कक्षा ५ हिंदी अध्याय 6 चतुर चित्रकार के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन 2026-09-19

इस अध्याय के बारे में

चतुर चित्रकार एक कविता है। इसके रचनाकार रामनरेश त्रिपाठी हैं। उनका नाम कविता के ठीक नीचे, पृष्ठ 62 पर छपा है। रामनरेश त्रिपाठी हिंदी के जाने-माने कवि थे। वे बच्चों के लिए ऐसी कविताएँ लिखते थे जो कहानी की तरह चलती हैं और अंत में एक सीख दे जाती हैं। यह कविता भी वैसी ही है। कविता एक सुनसान जगह से शुरू होती है। सुनसान यानी जहाँ कोई न हो, बिलकुल खाली। वहाँ एक चित्रकार बैठकर चित्र बना रहा है। तभी वहाँ ‘यम राजा का मित्र’ आ जाता है। यम राजा मृत्यु के देवता माने जाते हैं। यानी जो आया है, वह मौत जैसा डरावना है — वह शेर है। शेर को देखते ही चित्रकार के होश उड़ गए । नदी, पहाड़, पेड़ और पत्तों का चित्र बनाने का सारा जोश खत्म हो गया। पर उसने देखा कि शेर चुपचाप बैठा है, हमला नहीं कर रहा। इससे उसे कुछ हिम्मत आई और उसने कहा — “सुंदर चित्र बना दूँ, बैठ जाइए आप।” शेर मान गया। वह उकड़ू-मुकड़ू — यानी घुटने मोड़

  1. बातचीत के लिए
  2. पाठ से
  3. सोचिए और लिखिए
  4. अनुमान और कल्पना
  5. भाषा की बात
  6. कविता से कहानी
  7. बातचीत
  8. तुलना
  9. पाठ से आगे
  10. चित्रकार का विद्यालय
  11. खोजबीन
  12. जंगल में शांति और सुरक्षा
  13. पुस्तकालय से
  14. आज की पहेली
  15. दो मेंढकों की यात्रा
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