इस पंक्ति में छिपा मुहावरा है — होश उड़ना। पंक्ति में इसी के नीचे रेखा खींचिए —
अर्थ — बहुत डर जाना; डर के मारे कुछ न सूझना।
अपना वाक्य: बिजली अचानक चली गई और अँधेरे में आवाज़ सुनकर मेरे होश उड़ गए।
अद्यतन2026-09-19
इस पंक्ति में छिपा मुहावरा है — होश उड़ना। पंक्ति में इसी के नीचे रेखा खींचिए —
अर्थ — बहुत डर जाना; डर के मारे कुछ न सूझना।
अपना वाक्य: बिजली अचानक चली गई और अँधेरे में आवाज़ सुनकर मेरे होश उड़ गए।
इस पंक्ति में छिपा मुहावरा है — जोश न रह जाना (इसे जोश ठंडा पड़ना भी कहते हैं)। रेखा इस तरह खींचिए —
अर्थ — उत्साह और उमंग बिलकुल खत्म हो जाना; मन उचट जाना।
अपना वाक्य: बारिश शुरू होते ही मेला देखने का सारा जोश ठंडा पड़ गया।
इस पंक्ति में छिपा मुहावरा है — जी भर के साँस लेना (इसी को चैन की साँस लेना भी कहते हैं)। रेखा इस तरह खींचिए —
अर्थ — खतरे से निकल जाने पर राहत महसूस करना।
अपना वाक्य: खोया हुआ बस्ता मिल जाने पर मैंने जी भर के साँस ली।
इस पंक्ति में दो मुहावरे छिपे हैं। दोनों के नीचे रेखा खींचिए —
| मुहावरा | अर्थ | यहाँ का भाव |
|---|---|---|
| धोखा खाना | ठगा जाना, किसी की चाल में आ जाना | शेर चित्रकार की बात पर भरोसा करके पीठ फेर बैठा और ठगा गया। |
| झुँझलाहट में चूर होना | खीझ और चिढ़ से भर जाना | चित्रकार को न पाकर शेर खीझ से भर गया। ‘चूर’ यानी पूरी तरह डूबा हुआ। |
अपने वाक्य: मीठी-मीठी बातों पर भरोसा करके वह धोखा खा गया। · बार-बार गलती होने पर वह झुँझलाहट में चूर हो गया।
नीचे हर मुहावरे के दो-दो वाक्य दिए गए हैं। इन्हें पढ़कर अपने मन से भी ऐसे ही वाक्य बनाइए।
| मुहावरा | अर्थ | वाक्य |
|---|---|---|
| होश उड़ना | बहुत डर जाना | 1. सामने साँप देखकर मेरे होश उड़ गए। 2. परीक्षा का परिणाम सुनते ही मोहन के होश उड़ गए। |
| जोश न रह जाना / जोश ठंडा पड़ना | उत्साह खत्म हो जाना | 1. लगातार दो मैच हारने पर टीम का जोश ठंडा पड़ गया। 2. चोट लगते ही दौड़ में भाग लेने का सारा जोश न रह गया। |
| जी भर के साँस लेना | राहत महसूस करना | 1. बीमार दादी को ठीक देखकर सबने जी भर के साँस ली। 2. गुम हुआ छोटा भाई मिल गया, तब माँ ने जी भर के साँस ली। |
| धोखा खाना | ठगा जाना | 1. चमकती हुई चीज़ को सोना समझकर वह धोखा खा गया। 2. बिना जाँचे भरोसा करने वाला अकसर धोखा खाता है। |
| झुँझलाहट में चूर होना | खीझ से भर जाना | 1. घंटों बस का इंतज़ार करके यात्री झुँझलाहट में चूर थे। 2. बार-बार वही सवाल सुनकर वह झुँझलाहट में चूर हो गया। |
पहले तीन क्रिया शब्दों का भाव समझ लीजिए, जो पुस्तक ने खुद बताया है —
अब पुस्तक की तालिका के दोनों खाने भरे हुए देखिए। ‘आना’ और ‘निकल पड़ना’ के वाक्य पुस्तक में पहले से दिए हैं; बाकी सब भरे गए हैं।
| आने के लिए क्रिया शब्द | जाने के लिए क्रिया शब्द |
|---|---|
| आना – वह मेरे पास आया। (पुस्तक में दिया हुआ) | निकल पड़ना – मैं साहसिक यात्रा के लिए निकल पड़ा। (पुस्तक में दिया हुआ) |
| पहुँचना – हम ठीक समय पर विद्यालय पहुँच गए। | रवाना होना – बारात सवेरे छह बजे रवाना हुई। |
| दाखिल होना – मेरी बहन इस वर्ष कक्षा छह में दाखिल हुई है। | उड़ना – दाना देखकर कबूतर छत से उड़ गया। |
| प्रवेश करना – घंटी बजते ही बच्चों ने कक्षा में प्रवेश किया। | फिसलना – गीली सीढ़ी पर पैर फिसल गया। |
| उपस्थित होना – सभी विद्यार्थी प्रार्थना सभा में उपस्थित थे। | खिसकना – वह चुपचाप भीड़ में से खिसक गया। |
यह वाक्य पुस्तक में उदाहरण के रूप में पहले से हल किया हुआ है। इसे समझ लीजिए, आगे के सब वाक्य आसान हो जाएँगे।
| संज्ञा शब्द | उसकी जगह सर्वनाम |
|---|---|
| शेर को | उसे |
| चित्रकार को | उसको |
खाली जगह में आएगा — वह।
यहाँ रेखांकित संज्ञा ‘चित्रकार’ है। वह एक पुरुष है, अकेला है और वाक्य में काम करने वाला (कर्ता) है। ऐसे में उसकी जगह ‘वह’ आता है।
खाली जगह में आएगा — वह।
यहाँ भी संज्ञा ‘चित्रकार’ ही है और वही बैठने का काम कर रहा है। इसलिए उसकी जगह ‘वह’ आएगा।
खाली जगह में आएगा — वह।
यहाँ रेखांकित संज्ञा ‘शेर’ है। वह एक ही है और वाक्य का कर्ता है, इसलिए उसकी जगह ‘वह’ आएगा।
खाली जगह में आएगा — उन दोनों (केवल उनके भी लिख सकते हैं)।
वार्तालाप का अर्थ है — आपस में बातचीत।
| कितने हैं | कौन-सा सर्वनाम | उदाहरण |
|---|---|---|
| एक | वह, उसे, उसको, उसके | वह नाव में बैठ गया। |
| एक से अधिक | वे, उन्हें, उनको, उनके, उन दोनों | उन दोनों के बीच वार्तालाप हुआ। |