प्र1.
चित्रकार ने जंगल के किस स्थान पर चित्र बनाना शुरू किया? (क) नदी के किनारे (ख) सुनसान जगह (ग) पेड़ों के नीचे (घ) पहाड़ की चोटी पर
उत्तर
तारे का चिह्न (✱) केवल एक विकल्प पर बनेगा — (ख) सुनसान जगह।
कविता की पहली ही पंक्ति उत्तर दे देती है —
“चित्रकार सुनसान जगह में, बना रहा था चित्र,
इतने ही में वहाँ आ गया, यम राजा का मित्र।”
“चित्रकार सुनसान जगह में, बना रहा था चित्र,
इतने ही में वहाँ आ गया, यम राजा का मित्र।”
सुनसान का अर्थ है — जहाँ कोई न हो, बिलकुल खाली और चुपचाप जगह।
| विकल्प | सही / ग़लत | कारण |
|---|---|---|
| (क) नदी के किनारे | ग़लत | कविता में ‘नदी’ शब्द आया ज़रूर है, पर वह उस चित्र के बारे में है जो वह बना रहा था — “नदी, पहाड़, पेड़, पत्तों का, रह न गया कुछ जोश।” और बाद में जो पानी आता है वह नदी नहीं, झील है — “झील किनारे नाव थी।” |
| (ख) सुनसान जगह | सही ✱ | यही शब्द कविता में सीधे-सीधे छपा है। सुनसान जगह इसलिए भी ठीक बैठती है, क्योंकि वहाँ आसपास कोई नहीं था — तभी तो शेर के आने पर उसकी मदद करने वाला भी कोई नहीं था। |
| (ग) पेड़ों के नीचे | ग़लत | ‘पेड़’ शब्द भी सिर्फ़ चित्र के विषयों की सूची में आया है, बैठने की जगह के रूप में नहीं। कविता कहीं नहीं कहती कि वह पेड़ के नीचे बैठा था। |
| (घ) पहाड़ की चोटी पर | ग़लत | ‘पहाड़’ भी उसी सूची का शब्द है। इसके अलावा, पहाड़ की चोटी पर बैठा होता तो झील किनारे रखी नाव तक इतनी जल्दी न पहुँच पाता। |
सीखने की बात: बहुविकल्पी प्रश्न में अकसर वही शब्द विकल्पों में रख दिए जाते हैं, जो पाठ में किसी दूसरे अर्थ में आए हैं। इसलिए हर विकल्प को पाठ की पूरी पंक्ति से मिलाकर देखिए, अकेले शब्द से नहीं।