कक्षा ५ हिंदी अध्याय 6 चित्रकार का विद्यालय के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन2026-09-19

प्र1.
कल्पना कीजिए कि चित्रकार ने जंगल में एक चित्रकला विद्यालय खोला है। आप इस विद्यालय का कोई नाम सुझाइए और इसके बारे में कुछ वाक्य अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।
उत्तर

पुस्तक के चित्र में विद्यालय के ऊपर एक खाली पट्टी बनी है। उसी में विद्यालय का नाम लिखना है। नीचे कुछ नाम और एक पूरा नमूना परिचय दिया गया है।

सुझाया गया नामयह नाम क्यों अच्छा है
हरित वन चित्रकला विद्यालय‘हरित’ यानी हरा। नाम सुनते ही जंगल की हरियाली याद आ जाती है।
रंगवनरंग + वन। बहुत छोटा नाम है, इसलिए झट याद हो जाता है।
सरदार चित्रशालाशेर को कविता में ‘जंगल का सरदार’ कहा गया है। यह नाम उसी की याद दिलाता है।
तूलिका वन विद्यालय‘तूलिका’ यानी चित्र बनाने वाली कूँची। नाम से ही काम पता चल जाता है।
चतुर चित्रकार चित्रशालापाठ के नाम से जुड़ा हुआ नाम है, इसलिए सबको पहचाना-सा लगेगा।

नमूना परिचय (यही अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए):

हमारे विद्यालय का नाम है — हरित वन चित्रकला विद्यालय। यह घने जंगल के बीच, झील के किनारे बना है। इसे उसी चित्रकार ने खोला है, जो कभी शेर से बचकर भागा था। अब वही चित्रकार जंगल के सब जानवरों को चित्र बनाना सिखाता है। यहाँ न कोई बड़ा है, न छोटा — हाथी भी सीखता है और गिलहरी भी।

यहाँ की कक्षाएँ किसी कमरे में नहीं, पेड़ों की छाया में लगती हैं। श्यामपट्ट की जगह चौड़े पत्ते हैं और रंग फूलों, हल्दी और मिट्टी से बनाए जाते हैं। सोमवार को पेड़-पौधों के चित्र बनते हैं, बुधवार को पक्षियों के और शनिवार को सब मिलकर एक बड़ा चित्र बनाते हैं। साल के अंत में झील किनारे एक चित्र-प्रदर्शनी लगती है, जिसे देखने पूरा जंगल आता है। यहाँ का सबसे बड़ा नियम एक ही है — रोज़ थोड़ा-सा अभ्यास

लिखने का तरीका: परिचय में ये बातें ज़रूर आनी चाहिए — विद्यालय कहाँ है, किसने खोला, कौन पढ़ता है, क्या-क्या सिखाया जाता है, और उसमें खास क्या है।
प्र2.
इस विद्यालय के बारे में एक आकर्षक विज्ञापन बनाइए जिसे पढ़कर जंगल के पशु-पक्षियों में इस विद्यालय में प्रवेश लेने की इच्छा जाग जाए। (जैसे – प्रवेश जारी है। एक अनोखा विद्यालय, आपके पड़ोस में, आइए और सीखिए…)
उत्तर

विज्ञापन वह होता है जो थोड़े शब्दों में बहुत बात कह दे और पढ़ने वाले का मन खींच ले।

अच्छे विज्ञापन में पाँच चीज़ें होती हैं:
  1. बड़ा-सा शीर्षक जो एक नज़र में दिख जाए।
  2. क्या मिलेगा — तीन-चार बातें, बहुत छोटी पंक्तियों में।
  3. किसके लिए है — यहाँ जंगल के सब पशु-पक्षी।
  4. कब और कहाँ — समय और जगह।
  5. बुलावा — “आइए और सीखिए!”

नमूना विज्ञापन:

✱ प्रवेश जारी है ✱

हरित वन चित्रकला विद्यालय
झील के किनारे, बरगद वाले मोड़ पर

• रंग बनाना सीखिए — फूलों, पत्तों और मिट्टी से
• अपना चित्र खुद बनाइए — पहली कक्षा में ही!
• कक्षाएँ पेड़ों की ठंडी छाया में
• शुल्क कुछ नहीं — बस रोज़ आइए

सबके लिए खुला — हाथी हों या चींटी, मोर हों या मेंढक।
समय — हर सवेरे, सूरज निकलने के बाद।

आइए और सीखिए। आपका चित्र आपका इंतज़ार कर रहा है!

एक और छोटा नमूना (नारे जैसा):

रंग हैं, कागज है, गुरु भी हैं —
बस आप नहीं हैं!
आज ही आइए — रंगवन चित्रशाला।
बनाते समय: अपनी कॉपी में विज्ञापन के चारों ओर बॉर्डर बनाइए, शीर्षक बड़े और रंगीन अक्षरों में लिखिए, और किनारे पर कूँची, रंगों की तश्तरी या किसी जानवर का छोटा-सा चित्र बना दीजिए। विज्ञापन देखने में जितना सुंदर होगा, उतना ही असर करेगा।
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