपदेश में से उन कहानियों को ढूँढ़िए जिनमें पशु-पक्षियों और मनुष्यों के मध्य संवाद हों।
उत्तर

यह पुस्तकालय में जाकर करने वाला काम है। पंचतंत्र और हितोपदेश भारत के बहुत पुराने कहानी-संग्रह हैं। इनमें पशु-पक्षी आपस में और मनुष्यों से भी बातें करते हैं, और हर कहानी के अंत में एक सीख मिलती है।

कहानीकौन-कौन बात करते हैंसीख
ब्राह्मण और बकरा (पंचतंत्र)तीन ठग और एक ब्राह्मणएक ही झूठ बार-बार सुनकर आदमी उसे सच मान लेता है। खुद देखकर भरोसा कीजिए।
शेर और खरगोश (पंचतंत्र)एक घमंडी शेर और एक छोटा खरगोशछोटा प्राणी भी अपनी बुद्धि से बड़े को हरा सकता है — ठीक हमारे चित्रकार की तरह।
ब्राह्मण, चोर और राक्षस (पंचतंत्र)ब्राह्मण, चोर और राक्षसदो दुश्मन आपस में लड़ जाएँ तो तीसरा बच जाता है।
बंदर और मगरमच्छ (पंचतंत्र)एक चतुर बंदर और एक मगरमच्छमुसीबत में घबराइए मत, दिमाग से काम लीजिए।
कबूतर और शिकारी / चूहे की मित्रता (हितोपदेश)कबूतरों का राजा, शिकारी और चूहामिलकर काम करने से बड़ी-से-बड़ी मुसीबत टल जाती है।
बूढ़ा बाघ और यात्री (हितोपदेश)एक चालाक बाघ और एक लालची यात्रीलालच में आकर खतरे की ओर मत बढ़िए।
नीले सियार की कथा (पंचतंत्र)एक सियार और जंगल के जानवरझूठा रूप देर तक नहीं टिकता।
‘चतुर चित्रकार’ से सबसे मिलती-जुलती कहानी: शेर और खरगोश। उसमें भी एक शेर है, जो अपनी ताकत पर घमंड करता है, और एक छोटा-सा खरगोश है, जो उसे कुएँ में उसकी अपनी परछाईं दिखाकर हरा देता है। दोनों कहानियाँ एक ही बात कहती हैं — बुद्धि ताकत से बड़ी है
पुस्तकालय में ढूँढ़ने का तरीका:
  1. शिक्षक से पूछिए कि कहानियों की किताबें किस अलमारी में हैं।
  2. ‘पंचतंत्र’ और ‘हितोपदेश’ नाम वाली किताबें निकालिए।
  3. पहले विषय-सूची (कहाँ क्या है) पढ़िए — नाम से ही पता चल जाता है कि कहानी में जानवर हैं या नहीं।
  4. जो कहानी अच्छी लगे, उसका नाम, पात्र और सीख अपनी कॉपी में लिख लीजिए और कक्षा में सुनाइए।
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