कक्षा ५ हिंदी अध्याय 6 आज की पहेली के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
चित्रकार जिस जंगल में गया था, वहाँ कौन-कौन से पेड़ हो सकते थे? आइए इस पहेली से पता लगाते हैं। इस पहेली को इसी कविता के कवि ने रचा है। अपने समूह में मिलकर पहेली बूझिए — “बाबूलाल मदन मुरलीधर इलाचंद्र हुबलाल। गिरिजाशंकर बेनीमाधव दंडपाणि यशपाल॥ गणपति काशीराम कलापी टहलराम घनश्याम। लेकर गए एक से दूने, कितने थे कुल आम?”
उत्तर

उत्तर — कुल 16383 आम थे।

पहले पहेली को सरल भाषा में समझिए। पहेली में 14 आदमियों के नाम हैं। ‘लेकर गए एक से दूने’ का अर्थ है — पहले आदमी ने कुछ आम लिए, दूसरे ने उससे दुगुने, तीसरे ने दूसरे से दुगुने, और इसी तरह आगे। पहला आदमी सबसे कम, यानी 1 आम लेकर गया।

पहेली में नाम गिनिए —
पहली पंक्ति: बाबूलाल, मदन, मुरलीधर, इलाचंद्र, हुबलाल = 5
दूसरी पंक्ति: गिरिजाशंकर, बेनीमाधव, दंडपाणि, यशपाल = 4
तीसरी पंक्ति: गणपति, काशीराम, कलापी, टहलराम, घनश्याम = 5
कुल = 5 + 4 + 5 = 14 आदमी

अब हर आदमी के आम गिनिए। हर बार पिछली संख्या को 2 से गुणा कीजिए —

क्रमनामकितने आम
1बाबूलाल1
2मदन2
3मुरलीधर4
4इलाचंद्र8
5हुबलाल16
6गिरिजाशंकर32
7बेनीमाधव64
8दंडपाणि128
9यशपाल256
10गणपति512
11काशीराम1024
12कलापी2048
13टहलराम4096
14घनश्याम8192
कुल जोड़16383
जोड़ इस तरह कीजिए —
1 + 2 = 3
3 + 4 = 7
7 + 8 = 15
15 + 16 = 31
31 + 32 = 63
63 + 64 = 127
127 + 128 = 255
255 + 256 = 511
511 + 512 = 1023
1023 + 1024 = 2047
2047 + 2048 = 4095
4095 + 4096 = 8191
8191 + 8192 = 16383
एक सुंदर पैटर्न देखिए: हर बार जोड़ का उत्तर 3, 7, 15, 31, 63… आ रहा है। हर उत्तर अगली संख्या से ठीक 1 कम है! जैसे 8192 से 1 कम = 8191, और 16384 से 1 कम = 16383। इसलिए बिना पूरा जोड़ लगाए भी उत्तर निकाला जा सकता है — आखिरी आदमी के आम को दुगुना करके उसमें से 1 घटा दीजिए। 8192 × 2 = 16384, और 16384 − 1 = 16383
मिलान: पुस्तक ने पृष्ठ 71 के नीचे उत्तर उलटे अक्षरों में छापा है — “उत्तर – 1. 16383 आम”। पन्ने को घुमाकर पढ़िए और अपना उत्तर मिला लीजिए। पास ही ‘शिक्षण-संकेत’ में यह भी लिखा है कि बच्चे अलग-अलग उत्तर दे सकते हैं, इसलिए शिक्षक धैर्य से सही उत्तर तक पहुँचने में मदद करें।
प्र2.
ऊपर दी गई कविता में 12 पेड़ों के नाम छिपे हैं। उन नामों को ढूँढ़िए, जैसे – गणपति, कलापी और टहलराम शब्दों में से ‘पीपल’ निकलता है। कोई एक अक्षर कई नामों के लिए भी प्रयुक्त हो सकता है।
उत्तर

पहेली में छिपे बारह पेड़ ये हैं — आम, पीपल, नीम, शीशम, जामुन, बबूल, कटहल, महुआ, बेल, इमली, बरगद, कदंब

ढूँढ़ने का तरीका यह है — आदमियों के नामों में से एक-एक अक्षर उठाइए और उन्हें जोड़कर पेड़ का नाम बनाइए। एक ही अक्षर कई पेड़ों के लिए काम आ सकता है। नीचे पूरी भरी हुई तालिका दी गई है।

क्रमपेड़ का नामअक्षर कहाँ से मिले
1आमकाशीराम · टहलराम · घनश्याम — इन नामों के अंत में ही ‘आम’ बैठा है।
2पीपलकलापी + गणति + टहराम (यह उदाहरण पुस्तक ने खुद दिया है)
3नीमबेनीमाधव + काशीरा
4शीशमकाशीराम + यपाल + घनश्या
5जामुनगिरिजाशंकर + मुरलीधर + मद
6बबूलहुलाल + बाबूलाल + बाबूला
7कटहललापी + टहलराम + टहराम
8महुआदन + हुबलाल + इलचंद्र (‘ा’ की मात्रा से ‘आ’)
9बेलबेनीमाधव + यशपा
10इमलीलाचंद्र + दन + मुरलीधर
11बरगदहुलाल + मुरलीध + णपति + म
12कदंबलापी + दंडपाणि + हुलाल
मिलान: पुस्तक ने पृष्ठ 71 के नीचे उत्तर उलटे अक्षरों में छापा है — “2. पेड़ों के नाम — आम, पीपल, नीम, शीशम, जामुन, बबूल, कटहल, महुआ, बेल, इमली, बरगद, कदंब”। पन्ने को घुमाकर पढ़िए। हमारे उत्तर से यह पूरी तरह मिल जाता है।
ढूँढ़ने का आसान तरीका (तीन कदम):
  1. पहले अपने आसपास दिखने वाले पेड़ों के नाम एक कागज़ पर लिख लीजिए — आम, नीम, पीपल, बरगद, इमली, बबूल…
  2. अब हर पेड़ के नाम को अक्षरों में तोड़िए — जैसे नी + म।
  3. फिर पहेली की पंक्तियों में वे अक्षर ढूँढ़िए। मिल जाएँ तो पेड़ का नाम पक्का!
करके देखिए: अपने समूह में यही खेल खुद बनाइए। अपने साथियों के नामों से कोई फल या फूल का नाम निकालिए — जैसे सीता, तारा और बलू से ‘सीताब’ नहीं, पर केशव और लाल से ‘केला’ ज़रूर निकल आएगा!
क्या यह उपयोगी रहा?